Kanwar Yatra: पुरा महादेव की राह पर उमड़ी आस्था, नन्हे कांवड़ियों से लेकर पूरे परिवारों तक दिखी शिवभक्ति
मेरठ के सरूरपुर रजबहे की पटरी से होकर पुरा महादेव शिवालय की ओर जाने वाले मार्ग पर शुक्रवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। हल्की बारिश के बीच हजारों शिवभक्त 'बोल बम' के जयघोष के साथ आगे बढ़ते रहे। इस दौरान पांच वर्षीय देव कसाना अपनी चौथी कांवड़ लेकर श्रद्धा का केंद्र बने, जबकि लोनी के एक परिवार ने मनोकामना पूरी होने पर सामूहिक रूप से कांवड़ यात्रा कर भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
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मेरठ के पुरा महादेव शिवालय की ओर जाने वाले सरूरपुर रजबहे की पटरी मार्ग पर शुक्रवार को श्रद्धा और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। सुबह से देर शाम तक हजारों कांवड़िये 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष के साथ अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। हल्की बारिश भी शिवभक्तों के उत्साह को कम नहीं कर सकी।
यात्रा मार्ग पर सजी आकर्षक झांकियां, भक्ति गीत और डीजे की धुन पर झूमते शिवभक्त पूरे वातावरण को भक्तिमय बना रहे थे। इस दौरान छोटे बच्चों से लेकर पूरे परिवार तक आस्था और संकल्प की मिसाल पेश करते नजर आए।
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पांच वर्षीय देव कसाना चौथी बार बने भोले के कांवड़िया
सावन में शिवभक्ति का उत्साह हर उम्र में दिखाई दे रहा है। गाजियाबाद के जावली गांव निवासी पांच वर्षीय देव कसाना इस बार अपनी चौथी कांवड़ लेकर दादी के साथ पुरा महादेव शिवालय की ओर रवाना हुए। छोटे-छोटे कदमों से 'बोल बम' का जयघोष करते हुए आगे बढ़ रहे देव श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने रहे।
देव की दादी ने बताया कि परिवार में भगवान भोलेनाथ के प्रति गहरी आस्था है। यही वजह है कि देव बचपन से ही कांवड़ यात्रा में शामिल हो रहे हैं और इस बार भी जलाभिषेक के लिए उत्साह के साथ यात्रा कर रहे हैं।
मनोकामना पूरी होने पर परिवार संग निकले महेंद्र
लोनी के बेहटा निवासी महेंद्र के लिए इस वर्ष की कांवड़ यात्रा विशेष रही। उन्होंने बताया कि यह उनकी लगातार 20वीं कांवड़ यात्रा है। उनकी पत्नी ने पुत्र प्राप्ति की मनोकामना के साथ संकल्प लिया था कि इच्छा पूरी होने पर पूरा परिवार एक साथ कांवड़ यात्रा करेगा।
महेंद्र ने बताया कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। इसके बाद पूरे परिवार ने संकल्प पूरा करते हुए इस बार एक साथ हरिद्वार से गंगाजल लाकर पुरा महादेव शिवालय में जलाभिषेक करने का निर्णय लिया।
बारिश के बीच भी नहीं रुके शिवभक्त
हल्की बारिश के बावजूद कांवड़ यात्रा पूरे उत्साह के साथ जारी रही। रास्ते में लगे सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पेयजल और विश्राम की व्यवस्था रही। श्रद्धालुओं का कहना था कि सावन की फुहारें उनकी भक्ति को और अधिक आनंदमय बना रही हैं।