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मेरठ : कोरोना को हरा चुके मरीज में मिला नया फंगस एस्परगिलोसिस और म्यूकरमाइकोसिस, हड़कंप
Fri, 04 Jun 2021 01:24 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Fri, 04 Jun 2021 01:24 AM IST
सार
एस्परगिलोसिस संक्रमण से होने वाली बीमारियां आमतौर पर मरीज की श्वसन प्रणाली को प्रभावित करती हैं, लेकिन उनके लक्षण और गंभीरता अलग-अलग हो सकते हैं।
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मरीज की आंख पर सूजन।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
अभी तक कोरोना संक्रमित और कोरोना को हरा चुके मरीजों में म्यूकरमाइकोसिस (काला-सफेद या येलो फंगस) फंगस मिल रहा था, लेकिन अब एक ही मरीज में म्यूकरमाइकोसिस के साथ-साथ नया फंगस एस्परगिलोसिस निगर मिला है। यह अपने आप में पहला केस है, जबकि म्यूकरमाइकोसिस के साथ इसका मिलना दुर्लभ मामला है।
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मेरठ के रहने वाले 52 वर्षीय मरीज का आनंद अस्पताल में ऑपरेशन हुआ है। ऑपरेशन करने वाले डॉ. पुनीत भार्गव ने बताया कि यह बहुत ही दुर्लभ केस है। अलग-अलग प्रजाति के दोनों फंगस एक ही मरीज में मिले हैं। कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने मरीजों में इस साल न जाने कितनी ही बीमारियों को जन्म दे दिया है।
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कोविड की चपेट में आने के बाद लोग रिकवरी के वक्त और भी दूसरी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। हाल के दिनों में ब्लैक फंगस के मामले काफी ज्यादा आ रहे हैं। किसी किसी में ब्लैक फंगस के साथ व्हाइट और येलो भी मिल रहा है। यह सभी फंगस म्यूकरइकोसिस बीमारी है। अब एस्परगिलोसिस निगर फंगस मिला है। यह दोनों फंगस एक ही मरीज में मिले हैं।
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उन्होंने बताया कि एस्परगिलोसिस संक्रमण का खतरा भी कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली या फेफड़ों की बीमारी वाले लोगों को ज्यादा है। कोविड रिकवरी के बाद यह फंगस संक्रमण भी फेफड़ों को प्रभावित करता है।
यह संक्रमण भी सांस के जरिये शरीर में करता है प्रवेश
एस्परगिलोसिस संक्रमण से होने वाली बीमारियां आमतौर पर मरीज की श्वसन प्रणाली को प्रभावित करती हैं, लेकिन उनके लक्षण और गंभीरता अलग-अलग हो सकते हैं। एस्परगिलस, घर के अंदर और बाहर हर जगह मौजूद होता है। इस संक्रमण में अधिकांश लोगों के शरीर में एस्परगिलस बीजाणु सांस के जरिए प्रवेश कर जाते हैं। यह फंगस गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट (जठरांत्र पथ) को भी संक्रमित कर सकता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, कोविड 19 रोगियों में तमाम तरह के फंगल इंफेक्शन का मुख्य कारण स्टेरॉयड का प्रयोग करना और मरीज का कमजोर इम्यून सिस्टम है। साथ ही इसके पीछे ऑक्सीजन की आपूर्ति को हाइड्रेट करने के लिए साफ पानी इस्तेमाल न किया जाना भी एक कारण बताया जा रहा है।
ये हैं लक्षण
सीने में दर्द
खांसी के साथ खून आना
बुखार
खांसी
सांस लेने में कठिनाई
अन्य लक्षण विकसित हो सकते हैं यदि संक्रमण फेफड़ों से शरीर के अन्य भागों में फैलता है
यह संक्रमण भी सांस के जरिये शरीर में करता है प्रवेश
एस्परगिलोसिस संक्रमण से होने वाली बीमारियां आमतौर पर मरीज की श्वसन प्रणाली को प्रभावित करती हैं, लेकिन उनके लक्षण और गंभीरता अलग-अलग हो सकते हैं। एस्परगिलस, घर के अंदर और बाहर हर जगह मौजूद होता है। इस संक्रमण में अधिकांश लोगों के शरीर में एस्परगिलस बीजाणु सांस के जरिए प्रवेश कर जाते हैं। यह फंगस गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट (जठरांत्र पथ) को भी संक्रमित कर सकता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, कोविड 19 रोगियों में तमाम तरह के फंगल इंफेक्शन का मुख्य कारण स्टेरॉयड का प्रयोग करना और मरीज का कमजोर इम्यून सिस्टम है। साथ ही इसके पीछे ऑक्सीजन की आपूर्ति को हाइड्रेट करने के लिए साफ पानी इस्तेमाल न किया जाना भी एक कारण बताया जा रहा है।
ये हैं लक्षण
सीने में दर्द
खांसी के साथ खून आना
बुखार
खांसी
सांस लेने में कठिनाई
अन्य लक्षण विकसित हो सकते हैं यदि संक्रमण फेफड़ों से शरीर के अन्य भागों में फैलता है