Meerut: लघु उद्योगों पर टैक्स का विरोध, सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, निगम में मुस्लिम लीग का प्रदर्शन
मेरठ में इण्डियन यूनियन मुस्लिम लीग ने नगर निगम परिसर में प्रदर्शन कर लघु उद्योगों पर लगाए जा रहे कमर्शियल टैक्स को खत्म करने और मलिन व दलित बस्तियों में सफाई व्यवस्था सुधारने की मांग उठाई। संगठन ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की।
विस्तार
मेरठ में लघु उद्योगों पर लगाए जा रहे कमर्शियल टैक्स और शहर की मलिन व दलित बस्तियों में खराब सफाई व्यवस्था के विरोध में इण्डियन यूनियन मुस्लिम लीग के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम परिसर में प्रदर्शन किया। संगठन ने दोनों मुद्दों पर नगर निगम से तत्काल हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की।
लघु उद्योगों पर टैक्स खत्म करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान पार्षद रिजवान अंसारी ने कहा कि शहर की मलिन, दलित और अल्पसंख्यक बस्तियों में रहने वाले लोग छोटे-छोटे मकानों में चप्पल निर्माण, मिट्टी के बर्तन, लकड़ी का काम, कपड़ा निर्माण, सिलाई-कढ़ाई, बुनाई और आर्टिफिशियल ज्वैलरी जैसे सूक्ष्म उद्योगों से अपनी आजीविका चला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें इन लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। बुनकर समाज को फ्लैट रेट पर बिजली भी दी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद नगर निगम द्वारा इन श्रमिकों से कमर्शियल टैक्स वसूला जा रहा है, जो उनके लिए आर्थिक बोझ बन गया है। संगठन ने इस टैक्स को तुरंत समाप्त करने की मांग की।
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मलिन बस्तियों में बदहाल सफाई व्यवस्था का मुद्दा
संगठन ने शहर की मलिन और दलित बस्तियों में खराब सफाई व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। आरोप लगाया गया कि नालों की सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि कई इलाकों में लंबे समय तक कूड़े के ढेर पड़े रहते हैं और समय पर कूड़ा नहीं उठाया जाता, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में इससे जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है।
निगम अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद इण्डियन यूनियन मुस्लिम लीग के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एस.के. गौतम को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने नगर निगम से मांग की कि लघु उद्योगों पर लगाए गए कमर्शियल टैक्स और मलिन बस्तियों की सफाई व्यवस्था के मुद्दे पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द ठोस कार्रवाई की जाए।