बड़ा मामला: किसान की मौत पर भड़का आक्रोश, अंतिम संस्कार से इंकार, इस जिद पर अड़े परिजन,अफसरों के फूले हाथ-पांव
Meerut Farmer Death Case : मेरठ में एसडीएफ दफ्तर में खुद को आग लगाने वाले किसान की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद किसान का शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। पीड़ित परिजन अफसरों पर केस दर्ज कराने की मांग पर अड़े हुए हैं।
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मेरठ में मवाना एसडीएम दफ्तर के परिसर में खुद को आग लगाने वाले अलीपुर मोरना गांव के किसान जगबीर गुर्जर की शनिवार को अस्पताल में मौत हो गई। वहीं, मौत की खबर गांव में पहुंचते ही गुर्जर समाज के सैकड़ों लोग जगबीर के घर पहुंच गए। परिजनों ने अंतिम संस्कार से मना कर दिया। बेटे प्रिंस और आकाश पिता की मौत के जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अड़ गए। उन्होंने थाने पर प्रशासनिक अधिकारियों व वन विभाग के कई अधिकारियों के खिलाफ नामजद तहरीर दी। छोटा बेटा आकाश अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सौ फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। इंसाफ की मांग को लेकर टॉवर से नीचे कूदकर आत्महत्या की चेतावनी दी।
इलाज के दौरान जगबीर की हालत चिंताजनक जनक बनी हुई थी। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते शनिवार सुबह से ही एडीएम अमित कुमार, एसपी देहात कमलेश बहादुर, एसडीएम अखिलेश यादव, सीओ सौरभ कुमार भारी फोर्स के साथ गांव पहुंच गए। इस बीच आई किसान की मौत की सूचना पर बेटे प्रिंस और आकाश ने इंसाफ मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की चेतावनी दी। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। जगबीर की पत्नी के दिव्यांग होने का हवाला देते हुए परिजनों को सरकारी नौकरी दिए जाने की भी मांग की।
वहीं, राज्य मंत्री दिनेश खटीक पीड़ित परिजनों को आर्थिक सहायता देने पहुंचे तो बेटा आकाश आर्थिक सहायता लेने से मना करते हुए गांव में लगे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। इससे अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। आनन-फानन टॉवर के पास पहुंचे और आकाश से नीचे उतरने की अपील करने लगे। आधे घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद गांव के दो युवक उसे उतारने के लिए टावर पर चढ़े। इसके बाद उसे नीचे उतारा जा सका। तब जाकर अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
जगबीर के घर पहुंचे राज्य मंत्री दिनेश खटीक
जगबीर की मौत की खबर मिलते ही राज्य मंत्री दिनेश खटीक और ब्लॉक प्रमुख नितिन पोसवाल अलीपुर मोरना गांव पहुंचे। पीड़ित परिवार से मुलाकात की। घर पर जमा हुए गुर्जर समाज के लोगों से बात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। राज्य मंत्री ने एडीएम प्रशासन अमित कुमार, एसपी देहात कमलेश बहादुर, एसडीएम अखिलेश यादव, सीओ सौरभ कुमार से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की बात कही।
अतुल प्रधान ने दिया मदद का आश्वासन
समाजवादी पार्टी के सरधना विधायक अतुल प्रधान अलीपुर मोरना गांव पहुंचे। जगबीर के परिजनों से मिलकर न्याय मिलने तक इंसाफ की लड़ाई में साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। इसके अलावा भाजपा नेता आकाश गुर्जर ने भी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलने तक साथ खड़े रहने की बात कही।
रालोद का प्रतिनिधिमंडल किसान के परिवार से मिला
राष्ट्रीय लोकदल के प्रतिनिधिमंडल ने गांव अलीपुर मोरना पहुंच कर पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी। परिजनों एवं ग्रामीणों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। आरोप लगाया कि वन विभाग ने किसान जगबीर सिंह गुर्जर की पुश्तैनी जमीन में खड़ी फसल को बिना नोटिस दिए रौंद दिया। किसान ने अधिकारियों से गुहार लगाने का प्रयास किया तो किसी ने नहीं सुना। इससे आहत होकर जगबीर ने आत्मदाह का प्रयास किया। राष्ट्रीय लोक दल प्रतिनिधि मंडल किसान प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय अध्यक्ष चौधरी रतन सिंह, प्रदेश सचिव विकास सिंह भैंसा ने कहा कि पीड़ित परिवार की लड़ाई में संगठन साथ है।
किसान संगठनों की पीड़ित परिजनों को मुआवजा व बेटे को नौकरी दिए जाने की मांग
किसान जगबीर की मौत पर किसान संगठनों ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने किसान के बेटे को नौकरी व मुआवजा दिए जाने की मांग की है। इसे लेकर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने शनिवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा को ज्ञापन भी सौंपा।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी, प्रदेश महासचिव सतबीर, हर्ष चहल, नरेश मवाना, महबूब सोलाना, मोनू ढिंढाला आदि ने पहले शनिवार को न्यूटिमा अस्पताल पहुंचकर किसान जगबीर के पुत्र प्रिंस से मुलाकत की और उन्हें सांत्वना दी। इसके बाद पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें किसान के बेटे को संविदा नौकरी व परिवार को मुआवजा दिए जाने की मांग की गई। डीएम ने संगठन के पदाधिकारियों को मांग पूरी करने का आश्वासन दिया। किसान मजदूर संघ के महानगर अध्यक्ष विजय राघव ने भी किसान के परिवार को मुआवजा, मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सीएम से किसानों का उत्पीड़न बंद किए जाने की मांग
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने संपूर्ण समाधान दिवस में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर किसानों का उत्पीड़न बंद किए जाने की मांग की है। साथ ही गांव मोरना के किसान द्वारा आत्महत्या करने के मामले में प्रशासन को गलत ठहराया है।
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ज्ञापन में कहा है कि अगर प्रशासन समय रहते किसान जगबीर की जमीन को पहले चिह्नित करता तो किसान आत्महत्या का प्रयास नहीं करता। गन्ना आरक्षण से पहले गन्ना मूल्य घोषित करने का गन्ना एक्ट के अनुसार नियम है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज तक राज्य सरकार द्वारा गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया गया है। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन मांग करता है कि जल्द से जल्द गन्ना मूल्य घोषित किया जाए। एमएसपी खरीद की गारंटी का कानून बनाया जाए। आवारा पशुओं द्वारा किसानों की फसलों को चौपट किया जा रहा है व किसान-मजदूरों को मारा जा रहा है, उसका समाधान कराया जाए। चकबंदी द्वारा गांव गडीना में जो रास्ते दिए गए हैं, वह किसानों ने बंद कर रखे हैं। उनको कब्जा मुक्त कराया जाए। बिजली बिलों में सुधार कराया जाए और किसान-मजदूर का उत्पीड़न बंद किया जाए।
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