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Meerut: बिजली विभाग को 1.39 करोड़ की क्षति पहुंचाने वाला पूर्व अवर अभियंता गिरफ्तार, 18 साल पुराना है मामला
Sun, 14 Jun 2026 11:03 AM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Sun, 14 Jun 2026 11:03 AM IST
सार
मुजफ्फरनगर में वर्ष 2008 में मुख्य आरोपी तत्कालीन अवर अभियंता ब्रजेश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अब मेरठ ईओडब्ल्यू टीम ने आरोपी को लखनऊ से पकड़ा है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश विद्युत परिषद को करीब 1.39 करोड़ रुपये की राजस्व हानि पहुंचाने के मुख्य आरोपी तत्कालीन अवर अभियंता ब्रजेश कुमार को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) की टीम ने 18 वर्ष पुराने मामले में शनिवार को आरोपी को लखनऊ से गिरफ्तार किया है।
ईओडब्ल्यू ने प्रेस नोट जारी कर जानकारी दी कि वर्ष 2006-07 में मुजफ्फरनगर और शामली में सामान्य योजना के तहत 941 निजी नलकूपों को ऊर्जीकृत करने का लक्ष्य मिला था। आरोप है कि तत्कालीन अवर अभियंता ब्रजेश कुमार (निवासी बड़ौत, बागपत) व अन्य कर्मचारियों ने लक्ष्य पूरा होने के बाद भी लखनऊ मुख्यालय की अनुमति के बिना धोखाधड़ी की।
आरोपियों ने जनप्रतिनिधियों के फर्जी पत्र-शीर्ष (लेटर पैड) तैयार कर करीब 200 अतिरिक्त नलकूपों के अवैध कनेक्शन दे दिए। इससे विद्युत परिषद को कुल 1.39 करोड़ रुपये की वित्तीय क्षति हुई। मामले में वर्ष 2008 में मुजफ्फरनगर कोतवाली में धोखाधड़ी और साजिश का मुकदमा दर्ज किया गया था।
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ईओडब्ल्यू ने प्रेस नोट जारी कर जानकारी दी कि वर्ष 2006-07 में मुजफ्फरनगर और शामली में सामान्य योजना के तहत 941 निजी नलकूपों को ऊर्जीकृत करने का लक्ष्य मिला था। आरोप है कि तत्कालीन अवर अभियंता ब्रजेश कुमार (निवासी बड़ौत, बागपत) व अन्य कर्मचारियों ने लक्ष्य पूरा होने के बाद भी लखनऊ मुख्यालय की अनुमति के बिना धोखाधड़ी की।
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आरोपियों ने जनप्रतिनिधियों के फर्जी पत्र-शीर्ष (लेटर पैड) तैयार कर करीब 200 अतिरिक्त नलकूपों के अवैध कनेक्शन दे दिए। इससे विद्युत परिषद को कुल 1.39 करोड़ रुपये की वित्तीय क्षति हुई। मामले में वर्ष 2008 में मुजफ्फरनगर कोतवाली में धोखाधड़ी और साजिश का मुकदमा दर्ज किया गया था।
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