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बड़ी कार्रवाई: मेडिकल कॉलेज में संतोष कुमार की मौत के मामले में कोविड प्रमुख अधीक्षक डाॅ. सुधीर राठी निलंबित
Fri, 21 May 2021 03:08 PM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: कपिल kapil
Updated Fri, 21 May 2021 03:08 PM IST
सार
मेरठ के मेडिकल कॉलेज में हुई संतोष कुमार की मौत के मामले में शासन द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। कोविड ब्लाक के प्रमुख अधीक्षक रहे डॉक्टर सुधीर राठी को निलंबित कर दिया है। इस मामले का पूरा अपडेट पढ़िए।
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कोरोना से मौत के बाद अंतिम संस्कार करते सरकारी कर्मचारी
- फोटो : PTI
विस्तार
मेडिकल कॉलेज में कोविड ब्लाक के प्रमुख अधीक्षक रहे डॉ. सुधीर राठी को उत्तर प्रदेश सरकार ने निलंबित कर दिया है। उन्हें महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा के कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया है। साथ ही कमिश्नर मेरठ मंडल को इस मामले का जांच अधिकारी बनाया है। इसके अलावा डॉ. अंशु पर भी विभागीय कार्रवाई के लिए शासन ने संस्तुति की है।
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इससे पहले संविदा पर कार्यरत डॉक्टर उत्कर्ष कौशिक की सेवाएं समाप्त की थी। वह एसोसिएट प्रोफेसर (स्किन) थे। उनकी ड्यूटी के दौरान ही संतोष की मृत्यु हुई थी। मैटर्न अनीता को भी कोविड से हटाकर कार्यालय में सम्बद्ध किया है। इस मामले मे इनके अलावा पांच अन्य स्टाफ की वेतन वृद्धि और एक माह का वेतन भी काटा गया है। यह कार्रवाई पहले की गई थी, जिससे कोर्ट संतुष्ट नहीं था। इस मामले का खुलासा अमर उजाला ने ही किया था। इस मामले की बुधवार को दोबारा जांच हुई थी। तीन सदस्य समिति ने प्राचार्य को रिपोर्ट दोबारा सौंपी थी।
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यह है मामला
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में लापरवाही की इंतहा हुई थी, जिस संतोष कुमार (64) को उनके परिजन तलाश रहे थे, उनकी मृत्यु तो भर्ती करने के तीसरे ही दिन ही हो गई थी। अंतिम संस्कार भी अज्ञात में कर दिया गया था। परिजनों को इसकी भनक तक नहीं दी गई थी, बल्कि उनको 10 दिन बाद तक भी यही बताते रहे थे कि वह जिंदा हैं और उनका इलाज चल रहा है। जांच के दौरान पता चला है कि संतोष कुमार की दो दिन बाद ही मौत हो गई थी। वह बरेली के थे। गाजियाबाद में बेटी के पास रह रहे थे। कोविड होने पर 21 अप्रैल को मेडिकल में भर्ती किया गया था।
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