Meerut: तीन दिन की बारिश से गंगा उफनी, बाढ़ का खतरा, खादर के किसानों की बढ़ी चिंता, प्रशासन अलर्ट
मेरठ के हस्तिनापुर में तीन दिन से हो रही बारिश के बाद गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। खादर क्षेत्र के किसानों को फसलों के नुकसान और बाढ़ की आशंका सता रही है।
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मेरठ के हस्तिनापुर खादर क्षेत्र में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के बाद गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर से गंगा किनारे खेती करने वाले किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि फिलहाल गंगा खतरे के निशान से नीचे बह रही है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर गंगा के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। जलस्तर बढ़ने के बाद खादर क्षेत्र के ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सबसे अधिक परेशानी उन किसानों को है, जिनके खेत गंगा किनारे स्थित हैं और जिनमें फसलें खड़ी हैं। किसानों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा और जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी होती रही तो फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
हरिद्वार से छोड़ा गया 90 हजार क्यूसेक से अधिक पानी
बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता घनश्याम दास ने बताया कि हरिद्वार स्थित भीमगोड़ा बैराज से सोमवार को 90 हजार 405 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके सापेक्ष बिजनौर बैराज पर 58 हजार 572 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि गंगा के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
प्रशासन ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की दी सलाह
स्थानीय प्रशासन भी गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। खादर क्षेत्र के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में हर वर्ष गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों ने समय रहते आवश्यक एहतियाती कदम उठाने की मांग की है। फिलहाल गंगा का बढ़ता जलस्तर किसानों और ग्रामीणों की चिंता जरूर बढ़ा रहा है।