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मेरठ: सोतीगंज से जुड़े फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने वालों का भंडाफोड़, आरोपी से पूछताछ जारी
Thu, 31 Mar 2022 01:43 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Thu, 31 Mar 2022 01:43 PM IST
सार
मेरठ के सोतीगंज से जुड़े फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने वालों का भंडाफोड़। एसओजी और लिसाड़ी गेट पुलिस की आरोपी नौशाद से पूछताछ जारी।
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आरोपी नौशाद
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मेरठ। सोतीगंज के वाहन माफिया से जुड़े फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने वाले गैंग का बुधवार को पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। पुलिस ने एक आरोपी नौशाद निवासी नीचा सद्दीकनगर लिसाड़ीगेट गिरफ्तार कर लिया। एक नंबर प्लेट भीलवाड़ा राजस्थान में डॉक्टर की गाड़ी की फर्जी नंबर प्लेट बनाई हुई थी। देर रात तक पुलिस मामले की छानबीन करने में जुटी रही।
एसओजी और लिसाड़ीगेट की पुलिस ने बुधवार को नीचा सद्दीकनगर में छापा मारा। जहां पर नौशाद को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान नौशाद के घर से काफी संख्या में फर्जी नंबर प्लेट बनाई जा रही हैं। टीम ने लिसाड़ीगेट पुलिस के साथ मिलकर बुधवार एसओजी टीम ने ताला तोड़ा, जहां से हाई सिक्योरिटी फर्जी नंबर प्लेट बरामद की। बताया है कि नौशाद उर्फ खलीफा काफी समय से फर्जी नंबर प्लेट बनाने का काम कर रहा है।
यह भी पढ़ें: मेरठ: तीन दिन काम नहीं करेंगे 13 हजार विद्युत अभियंता, अभियंता संघ ने चार से छह अप्रैल तक अवकाश का किया एलान
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आरोपियों ने अपने कुछ साथियों के नाम बताए हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है। इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट उत्तम सिंह राठौर का कहना कि जांच पड़ताल की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आरटीओ कार्यालय से कराई जा रही है जांच
बरामद हुई हाई सिक्योरिटी नंबर वैध है या नहीं, इसकी जांच पुलिस तो अपने स्तर से कर रही है। दूसरी ओर आरटीओ कार्यालय से भी जानकारी मांगी गई है ताकि इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं
पहले भी मेरठ में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने वाले गैंग का भंडाफोड़ हो चुका है। सिविल लाइन के मोहनपुरी से भारी संख्या में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बरामद की गई गई थीं। इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की थी।
सोतीगंज से जुड़ा गैंग
सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया का कहना है कि यह गैंग सोतीगंज के कबाड़ियों से जुड़ा है। एक्सीडेंट और चोरी की गाड़ियों पर हाई सिक्योरिटी प्लेट की फर्जी नंबर लगा देते थे। जिसके बाद गाड़ियों को बेच देते थे। इस गैंग से कितने आरोपी जुड़े है, इसकी पड़ताल पुलिस ने शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सोतीगंज के कई कबाड़ियों के नाम नौशाद ने बताए है। नौशाद ने सोतीगंज के कबाड़ी जहीर निवासी रसीदनगर ब्रह्मपुरी का नाम बताया है।
चार राज्यों की नंबर प्लेट मिली
पुलिस ने बताया कि हाई सिक्योरिटी की फर्जी नंबर प्लेट पर आरोपी एक होलो ग्राम, एक सीरियल नंबर फर्जी डालते थे। दस नंबर प्लेट मिली, जिसमें दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड और यूपी की है। नंबर प्लेट का सामान बेंगलुरू और केरल से आना बताया गया है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच करने में जुटी है।
सदर चाट बाजार के पास गैराज में पुलिस का छापा
सदर बाजार स्थित चाट बाजार में बुधवार को एसओजी ने छापा मारा। जहां से गाड़ियों के संदिग्ध इंजन बरामद किए। पुलिस का कहना है कि इंजनों की अभी जांच चल रही है। सोतीगंज के कई कबाड़ी वहां पर चोरी और लूट की गाड़ियों के सामान बेचने की सूचना पुलिस को मिली थी। जिस पर वहां पर छापा मारा गया।
पुलिस के मुताबिक सदर बाजार क्षेत्र में गाड़ियों के कई गैराज में चोरी की गाड़ी कटने की जानकारी मिली थी। एक मुखबिर की सूचना पर बुधवार सदर थाना पुलिस और एसओजी की टीम ने छापा मारा। जहां से संदिग्ध गाड़ियों के इंजन और अन्य पार्ट्स मिले हैं। पुलिस ने गैराज में संदिग्ध इंजन और पार्ट्स रखे और ताला लगा दिया है। पुलिस ने करीब एक घंटा जांच की और लौट गई। एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि पुलिस मामले की जांच करने में जुटी है।
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एसओजी और लिसाड़ीगेट की पुलिस ने बुधवार को नीचा सद्दीकनगर में छापा मारा। जहां पर नौशाद को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान नौशाद के घर से काफी संख्या में फर्जी नंबर प्लेट बनाई जा रही हैं। टीम ने लिसाड़ीगेट पुलिस के साथ मिलकर बुधवार एसओजी टीम ने ताला तोड़ा, जहां से हाई सिक्योरिटी फर्जी नंबर प्लेट बरामद की। बताया है कि नौशाद उर्फ खलीफा काफी समय से फर्जी नंबर प्लेट बनाने का काम कर रहा है।
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आरोपियों ने अपने कुछ साथियों के नाम बताए हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है। इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट उत्तम सिंह राठौर का कहना कि जांच पड़ताल की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आरटीओ कार्यालय से कराई जा रही है जांच
बरामद हुई हाई सिक्योरिटी नंबर वैध है या नहीं, इसकी जांच पुलिस तो अपने स्तर से कर रही है। दूसरी ओर आरटीओ कार्यालय से भी जानकारी मांगी गई है ताकि इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं
पहले भी मेरठ में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने वाले गैंग का भंडाफोड़ हो चुका है। सिविल लाइन के मोहनपुरी से भारी संख्या में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बरामद की गई गई थीं। इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की थी।
सोतीगंज से जुड़ा गैंग
सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया का कहना है कि यह गैंग सोतीगंज के कबाड़ियों से जुड़ा है। एक्सीडेंट और चोरी की गाड़ियों पर हाई सिक्योरिटी प्लेट की फर्जी नंबर लगा देते थे। जिसके बाद गाड़ियों को बेच देते थे। इस गैंग से कितने आरोपी जुड़े है, इसकी पड़ताल पुलिस ने शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सोतीगंज के कई कबाड़ियों के नाम नौशाद ने बताए है। नौशाद ने सोतीगंज के कबाड़ी जहीर निवासी रसीदनगर ब्रह्मपुरी का नाम बताया है।
चार राज्यों की नंबर प्लेट मिली
पुलिस ने बताया कि हाई सिक्योरिटी की फर्जी नंबर प्लेट पर आरोपी एक होलो ग्राम, एक सीरियल नंबर फर्जी डालते थे। दस नंबर प्लेट मिली, जिसमें दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड और यूपी की है। नंबर प्लेट का सामान बेंगलुरू और केरल से आना बताया गया है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच करने में जुटी है।
सदर चाट बाजार के पास गैराज में पुलिस का छापा
सदर बाजार स्थित चाट बाजार में बुधवार को एसओजी ने छापा मारा। जहां से गाड़ियों के संदिग्ध इंजन बरामद किए। पुलिस का कहना है कि इंजनों की अभी जांच चल रही है। सोतीगंज के कई कबाड़ी वहां पर चोरी और लूट की गाड़ियों के सामान बेचने की सूचना पुलिस को मिली थी। जिस पर वहां पर छापा मारा गया।
पुलिस के मुताबिक सदर बाजार क्षेत्र में गाड़ियों के कई गैराज में चोरी की गाड़ी कटने की जानकारी मिली थी। एक मुखबिर की सूचना पर बुधवार सदर थाना पुलिस और एसओजी की टीम ने छापा मारा। जहां से संदिग्ध गाड़ियों के इंजन और अन्य पार्ट्स मिले हैं। पुलिस ने गैराज में संदिग्ध इंजन और पार्ट्स रखे और ताला लगा दिया है। पुलिस ने करीब एक घंटा जांच की और लौट गई। एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि पुलिस मामले की जांच करने में जुटी है।