Meerut: आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में विधायक दिनेश खटीक बरी, पत्नी के हत्यारोपी को उम्रकैद
न्यायालय अपर सिविल जज प्रथम एमपीएमएल कोर्ट ने आचार संहिता के उल्लघंन करने के आरोप में पर्याप्त साक्ष्य न पाते हुए विधायक दिनेश खटीक को बरी कर दिया।
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न्यायालय अपर सिविल जज प्रथम एमपीएमएल कोर्ट ने आचार संहिता के उल्लघंन करने के आरोप में पर्याप्त साक्ष्य न पाते हुए विधायक दिनेश खटीक को बरी कर दिया।
मामला हस्तिनापुर क्षेत्र का था। थाना हस्तिनापुर में दरोगा सुरेन्द्र कुमार ने चार फरवरी 2017 को एफआईआर दर्ज कराई कि विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी दिनेश खटीक ने शकुन्तला कॉलोनी चौक पर बिना अनुमति के नुक्कड़ सभा की।
उनके खिलाफ आचार संहित के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया। न्यायालय में आरोपी के अधिवक्ता विनोद कुमार काजीपुर और आलोक कुमार ने अपना पक्ष रखा। अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने पर्याप्त साक्ष्य न पाते हुए विधायक दिनेश खटीक को बरी कर दिया।
पत्नी के हत्यारोपी को उम्रकैद
अपर जिला जज कोर्ट सं0 16 नुसरत खान ने दहेज की मांग पूरी न होने पर अपनी पत्नी की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद व 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दण्डित किया है। घटना थाना रेलवे रोड क्षेत्र में घटी थी।
वादी मुकदमा महेन्द्र ने थाना रेलवे रोड में एफआईआर दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री सीमा का विवाह थाना रेलवे रोड के पूर्वा दीनदयाल निवासी दीपक पुत्र चतरसैन के साथ 2013 को हुआ था।
विवाह के बाद से ही ससुराल वाले दहेज की मांग करते थे। सरकारी अधिवक्ता मोहित गुप्ता एडीजीसी ने बताया कि विवाह के दो वर्ष पश्चात विवाहिता को जिंदा जला दिया गया। अभियोजन पक्ष मोहित गुप्ता एडीजीसी ने न्यायालय में वादी सहित आठ गवाह पेश किए।