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'खाकी' ने की वसूली: खाता अनफ्रीज करने के नाम पर नोएडा के कारोबारी को किया प्रताड़ित, 5.72 लाख लिए; पूरी कहानी

Fri, 23 Oct 2026 11:14 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ/खतौली (मुजफ्फरनगर)
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ/खतौली (मुजफ्फरनगर) Published by: Sharukh Khan Updated Fri, 23 Oct 2026 11:14 AM IST
सार

मेरठ पुलिसकर्मि वसूली आरोप: नोएडा के फर्नीचर कारोबारी शाहिद चौधरी के लेनदेन की जानकारी मिलने के बाद मेरठ के लिसाड़ी गेट थाने के दरोगा अंकित और सिपाही नीरज ने उन्हें फंसाने की पटकथा लिखी। इसके लिए पुलिसकर्मियों ने पहले शाहिद का बैंक खाता फ्रीज कराया इसके बाद उन्हें लिसाड़ी गेट थाने बुलाया। जब शाहिद थाने आए तो उन्हें बताया गया कि उनके खाते में साइबर फ्रॉड की रकम आई है। इसी का डर दिखाकर उनसे रकम वसूली गई।

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Meerut News 3 Police Personnel Suspended for Extorting ₹5.72 Lakh from Noida Businessman UP News in Hindi
Meerut News - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

बैंक खाते अनफ्रीज कराने के नाम पर फर्नीचर कारोबारी शाहिद चौधरी से 5.72 लाख रुपये की वसूली के मामले में मेरठ और मुजफ्फरनगर के दो दरोगा और एक सिपाही पर कार्रवाई की गई है।
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मेरठ के लिसाड़ी गेट थाने के दरोगा अंकित सागर और हेड कांस्टेबल नीरज कुमार को एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने निलंबित कर दिया। वहीं, मुजफ्फरनगर के खतौली थाने की पमनावली चौकी प्रभारी दरोगा आरिफ अली को कारोबारी की पत्नी का बैंक खाता अनफ्रीज कराने के बदले एक लाख रुपये वसूलने और शेष रकम के लिए दबाव बनाने के आरोप में एसएसपी मुजफ्फरनगर सूरज राय ने निलंबित कर दिया है।
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नोएडा के गेझा सेक्टर-93 निवासी शाहिद चौधरी ने डीआईजी कलानिधि नैथानी को दी गई शिकायत में कहा कि मेरठ के लिसाड़ी गेट थाने में उन्हें हिरासत में रखकर प्रताड़ित किया गया और आठ लाख रुपये मांगे गए। अपनी शिकायत में उन्होंने पुलिस कर्मियों पर करीब 4.72 लाख रुपये वसूलने के आरोप लगाए हैं। 

 
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पमनावली चौकी के प्रभारी दरोगा आरिफ अली ने एक लाख रुपये अलग से वसूले। मेरठ के लिसाड़ी गेट थाने के पास साइबर कैफे चलाने वाले शादाब राव की भूमिका की पुलिस जांच कर रही है। 
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मवाना के रहने वाले शादाब राव ने पुलिस को बताया कि उसके भाई दानिश का शाहिद से लेनदेन था। जिसकी रकम शाहिद नहीं दे रहा था। जिसके बाद उसने लिसाड़ी गेट थाने में तैनात दरोगा और सिपाही से कहकर शाहिद का खाता फ्रीज कराया था।

शिकायतों के नाम पर ही पुलिसकर्मियों ने शुरू किया वसूली का खेल
इसी संबंध में शाहिद को पुलिसकर्मियों ने मेरठ बुलाया था। मुजफ्फरनगर निवासी सत्तार ने आरोप लगाया था कि उसका शाहिद से लेनदेन है। जिसके चलते सत्तार ने खतौली थाने में शिकायत की थी। इन शिकायतों के नाम पर ही पुलिसकर्मियों ने वसूली का खेल शुरू किया।

बिना पीड़ित से बात किए जांच पूरी करने पर सीओ को चेतावनी
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने शिकायत मिलने के बाद एसएसपी मेरठ को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। डीआईजी के मुताबिक, सीओ कोतवाली संग्राम सिंह ने जांच में गंभीरता नहीं दिखाई और पीड़ित से बात किए बिना ही जांच पूरी कर दी। डीआईजी ने सीओ से जवाब-तलब किया और अंतिम चेतावनी दी। अब पूरे मामले की जांच मेरठ में तैनात सीओ साइबर क्राइम सौम्या अस्थाना को सौंपी गई है।
 

साइबर फ्रॉड की रकम खाते में आने का डर दिखाकर की गई वसूली
फर्नीचर कारोबारी शाहिद चौधरी के लेनदेन की जानकारी मिलने के बाद लिसाड़ी गेट थाने के दरोगा अंकित और सिपाही नीरज ने उन्हें फंसाने की पटकथा लिखी। इसके लिए पुलिसकर्मियों ने पहले शाहिद का बैंक खाता फ्रीज कराया इसके बाद उन्हें लिसाड़ी गेट थाने बुलाया। जब शाहिद थाने आए तो उन्हें बताया गया कि उनके खाते में साइबर फ्रॉड की रकम आई है। इसी का डर दिखाकर उनसे रकम वसूली गई।

 

दरअसल मवाना निवासी साइबर कैफे संचालक शादाब राव ने पुलिस को बताया कि उसके भाई दानिश का शाहिद से लेनदेन था और शाहिद उसकी रकम नहीं दे रहे थे। इसके बाद शादाब ने लिसाड़ी गेट थाने में तैनात दरोगा अंकित सागर और हेड कांस्टेबल नीरज कुमार से संपर्क किया था। 

आरोप है कि इसी जानकारी के आधार पर शाहिद का बैंक खाता फ्रीज कराया गया और उन्हें मेरठ बुलाया गया। अब जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि दानिश और सत्तार की शिकायतों पर बैंक खाते फ्रीज कराने का क्या आधार था और क्या इन शिकायतों का इस्तेमाल कारोबारी पर दबाव बनाने के लिए किया गया।

 

डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि लिसाड़ी गेट थाने के दरोगा अंकित सागर और हेड कांस्टेबल नीरज कुमार को निलंबित किया जा चुका है। सीओ साइबर क्राइम सौम्या अस्थाना मामले की जांच कर रही हैं, जबकि शादाब राव की भूमिका की जांच एसपी सिटी कर रहे हैं। 

 

मुजफ्फरनगर में पमनावली चौकी प्रभारी आरिफ अली को भी निलंबित किया जा चुका है। जांच में इन सभी घटनाओं के बीच संबंध, बैंक खातों को फ्रीज कराने का आधार और कथित वसूली में संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट की जाएगी।

 

जांच में सामने आया है कि दरोगा आरिफ अली पूर्व में मेरठ के सदर बाजार थाने में तैनात रह चुका है। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि ऐसी जानकारी मिली है कि पूर्व में भी आरिफ पर वसूली के आरोप लग चुके हैं जिसकी पुलिस अब गहनता से जांच कर रही है।
 

अधिकारियों को सोफा सेट देने के नाम पर भी वसूली रकम
शाहिद ने बताया कि 4 अगस्त 2026 को उनके बैंक खाते से 1.20 लाख रुपये का लेनदेन हुआ और 2.80 लाख रुपये नकद शादाब राव को थाने के कार्यालय में दिए गए। इसके अलावा 5 अगस्त को मोहम्मद इमरान और सुशीला के बैंक खातों में 36-36 हजार रुपये ऑनलाइन भेजे गए। शाहिद का कहना है कि यह रकम अधिकारियों को सोफा सेट देने के नाम पर मांगी गई थी।

यह भी आरोप है कि शादाब राव ने 7 अगस्त 2026 को खाते अनफ्रीज कराने के नाम पर उनके मोबाइल पर एक ईमेल आईडी भेजी और खुद को सरकारी काम करने वाला व्यक्ति बताया। शाहिद ने संबंधित बैंक रिकॉर्ड, ईमेल, भुगतान विवरण, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है।

समाज के दबाव में दरोगा आरिफ अली ने लौटाए थे 50 हजार
पीड़ित शाहिद ने डीआईजी से मिलकर इस पूरे मामले में बैंक रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग की है। शाहिद का आरोप है कि इससे पूर्व उसकी मानसिक स्थिति ठीक न होने पर उसकी पत्नी ने प्रदेश और जिले के उच्चाधिकारियों को शिकायत पत्र भेजे थे, लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। 

 

इसके बाद पमनावली चौकी प्रभारी दरोगा आरिफ अली ने मुस्लिम समाज के गणमान्य लोगों से संपर्क कराया। समाज के नेताओं के दबाव और मान-सम्मान के चलते दरोगा आरिफ अली ने वसूले गए पैसों में से 50 हजार रुपये तो लौटा दिए लेकिन बाकी के 50 हजार रुपये वापस नहीं किए। आरोप यह भी है कि दरोगा ने रिश्तेदारों के माध्यम से उसको धमकी भी दिलवाई।
 

साइबर कैफे की आड़ में चल रहा वसूली का धंधा
लिसाड़ी गेट थाना पहले भी अवैध वसूली के मामलों में सुर्खियों में रहा है। धाने के आसपास स्थित दुकानों और साइबर कैफे पर कुछ दलाल सक्रिय रहते हैं, जो पीड़ित जनता के प्रार्थना पत्र लिखने और कार्रवाई कराने के नाम पर मोटी रकम वसूलते हैं, जिसका हिस्सा पुलिसकर्मियों तक जाता है। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने दोटूक कहा है कि थाने के आसपास बनी दुकानों और वहां काम करने वाले संदिग्ध लोगों पर पुलिस गोपनीय रूप से कड़ी निगरानी रख रही है, जल्द ही इस नेक्सस पर बड़ी कार्रवाई होगी।
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