मेरठ: पुलिस ने भाजपा पार्षद के बेटे को पीटा, कार्यकर्ताओं ने लगाया गुंडागर्दी का आरोप, थाने में जमकर हंगामा, ये है पूरा मामला
मेरठ में गंगानगर पुलिस ने सोमवार को भाजपा पार्षद के बेटे को पीटा और फिर उसे थाने ले आई। इसके विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाना घेर लिया। उन्होंने पुलिस पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया और धरना दिया। करीब चार घंटे तक हंगामा चला। मामला बढ़ा तो दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया। इसके बाद ही भाजपा कार्यकर्ता शांत हुए। वहीं, पुलिस गलतफहमी में यह सब होने की बात कहती रही।
सोमवार को गंगानगर में आईआईएमटी कॉलेज के पास मारपीट और फायरिंग की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। पुलिस ने बताया कि एक छात्र पर हमला करने वाले युवक भाग गए थे। इसी दौरान एक युवक ने पुलिस को बताया कि स्विफ्ट कार में बैठे दो युवक हमले में शामिल थे। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और पीटना शुरू कर दिया। एक युवक चिल्लाता रहा कि वह बेकसूर है और भाजपा पार्षद गुलबीर सिंह का बेटा है। पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी और उन्हें पीटते हुए थाने ले गई। बाद में भाजपा पार्षद गुलबीर सिंह, भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष वीनस शर्मा व पार्षद संघ के अध्यक्ष विपिन जिंदल, अंशुल गुप्ता, विजय सोनकर अनुज वशिष्ठ, ललित नागदेव, सौरभ गौड़, व्यापारी नेता नीरज मितल सहित अन्य थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस पर गुंडागर्दी का आरोप लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। काफी विरोध के बीच पुलिस ने पार्षद गुलबीर के बेटे प्रिंस व उसके दोस्त सोनू को छोड़ दिया और गलतफहमी में दोनों को पकड़ने की बात कही।
हंगामे की सूचना पर आला अफसर भी पहुंचे और समझाने का प्रयास किया। लेकिन भाजपा कार्यकर्ता दरोगा योगेंद्र को निलंबित कराने की मांग पर अड़ गए। उनका आरोप था कि योगेंद्र ने पार्षद के बेटे के साथ मारपीट और बदसलूकी भी की है। वह भाजपा नेताओं पर भी कटाक्ष कर रहे थे। बाद में एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया। उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी देखी जा रही है। दरोगा के लाइन हाजिर बात सुनने के बाद भाजपाई धरने से उठे और फिर वहां से चले गए।
यह था मामला...
सोमवार दोपहर एक बजे के करीब कसेरू बक्सर निवासी आदर्श आईआईएमटी विवि में किसी काम से जा रहा था। आईआईएमटी चौराहे के पास उसका कुछ युवकों से झगड़ा हो गया। आरोप है कि चार युवकों ने मिलकर आदर्श को बुरी तरह पीट दिया। उसके सिर में गंभीर चोट आई। उसने थाने पहुंचकर मारपीट और खुद पर फायरिंग की जानकारी दी। तहरीर मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। इसके बाद ही आगे का सारा घटनाक्रम हुआ।
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पार्षद के साथ पार्टी पर गलत टिप्पणी पर भड़के
भाजपा पार्षद गुलबीर सिंह का कहना है कि जीप में इंस्पेक्टर, दरोगा और चार पुलिसकर्मी थे। बेटे ने पुलिसकर्मियों को बताया कि वह पार्षद के बेटे हैं। मारपीट और फायरिंग से उसका कोई लेना देना नहीं है। कार पर पार्षद की नंबर प्लेट लगी थी। इस पर पुलिसकर्मियों ने टिप्पणी कर दी। बोले-पार्षद की नंबर प्लेट की जगह राष्ट्रपति के नाम की नंबर प्लेट लगा लेते। पुलिस के इस रवैये को लेकर आक्रोश बढ़ गया। चार घंटे थाने में दरोगा पर कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी होती रही।
इंस्पेक्टर नए थे, बाकी तो जानते थे
पुलिस ने तर्क दिया कि गलतफहमी में पार्षद के बेटे के साथ यह घटना हुई है। इस पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि इंस्पेक्टर नए थे, लेकिन दरोगा तो पुराने थे। जीप में बैठे हुए चार पुलिसकर्मी भी प्रिंस को जानते थे। इंस्पेक्टर ऋषिपाल सिंह से उन्हें कोई नाराजगी नहीं है, लेकिन दरोगा योगेंद्र को निलंबित किया जाए।
हमला करने वालों को भूल गई पुलिस
पार्षद पुत्र को पकड़ने को लेकर हंगामे के बाद पुलिस छात्र के साथ मारपीट, फायरिंग करने वालों को भूल गई। पीड़ित छात्र कहता रहा कि हमलावरों को पकड़ लो। लेकिन थाना पुलिस तो खुद की जान बचाने में जुटी हुई थी। पुलिस ने छात्र को थाने से चलता कर दिया कि वह अपनी शिकायत कल बताएं।
छात्र के साथ मारपीट और फायरिंग की सूचना पर गंगानगर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पार्षद के बेटे के साथ पुलिस ने मारपीट नहीं की। जानकारी लेने के लिए उसको थाने लाए थे। इस मामले में विधिक कार्रवाई कराई जा रही है। - केशव कुमार,एसपी देहात
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