Meerut: खिर्वा जलालपुर में गांव छोड़ने को मजबूर हुए 20 से ज्यादा परिवार, वजह जानकार रह जाएंगे दंग
मेरठ से सटे सरधना थाना क्षेत्र के गांव खिर्वा जलालपुर में करीब सात साल से दो पक्षों में रंजिश चल रही है। बुधवार को तकरीबन 20 से ज्यादा परिवार गांव छोड़ने पर मजबूर हो गया। पीड़ितों ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
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मेरठ से सटे सरधना थाना क्षेत्र के गांव खिर्वा जलालपुर में करीब सात साल से दो पक्षों में रंजिश चल रही है। रंजिश के चलते एक पक्ष से दो लोगों की हत्या भी हो चुकी है। पुलिस के द्वारा इस मामले में हत्यारोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर 20 से ज्यादा परिवार गांव छोड़ चुके हैं। पीड़ित पक्ष ने सरधना थाने के एक दरोगा पर समझौते के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
खिर्वा जलालपुर निवासी आरुज जैदी ने बताया कि वर्ष 2015 में उनके चाचा रहीस अब्बास की गांव के एक व्यक्ति ने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब उनके बीच रंजिश शुरू हो गई थी। इस मामले में पैरवी करने पर गत 28 फरवरी को हुमायू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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इस मामले में चार लोगों को नामजद कराया गया था। हुमायूं की हत्या को आठ महीने बीत जाने के बाद भी सरधना पुलिस हत्यारोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकी है। आरोप है कि थाने का एक दरोगा उन लोगों पर समझौते के लिए दबाव बना रहे है।
उन लोगों ने समझौता करने से इन्कार कर दिया तो गत 23 अक्तूबर को हत्यारों ने उन लोगों पर दबाव बनाने के लिए उनके भाई राशिद जैदी के साथ मारपीट की। जब वह उनके चंगुल से निकलकर भागने लगा तो उस पर दो राउंड फायरिंग की।
पुलिस को फायरिंग व मारपीट की वीडियो सौंपने के बाद भी दरोगा ने आरोपी पक्ष का ही साथ दिया और इंस्पेक्टर को गुमराह कर दिया। पुलिस की एकतरफा कार्रवाई से नाराज करीब 20 परिवारों ने गांव से पलायन कर दिया है। उरूज जैदी ने बताया कि उनके पक्ष के सभी लोग गांव छोड़ रहे हैं।