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देश को बाहर से कम, भीतर से ज्यादा खतरा : राठौर

Thu, 21 Jan 2016 02:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Thu, 21 Jan 2016 02:08 AM IST
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केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा कि देश को बाहर से ज्यादा भीतर से खतरा है। 21वीं सदी में आतंकवाद का बोलबाला रहेगा। सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व पर खतरा मंडराएगा। ऐसे में देश के हर नागरिक को चौकन्ना रहना होगा।
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बुधवार को परीक्षितगढ़ मार्ग पर आकाशवाणी केंद्र का शिलान्यास करने के बाद पत्रकारों से वार्ता में राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा कि पठानकोट हमले को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। लेकिन हमें पता है कि इस समय सरकार रिएक्टिव नहीं, बल्कि प्री एक्टिव है।
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आज हमारे ऊपर अंतरराष्ट्रीय दबाव नहीं है और पूरा कंट्रोल केंद्र सरकार के हाथ में है। डेढ़ साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश यात्राओं में यही किया है। राजनीति और कूटनीतिक तरीकों को अपनाते हुए देश की तरक्की के लिए कदम उठाये जा रहे हैं। इंटेलीजेंस, पुलिस और सेना सभी चौकस है।
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लेकिन देश के नागरिकों को भी आंख, नाक और कान खुले रखने होंगे, सिर्फ सैन्य बल के भरोसे आतंकवाद से मुकाबला नहीं हो सकता है। क्योंकि ये दुश्मन देश के भीतर बैठे हैं।
 
गन्ना किसानों की समस्या पर राठौर ने कहा कि इस समस्या का पूरा समाधान राज्य सरकार के हाथ में है। छह हजार करोड़ जो केंद्र ने देने का प्रस्ताव दिया था, उसे राज्य सरकार ने नहीं लिया। जनता केंद्र का हस्तक्षेप चाहती है, लेकिन संविधान और नियमों की बाध्यता आड़े आ रही है।

फिर भी प्रधानमंत्री को जनता की तरफ से आये सुझावों से अवगत कराया जाएगा। कुछ ऐसा जरूर कराने का प्रयास किया जायेगा, जिससे केंद्र सरकार का नियंत्रण गन्ना किसानों की समस्याओं पर बन सके। आकाशवाणी और दूरदर्शन के घटते श्रोताओं और दर्शकों पर राठौर ने कहा कि लगातार सुधार हो रहा है। शीघ्र ही हम दूरदर्शन को आधुनिक सिस्टम से लैस कर देंगे।

खेल और खिलाड़ियाें को लेकर मोदी सरकार द्वारा हो रही उपेक्षा पर केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि क्रिकेट को छोड़कर देश में बाकी जो भी खेल हैं, वह सरकार के दम पर ही जिंदा हैं। केंद्र सरकार इस दिशा में बेहतर प्रयास कर रही है, लेकिन राज्य सरकारों की तरफ से उदासीनता बनी हुई है। यदि राज्य सरकारें स्टेडियम व अन्य सुविधाओं पर गौर करें तो स्थिति बेहतर हो सकती है।

एम्स जैसा चाहिए अस्पताल, दवा मूल्य पर हो नियंत्रण
शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने राज्यवर्धन सिंह राठौर के समक्ष देश की व्यवस्था पर सवाल किए और सुझाव भी दिए। शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक राजीव अग्रवाल ने कहा कि फ्लाईओवर या मेट्रो चलाने से नहीं, बल्कि जनसंख्या नियंत्रण से देश की व्यवस्था में सुधार आयेगा।

आईएमए हॉल में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था कैसे हो, दवा मूल्य पर नियंत्रण, टैक्स की विषमताओं, पश्चिमी क्षेत्र में ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टीट्यूट की तरह एक बड़ा अस्पताल बनवाने, स्मार्ट सिटी, एयरपोर्ट, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण आदि पर चर्चा के साथ सुझाव दिए।

केएमसी अस्पताल के मालिक डा. सुनील गुप्ता ने कहा कि कुछ बड़े अस्पताल खोले जाएं, भले ही उन्हें पीपीपी मॉडल पर तैयार किया जाये। लेकिन यदि जनता को अच्छी और सुलभ चिकित्सा सेवा उपलब्ध करानी है तो सरकार को इस तरफ गंभीरता से ध्यान देना होगा।
 
राज्यवर्धन राठौर ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री का दूत बनकर आया हूं। मुख्य रूप से यह दौरा बजट को लेकर था, लेकिन जो भी सुझाव मिले, वह पीएम को जरूर बताऊंगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईएमए अध्यक्ष डा. तनुराज सिरोही ने की और संचालन ब्रजभूषण गर्ग व डा. शिशिर ने संयुक्त रूप से किया।


सुझाव देने वालों में डा. विश्वजीत बैंबी, विरोत्तम तोमर, जेवी चिकारा, अनुपमा सिरोही, मीतू सिंह, एमके शर्मा आदि के साथ सीए अमरीश वशिष्ठ, इंजीनियर एसके कंसल, कर्ण सिंह, पीएस संगल, सीपी गुप्ता, प्रोफेसर मनोज सिवाच, एडवोकेट महेश प्रसाद, नरोत्तम गर्ग, रूप चंद, प्रेम चंद जैन, सतेंद्र जैन, प्रदीप जैन, मनोज मांगलिक शामिल रहे। इस दौरान सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, रविंद्र भड़ाना मौजूद रहे।
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