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मेरठ के व्यापारियों ने जीएसटी में निभाई बड़ी जिम्मेदारी, सरकार को हुआ 43 करोड़ का फायदा

Fri, 23 Nov 2018 01:25 PM IST
अरीश रिज़वी, अमर उजाला, मेरठ
अरीश रिज़वी, अमर उजाला, मेरठ Updated Fri, 23 Nov 2018 01:25 PM IST
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Meerut, merchants of correctly gave GST tax and the government benefited 43 crores
जीएसटी - फोटो : अमर उजाला

राज्य वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लेकर भले ही अभी भी कई तरह की दिक्कतें हों, मगर मेरठ के व्यापारियों ने अपनी जिम्मेदारी बाखूबी निभाई है। मेरठ के व्यापारियों ने पिछले साल के मुकाबले 43 करोड़ रुपये ज्यादा टैक्स दिया है। यानि पिछले साल की जीएसटी पर इस साल की जीएसटी भारी पड़ी है। यह खुलासा जुलाई से अक्तूबर 2017 और जुलाई से अक्तूबर 2018 के आकलन में हुआ है।

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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पिछले साल एक जुलाई को लागू हुई थी। इसी लिहाज से पिछले साल जुलाई से यह आकलन किया गया है। हालांकि जीएसटी व्यापारियों और जनता के लिए काफी उतार चढ़ाव भरा रहा, लेकिन अब टैक्स वसूली में वाणिज्य कर विभाग की बल्ले-बल्ले हो रही है। यह हालात तब हैं जबकि शुरुआती दिक्कतों के बाद सरकार ने टैक्स स्लैब में कुछ बदलाव किए थे। 
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..तो और भी ज्यादा होता टैक्स

अगर पिछले साल की टैक्स स्लैब रहते तो टैक्स और भी ज्यादा होता। वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों का यह भी दावा है कि जीएसटी पोर्टल पर तकनीकी खामी की वजह से काफी कारोबारियों को दिक्कतें आती थीं। इसके लिए आईटी शिकायत निवारण तंत्र बनाया गया था। अब करदाताओं को जीएसटी नेटवर्क के पोर्टल पर होने वाली दिक्कतों का आसानी से समाधान किया जा रहा है।

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टेलीकम्यूनिकेशन से पड़ा ज्यादा फर्क

ज्यादा टैक्स आने की वजह व्यापारियों में जागरूकता के अलावा मेरठ क्षेत्र में बढ़ा टेलीकम्युनिकेशन का कारोबार है। व्यापारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ मिला है। पहले जहां प्रदेश में माल खरीदने पर आईटीसी मिलती थी, अब वह दूसरे प्रदेश में माल खरीदने पर भी मिलती है। -वीएन सिन्हा, एडिशनल कमिश्नर, वाणिज्य कर

बढ़ती जा रही वृद्धि

वाणिज्य कर विभाग ने वैट के तहत जुलाई 2016 से मई 2017 तक 702.08 करोड़ रुपये टैक्स वसूली की थी, जबकि इस बार जीएसटी लगने के बाद जुलाई 2017 से मई 2018 तक 814.08 करोड़ रुपये टैक्स वसूला गया। यह वृद्धि करीब 15.95 प्रतिशत रही थी, लेकिन अब यह वृद्धि 19.87 की दर से बढ़ रही है। वाणिज्य कर विभाग के तहत मेरठ और बागपत जिले आते हैं।

जीएसटी में पंजीकृत हैं 51 हजार 39 व्यापारी

जीएसटी लागू होने के बाद मेरठ में 19 हजार 39 नए व्यापारियों ने जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन कराया है। इससे पहले यहां 32 हजार व्यापारी वैट के तहत पंजीकृत थे। अब जीएसटी के तहत मेरठ में 51 हजार 39 व्यापारी पंजीकृत हो गए हैं।

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