West UP: चुनाव में युवाओं का सबसे बड़ा मुद्दा, कोई नेता नहीं देता ध्यान, पढ़िए अमर उजाला की खास रिपोर्ट
Lok Sabha Election 2024 : चुनाव में युवाओं का भी एक सबसे बड़ा मुद्दा है। लेकिन इस ओर कोई नेता ध्यान नहीं देता। पढ़िए अमर उजाला की यह खास रिपोर्ट।
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लोकसभा चुनाव में रोजगार बड़ा मुद्दा है। सरकार के नुमाइंदे इस तरफ गंभीरता से ध्यान देंगे तो रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रत्याशी जब वोट मांगने आएं तो युवा वोटर आईटी पार्क पर ध्यान आकृष्ट करा सकते हैं। आशुतोष भारद्वाज की एक रिपोर्ट...
सरकार करोड़ों रुपये की लागत से मेरठ में वेद व्यासपुरी में शुरू किया गया एसटीपीआई सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया यानी आईटी पार्क आज तक शहर में कोई बड़ा स्टार्टअप शुरू नहीं कर पाया है। इसके विपरीत मेरठ के ही छात्र गृह जनपद को छोड़कर मेट्रो सिटी में रहकर अपने स्टार्टअप को सुचारू रूप से चला रहे हैं। इसके पीछे छात्र सुविधाओं का अभाव बता रहे हैं। इस बीच मेरठ के कई छात्रों के स्टार्टअप प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर सेलेक्ट हुए हैं। उन्हें एसटीपीआई दिल्ली या देहरादून की तरफ से अनुदान भी मिल रहा है।
वेद व्यासपुरी स्थित एसटीपीआई सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया यानी आईटी पार्क में जुलाई 2022 में सुचारू हुआ। इसमें एक शिफ्ट में 200 लोगों के स्टॉफ के काम करने की क्षमता है। ऐसे में तीन शिफ्ट में यहां 600 लोग काम कर सकते हैं। एसटीपीआई के एडमिनिस्ट्रेटर अरुण प्रियदर्शी ने बताया कि आई पार्क में ऑडिटोरियम, इंटरनेट, कांफ्रेंस हॉल, सुरक्षा सहित सभी सुविधाएं दी जाती हैं। इसके साथ ही ईएचटीपी इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर टेक्नोलॉजी पार्क और एटीपी सॉफ्टवेयर टेक्नॉलोजी पार्क स्कीम संचालित हैं।
- वर्तमान में आईटी पार्क में पांच कंपनी कार्य कर रही हैं। इसमें तीन स्टार्टअप संचालित हैं। उपनिदेशक पवन कुमार ने बताया कि अप स्टार्ट टेक में एक कर्मचारी आईटी पार्क में आते हैं। अन्य कर्मचारी ऑनलाइन काम करते हैं। ग्लोबल स्टाइल में पांच कर्मचारी कार्यरत हैं जो आईटी पार्क में आते हैं। इसके अतिरिक्त सेंट्रलिस्टिक्स, जेड एस एम बिजनेस सोल्यूशन, दीप प्रभ मीडिया संचालित हैं। तीन अन्य कंपनियों से भी संपर्क किया जा रहा है।
दिल्ली एसटीपीआई में हमारा स्टार्टअप अप्रूव हुआ। फंड भी मिलने शुरू हो गए। एसटीपीआई ने लीप लाइन में देश के 75 स्टॉर्टअप चिन्हित किए। देहरादून में ट्रेनिंग भी हुई। मेरठ में एसटीपीआई है फिर भी सुविधा और ट्रेनिंग का अभाव हैं। - आशुतोष कुमार, कनवेन्शन आईक्यू एलएलपी
साइबर सिक्योरिटी से संबंधित हमारे स्टार्टअप यूपी बेस्ट टेक्निकल स्टार्टअप अवार्ड दिसंबर में मिला। मेरठ के छात्र प्रतिभावान हैं। हमारे आइडिया को दिशा देने के लिए संसाधन नहीं है। - प्रशांत वर्मा, साइबर सिक्योरिटी प्रा. लि.
बोले कॉलेज के जिम्मेदार
एसटीपीआई मेरठ ब्रांच में स्टार्टअप व इनक्यूबेटर की संख्या कम है। एमआईईटी और एमआईटी कॉलेज से स्टार्टअप करने वाले छात्रों को एसटीपीआई से मदद नहीं मिलती है। स्टार्टअप वहां पर रजिस्टर्ड होता है तो उससे पांच हजार महीना किराया लिया जाता है। - अजय चौधरी, प्रवक्ता, एमआईईटी कॉलेज
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मेरठ के उद्यमियों को खासतौर पर एमएसएमई को भी एसटीपीआई को मजबूत करने के लिए आगे आना चाहिए। नए आइडिया देने वाले छात्रों को आगे बढ़ने में मदद मिलनी चाहिए। मेरठ के मुकाबले मेट्रो सिटी में बच्चों को बहुत अधिक मौके मिलते हैं। - फरमान अख्तर, हेड कॉर्पोरेट एफेयर्स, बीआईटी कॉलेज
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