मेरठ: नहीं रहे राम मंदिर आंदोलन के सूत्रधार दिनेश चंद्र त्यागी, 38 साल पहले मुजफ्फरनगर में कराया हिंदू सम्मेलन
दिनेश चंद्र त्यागी भौतिकी विज्ञान में परास्नातक थे। त्यागी संघ के सरसंघचालक रहे प्रो. राजेंद्र सिंह उर्फ रज्जू भैया के संपर्क में आने के बाद संघ से जुड़ गए। वह सात भाई थे। उनकी एक बहन भी थी। वे वर्ष 1970 में मेरठ में संघ के प्रचारक बन गए थे।
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तारीख थी 6 मार्च 1983, स्थान मुजफ्फरनगर में हिंदू सम्मेलन का मंच, यहीं से हिंदू जागरण मंच के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संयोजक ने अयोध्या के राम जन्मभूमि, मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि और काशी के भगवान विश्वनाथ मंदिर पर बनी मस्जिदों को हिंदू संस्कृति को अपमानित करने का कुत्सित प्रयास बताते हुए इनकी मुक्ति का प्रस्ताव रखा। यह संयोजक कोई और नहीं बल्कि दिनेश चंद्र त्यागी थे।
हिंदू जागरण मंच के संयोजक के अलावा हिंदू महासभा के चार बार राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे त्यागी का शुक्रवार को अपराह्न दो बजे मेरठ मेडिकल कॉलेज में निधन हो गया। वह काफी समय से बीमार चल रहे थे। वे 78 वर्ष के थे।
त्यागी ने मुजफ्फरनगर सम्मेलन में पूर्व प्रधानमंत्री गुलजारी लाल नंदा, गोरक्षपीठ के तत्कालीन महंत अवैद्यनाथ, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री दाऊ दयाल खन्ना सहित अन्य कई प्रमुख हस्तियों को बुलाकर अपनी संगठन क्षमता का परिचय दे दिया।
हुआ यह था कि 1981 में तमिलनाडु के मीनाक्षीपुरम में हिंदू परिवारों के सामूहिक रूप से इस्लाम स्वीकार करने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने छुआछूत की समाप्ति और हिंदू समाज की एकजुटता के लिए अभियान चला रखा था। उसी सिलिसले में यह सम्मेलन हुआ था। इसी में त्यागी ने हिंदुत्व से जुड़े मुददे पर रणनीति बनाने के लिए हिंदू धर्माचार्यों को एक मंच पर लाकर धर्म संसद कराने की भूमिका तैयार की।
अमरोहा में हुआ जन्म
उस समय जिला मुरादाबाद और अब अमरोहा के मंडी धनौरा तहसील के पेलरी गांव में वर्ष 1943 में एक संपन्न कृषक परिवार में दिनेश चंद्र त्यागी का जन्म हुआ था। गांव के प्राइमरी स्कूल में शिक्षा के बाद उन्होंने धनौरा, चांदपुर, प्रयागराज (इलाहाबाद) और बड़ौत में शिक्षा ग्रहण की।
वे भौतिकी विज्ञान में परास्नातक थे। त्यागी संघ के सरसंघचालक रहे प्रो. राजेंद्र सिंह उर्फ रज्जू भैया के संपर्क में आने के बाद संघ से जुड़ गए। वह सात भाई थे। उनकी एक बहन भी थी। वे वर्ष 1970 में मेरठ में संघ के प्रचारक बन गए थे।
लोकसभा का चुनाव भी लड़ा
वरिष्ठ पत्रकार सर्वेश सिंह बताते हैं कि त्यागी ने विभाग प्रचारक रहते हुए ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री दाऊदयाल खन्ना को जोड़ा और श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन की भूमिका तैयार की। उनके आग्रह पर ही दाऊदयाल खन्ना ने आंदोलन का नेतृत्व किया। दिल्ली में हुई पहली धर्म संसद की बैठक में गठित श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के वे संयुक्त सचिव बनाए गए।
समिति के अध्यक्ष दाऊदयाल खन्ना और महासचिव महंत अवैद्यनाथ थे। उन्होंने वर्ष 1984 में मुरादाबाद से भाजपा के टिकट पर लोकसभा का चुनाव भी लड़ा। वह करीब एक माह से बीमार थे। बृहस्पतिवार को उन्हें मेरठ मेडिकल कालेज में भर्ती किया गया। जहां शुक्रवार को उनका निधन हो गया। पंचायती राज्यमंत्री भूपेंद्र सिंह ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि शनिवार को अंतिम संस्कार मुरादाबाद में किया जाएगा।