देवबंद हादसा: एक साथ जलीं चार चिताएं, हर आंख हुई नम; कुशावली में मातम
देवबंद सड़क हादसे में जान गंवाने वाले कुशावली के चार श्रद्धालुओं का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार हुआ। एक साथ चार चिताएं जलने पर पूरा गांव शोक में डूब गया।
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एक साथ चार चिताएं जलीं तो पूरा गांव शोक में डूब गया। मां शाकुंभरी देवी की ज्योत लेकर सकुशल घर लौटने की उम्मीद लगाए बैठे परिवारों को अपनों की अर्थियां उठानी पड़ीं। अंतिम विदाई के समय परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।
किसी ने बेटा खोया, किसी के सिर से उठा पिता का साया
जिन घरों में अपनों के लौटने का इंतजार हो रहा था, वहां अब मातम पसरा है। हादसे ने किसी परिवार से जवान बेटा छीन लिया तो किसी के सिर से पिता का साया उठ गया। किसी मां की गोद सूनी हो गई तो किसी पत्नी का जीवनसाथी हमेशा के लिए बिछड़ गया। अंतिम संस्कार के दौरान परिजन अपने आंसू नहीं रोक सके। उन्हें बिलखता देख वहां मौजूद ग्रामीणों और रिश्तेदारों की आंखें भी नम हो गईं।
देवबंद में हुए हादसे की खबर मिलते ही कुशावली में शोक छा गया था। शनिवार को चारों श्रद्धालुओं के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग शामिल हुए। गांव के लोग पीड़ित परिवारों के घर पहुंचकर उन्हें ढांढस बंधाते रहे। अपनों को खोने का दर्द परिवारों के चेहरों और आंसुओं में साफ झलक रहा था। गांव में हर तरफ गम का माहौल बना हुआ है।
संगीत सोम समेत जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बंधाया ढांढस
पूर्व विधायक संगीत सोम सुबह से ही पीड़ित परिवारों के बीच रहे और उन्हें सांत्वना दी। वह अंतिम संस्कार में भी मौजूद रहे। इससे पहले एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, जिलाधिकारी वीके सिंह, एसडीएम उदित नारायण सेंगर, तहसीलदार योगेश चंद, सीओ आशुतोष कुमार, थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश प्रताप सिंह और सपा विधायक अतुल ने भी पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया।
कुशावली ने एक साथ अपने चार लोगों को अंतिम विदाई दी। श्रद्धालु मां शाकुंभरी देवी की ज्योत लेकर घर लौट रहे थे, लेकिन देवबंद के पास हुए सड़क हादसे ने परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया। अंतिम संस्कार के बाद भी गांव में शोक का माहौल है और अपनों को खोने वाले परिवारों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।