मेरठ की हवा में घुला जहर: 6 दिन में AQI 81 से 281 पर पहुंचा, सांस के मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी; ग्रैप लागू
दीपावली से पहले मेरठ में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ा। 16 अक्तूबर को एक्यूआई 81 था, जो 22 अक्तूबर को 281 पहुंच गया। ग्रैप का पहला चरण लागू है।
विस्तार
दीपावली से पहले मेरठ की हवा लगातार खराब होती जा रही है। ज्योति पर्व से पहले हवा की गुणवत्ता में गिरावट ने चिंता बढ़ा दी है। 16 अक्तूबर को मेरठ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 81 था जो बृहस्पतिवार को बढ़कर 281 पर पहुंच गया। छह दिन में एक्यूआई में 200 अंकों की वृद्धि हुई है।
हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने से सांस, दमा और हृदय रोगियों की परेशानी बढ़ने की आशंका है। वहीं, एनसीआर में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का पहला चरण लागू है। प्रदूषण का स्तर और बढ़ने पर अगले चरण की पाबंदियां लागू की जा सकती हैं।
यह भी पढ़ें: मेरठ-सहारनपुर एमएलसी चुनाव: मतदान जारी, बागपत में वोटर लिस्ट से नाम गायब; शामली और सहारनपुर में कड़ी सुरक्षा
बच्चों और बुजुर्गों को सतर्क रहने की जरूरत : खराब हवा में लंबे समय तक रहने से खांसी, गले में खराश, आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। दमा, सीओपीडी, हृदय और फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बच्चों और बुजुर्गों पर भी प्रदूषण का अधिक असर पड़ सकता है। प्रदूषण बढ़ने पर खुले में दौड़ने और व्यायाम करने से बचना चाहिए।
चरण 1 : 201–300 खराब हवा
निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, सड़कों की सफाई, पानी का छिड़काव और कचरा जलाने पर रोक जैसे उपाय। कोयले और लकड़ी से चलने वाले तंदूरों तथा डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी निर्धारित प्रतिबंध लागू होते हैं।
चरण 2 : 301–400 बहुत खराब हवा
सड़कों पर मशीनों से सफाई और पानी का छिड़काव बढ़ाना, सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहन, पार्किंग शुल्क बढ़ाने जैसे उपाय तथा प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर अतिरिक्त नियंत्रण।
चरण 3 : 401–450 गंभीर हवा
गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर रोक, कुछ पुराने मानक वाले वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध तथा प्रदूषणकारी उद्योगों पर सख्ती। कुछ क्षेत्रों में स्कूलों की पढ़ाई के तरीके में भी बदलाव हो सकता है।
चरण 4 : 450 से अधिक गंभीर से भी अधिक
ट्रकों के प्रवेश पर अतिरिक्त रोक, निर्माण गतिविधियों पर और सख्ती, स्कूलों में कक्षाओं को ऑनलाइन या मिश्रित माध्यम से चलाने तथा कार्यालयों में घर से काम कराने जैसे उपायों पर निर्णय लिया जा सकता है।
वायु प्रदूषण की वजह से नवबंर-दिसंबर में होनी वाली प्रतियोगिता अब जनवरी में
दिल्ली एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण उत्तर प्रदेश शासन सख्त हो गया है। नवंबर-दिसंबर में होने वाली खेल प्रतियोगिताओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस वजह से मेरठ में होने वाली दो स्टेट चैंपियनशिप भी स्थगित कर दी गईं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली एनसीआर के सीमावर्ती राज्यों को नवंबर-दिसंबर में खेल गतिविधियां न कराने के निर्देश दिए थे। आयोग ने कहा कि अधिक वायु प्रदूषण स्कूली बच्चों और खिलाड़ियों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है।
14 अक्तूबर को खेल निदेशालय उत्तर प्रदेश ने क्षेत्रीय खेल विभाग को प्रतियोगिताएं न कराने का पत्र भेजा। इसके बाद क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी जितेंद्र यादव ने मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़, गौतमबुद्धनगर समेत सभी जिलों में रोक के निर्देश जारी किए। पहले नवंबर में होने वाली प्रतियोगिताएं अब जनवरी में आयोजित की जाएंगी। उत्तर प्रदेश सब जूनियर बालिका एथलेटिक्स चैंपियनशिप 23 नवंबर से कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में होनी थी।
इसमें प्रदेश के 18 मंडल और स्पोर्ट्स कॉलेज की 250 से अधिक महिला खिलाड़ी शामिल होनी थीं। अब यह प्रतियोगिता जनवरी के पहले सप्ताह में कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में होगी। दिसंबर में होने वाली सब जूनियर बालिका हॉकी प्रतियोगिता भी जनवरी के दूसरे या तीसरे सप्ताह में कराई जाएगी। जितेंद्र यादव ने बताया कि खेल निदेशालय से पत्र मिलने के बाद प्रतियोगिताएं स्थगित की गई थीं, अब इनकी तैयारी चल रही है।
मेरठ में एक्यूआई
तारीख एक्यूआई
16 अक्तूबर 81
17 अक्तूबर 162
18 अक्तूबर 158
19 अक्तूबर 122
20 अक्तूबर 125
21 अक्तूबर 230
22 अक्तूबर 281
ग्रैप का पहला चरण लागू कर दिया गया है। नगर निगम, परिवहन निगम विभाग के जिम्मेदारी अधिक होती है, साथ ही कंस्ट्रक्शन पर भी नियम लागू होते हैं। प्रदूषण विभाग की भी तीन टीम लगी हुई हैं। -राजेंद्र प्रसाद, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी।