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जून से शुरू होगा मेरठ-गढ़ हाईवे का निर्माण कार्य
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जून से शुरू होगा मेरठ-गढ़ हाईवे का निर्माण कार्य
मेरठ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की सौगात के बाद लोगों की नजर अब शहर से निकलने वाले दो हाईवे पर लग गई है। मेरठ-गढ़ और मेरठ-नजीबाबाद का प्रारंभिक कार्य शुरू कर दिया गया है। अगले दो-ढाई वर्ष में ये हाईवे भी बन जाएंगे, जिनसे लखनऊ, बिजनौर और मुरादाबाद तक कम समय में आवाजाही की सुविधा मिलेगी। मेरठ-गढ़ हाईवे बनाने का काम टाटा प्रोजेक्ट्स और मेरठ-नजीबाबाद मार्ग का कार्य आगरा की कंपनी को दिया गया है।
इन सभी हाईवे और एक्सप्रेसवे को आपस मेें जोड़ने के लिए राज्य सरकार के विभाग इनर रिंग रोड बना रहे हैं। हापुड़ रोड से गढ़ रोड, मवाना रोड से किला रोड और मवाना रोड से रुडकी रोड को जोड़ने वाले मार्ग पर कार्य शुरू हो गया है।
50.254 किमी के मेरठ-गढ़ (एनएच 709 ए) हाईवे के लिए अभी मुआवजा दिया रहा है। इसमें मेरठ के 28 और हापुड के आठ गांवों की जमीन अधिग्रहीत की गई है। परियोजना निदेशक मोहम्मद खालिद ने बताया कि 650 करोड़ मुआवजा बांटा जाना है। अप्रैल तक 280 करोड़ बांटा जा चुुका है। 90 प्रतिशत मुआवजा बांटे जाने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। बताया कि जून 2021 तक इसका निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। इसे वाई शेप बनाया जा रहा है।
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गढ़मुक्तेश्वर के हाईवे किलोमीटर 31 स्थित गांव चिरौड़ा से इसकी शुरुआत होगी। इसके बाद इसे मेरठ-बुलंदशहर और मेरठ-बिजनौर हाईवे की तरफ रूट देकर इसका निर्माण किया जाना है।
इसी तरह 53.95 किमी के मेरठ-नजीबाबाद (एनएच 119) हाईवे का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। मवाना रोड स्थित सलारपुर गांव से लेकर मसूरी तक पेड़ कटान का कार्य अंतिम चरण में है। मुआवजा वितरण में देरी से सैनी गांव के निवासियों ने अभी मकान तोड़ने का विरोध किया है। इस प्रोजेक्ट की संभावित लागत 1022 करोड़ रुपये है।
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मेरठ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की सौगात के बाद लोगों की नजर अब शहर से निकलने वाले दो हाईवे पर लग गई है। मेरठ-गढ़ और मेरठ-नजीबाबाद का प्रारंभिक कार्य शुरू कर दिया गया है। अगले दो-ढाई वर्ष में ये हाईवे भी बन जाएंगे, जिनसे लखनऊ, बिजनौर और मुरादाबाद तक कम समय में आवाजाही की सुविधा मिलेगी। मेरठ-गढ़ हाईवे बनाने का काम टाटा प्रोजेक्ट्स और मेरठ-नजीबाबाद मार्ग का कार्य आगरा की कंपनी को दिया गया है।
इन सभी हाईवे और एक्सप्रेसवे को आपस मेें जोड़ने के लिए राज्य सरकार के विभाग इनर रिंग रोड बना रहे हैं। हापुड़ रोड से गढ़ रोड, मवाना रोड से किला रोड और मवाना रोड से रुडकी रोड को जोड़ने वाले मार्ग पर कार्य शुरू हो गया है।
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50.254 किमी के मेरठ-गढ़ (एनएच 709 ए) हाईवे के लिए अभी मुआवजा दिया रहा है। इसमें मेरठ के 28 और हापुड के आठ गांवों की जमीन अधिग्रहीत की गई है। परियोजना निदेशक मोहम्मद खालिद ने बताया कि 650 करोड़ मुआवजा बांटा जाना है। अप्रैल तक 280 करोड़ बांटा जा चुुका है। 90 प्रतिशत मुआवजा बांटे जाने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। बताया कि जून 2021 तक इसका निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। इसे वाई शेप बनाया जा रहा है।
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गढ़मुक्तेश्वर के हाईवे किलोमीटर 31 स्थित गांव चिरौड़ा से इसकी शुरुआत होगी। इसके बाद इसे मेरठ-बुलंदशहर और मेरठ-बिजनौर हाईवे की तरफ रूट देकर इसका निर्माण किया जाना है।
इसी तरह 53.95 किमी के मेरठ-नजीबाबाद (एनएच 119) हाईवे का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। मवाना रोड स्थित सलारपुर गांव से लेकर मसूरी तक पेड़ कटान का कार्य अंतिम चरण में है। मुआवजा वितरण में देरी से सैनी गांव के निवासियों ने अभी मकान तोड़ने का विरोध किया है। इस प्रोजेक्ट की संभावित लागत 1022 करोड़ रुपये है।