विश्व अल्जाइमर दिवस: चाइनीज खाना छोड़ दो, नहीं तो भूल जाओगे अपनी याददाश्त, नहीं है कोई निश्चित इलाज
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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है, जिसके कारण मरीज की याददाश्त कमजोर हो जाती है। अल्जाइमर का कोई निश्चित इलाज नहीं है, लेकिन शुरुआती अवस्था में अगर बेहतर इलाज मिल जाए तो मरीज के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकता है। इस बीमारी में रोगी के परिजनों की जिम्मेदारी काफी बढ़ जाती है। इस रोग के प्रति जागरूकता के लिए हर साल 21 सितंबर को विश्व अल्जाइमर दिवस मनाया जाता है। एक अनुमान के मुताबिक मेरठ में करीब छह हजार से ज्यादा अल्जाइमर रोगी हैं। ज्यादा चाइनीज फूड खाने से भी इस बीमारी के होने का खतरा बढ़ जाता है।
सिकुड़ने लगती हैं दिमाग की सेल
आमतौर पर यह मध्यम उम्र या वृद्धावस्था में दिमाग के टिशू को नुकसान पहुंचने के कारण होता है। इसका असर व्यक्ति की याददाश्त, सोचने की क्षमता और रोजमर्रा की गतिविधियों पर पड़ता है। इस बीमारी में दिमाग की सक्रिय सेल्स सिकुड़ने लगती हैं। दिमाग में एक विशेष प्रकार का केमिकल बनता है, जो इस बीमारी के कारण बनना बंद हो जाता है। इससे सबसे पहले याददाश्त जाती है। कई बार मरीज को सालों पुरानी बातें तो याद हो सकती है, मगर उस दिन की बातें वह भूल जाता है।
ऐसे बेहतर कर सकते हैं मरीज का जीवन
मरीज की सारी चीजों की जगह तय कर दें। नाश्ते और खाने का समय बिल्कुल निश्चित रखें। पुराने फोटोग्राफ उनकेपास रखने चाहिए। अल्जाइमर का मरीज अपने पड़ोस में भी खो जाता है। वह यह भूल जाता है कि वह कहां है, वहां वह कैसे आया और घर वापस कैसे जाना है। यह 60 से 65 साल की उम्र में शुरू हो सकता है। इस बीमारी का नाम अलोइस अल्जाइमर के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने सबसे पहले इसका विवरण दिया था।
‘दुआ से दवा तक’ कैंप में किया इलाज
शाह विलायत मोहनपुरी में ‘दुआ से दवा तक’ कार्यक्रम हुआ। जिला अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेद्र किशोर द्वारा मनोरोगियों का उपचार किया गया। डॉ. विनीता शर्मा ने बताया कि प्रति माह जिले के धार्मिक स्थलों और मजारों पर ‘दुआ से दवा तक’ कार्यक्रम के अंतर्गत मानसिक स्वास्थ्य कैंप लगाया जाता है। इस दौरान डॉ. एसएस चौधरी, डा. चंद्रा वर्षा, अंशु और संदीप रहे।
याददाश्त खोने का सामान्य रूप
अल्जाइमर से दिमाग की कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं। ज्यादा चाइनीज फूड खाने से भी इस बीमारी का खतरा हो सकता है। चाइनीज फूड में सामान्यत: मोनोसोडियम ग्लूकोनेट पदार्थ डाला जाता है, जो माइग्रेन और अल्जाइमर के लिए मुफीद है। यह याददाश्त खोने (डिमेंशिया) का सबसे सामान्य रूप है, इसे मनोभ्रंश भी कहते हैं। - डॉ. भूपेंद्र चौधरी, न्यूरोलोजिस्ट
विटामिन ई से भरपूर चीजें खिलाएं
अल्जाइमर बीमारी में विटामिन ई से भरपूर चीजें खानी चाहिए। बादाम आदि ड्राइ फ्रूट्स खाने के साथ ही दिमाग को एक्टिव रखने केलिए स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और ब्रोकली जैसे ऐंटिऑक्सिडेंट से भरपूर भोजन का सेवन करना चाहिए। हरी पत्तीदार सब्जियां खानी चाहिए और फास्ट फूड से दूर रहना चाहिए। - डॉ. रवि राणा, मनोरोग विशेषज्ञ
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