दूषित खानपान से डायरिया का हमला, जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय
- मेरठ में 18,184 मरीज मिले आठ माह में, पांच साल तक के बच्चे सबसे ज्यादा।
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डायरिया मेरठवासियों को परेशान कर रहा है। यह मुख्यत: दूषित पानी और खाने से होने वाली बीमारी है। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले आठ माह (जनवरी से अगस्त 2019 तक) की रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें 18 हजार 184 मरीजों को डायरिया निकला है। इनमें करीब 25 प्रतिशत पांच साल तक के बच्चे हैं।
यह मरीज जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, सीएचसी, पीएचसी और अर्बन हेल्थ सेंटर पर आए थे। स्वास्थ्य विभाग ने भारत सरकार के इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विलांस प्रोग्राम पोर्टल पर भी यह जानकारी अपडेट की है।
डायरिया सेहत की वह समस्या है जिसमें दिनभर में तीन या उससे भी अधिक बार पानी की तरह पतले दस्त होना। इसके अलावा कई बार बुखार और उल्टी भी होती है। ऐसे में पानी और पोषक तत्वों की कमी (खासकर बच्चों में) होने के साथ साथ अत्यधिक कमजोरी भी हो जाती है।
दूषित खाना और पानी बढ़ा रहा है गेस्ट्रोएन्टेराइटिस (आंत्रशोथ) की भी बीमारी
दूषित खाना और पानी गेस्ट्रोएन्टराइटिस (आंत्रशोथ) की बीमारी भी बढ़ा रहा है। इससे मरीज के पेट में दर्द, मरोड़ के साथ लूज मोशन होने लगते हैं। इससे डिहाइड्रेशन की समस्या होती है प्यास तेज लगती है, लेकिन पानी पीने पर उल्टी होने लगती है।
दो तरह का होता है डायरिया
डायरिया दो तरह का होता है। एक्यूट और क्रॉनिक। एक्यूट डायरिया जीवाणु विषाणु या पैरासाइट के कारण होता है। यह सामान्यत: हफ्ते भर में ठीक हो जाता है, लेकिन जब बीमारी हफ्ते भर से ज्यादा रह जाए तो उसे क्रॉनिक कहा जाता है। क्रॉनिक डायरिया आंत की विभिन्न बीमारियों के कारण हो सकता है। इसमें पाचन तंत्र की गंभीर गड़बड़ी पाई जाती है।
यह निकले कारण
- खाने-पीने की चीजों में प्रदूषण, उनका बासी या खराब होना
- बच्चों में डायरिया होने की बड़ी वजह स्तनपान के दौरान साफ सफाई नहीं होना
- बाहर का खाना, फास्ट फूड और पैक्ड फूड का इस्तेमाल
- कटे हुए और खुले में रखे फल खाना
- एसी, कूलर वाले कमरे में से सीधे धूप में निकलना
- रोटा वायरस का संक्रमण होना
- धूप से लौटकर आते ही तत्काल पानी पीना
- बच्चों में मिलावटी दूध से
- पाचन शक्ति कमजोर होना, शरीर में पानी की कमी होना
ऐसे करें बचाव
- इससे बचने का सबसे उपयुक्त तरीका साफ पानी पीना है।
- डायरिया में बच्चों को उबला हुआ पानी देना ज्यादा फायदेमंद है।
- बाहर का खाना, फास्ट फूड और पैक्ड फूड का इस्तेमाल से बचें।
- साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- शौच के बाद अच्छी तरह साबुन से हाथ धोएं।
- पेट में दर्द की समस्या हो तो बिना देर करे चिकित्सक से सलाह लें।
डायरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण अभियान में रोटा वायरस की वैक्सीन को भी शामिल किया है। यह वैक्सीन बच्चों और 16 साल तक के किशोरों को लगाई जा रही है। साथ ही लोगों को दूषित खानपान के प्रति जागरूक कराया जा रहा है। - डॉ. राजकुमार, सीएमओ