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Meerut: कुत्ते के काटने से आठ साल की बच्ची की मौत, गांव के अपंजीकृत डॉक्टर ने लगाए थे 4 इंजेक्शन
Fri, 15 Nov 2024 01:11 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Fri, 15 Nov 2024 01:11 AM IST
सार
मां के साथ जा रही बच्ची के मुंह पर कुत्ते ने काटा था। परिजन उसे जिला अस्पताल ले जाकर इलाज कराने व इंजेक्शन लगवाने के बजाय झोलाछाप के पास ले गए थे।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : istock
विस्तार
कंकरखेड़ा के जटौली गांव में आवारा कुत्ते के काटने से 14 दिन के अंदर आठ साल की बच्ची कनक की मौत हो गई। परिजनों ने गांव के ही अपंजीकृत डॉक्टर से बच्ची को 4 इंजेक्शन लगवाए थे। चौथा इंजेक्शन लगने के बाद बच्ची की हालत बिगड़ी थी। बच्ची की मौत का जिम्मेदार लोगों ने नगर निगम और गांव के डॉक्टर को ठहराया है।
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हाईवे स्थित जटौली गांव निवासी प्रवीण ने बताया कि वह मजदूरी करता है। पत्नी ममता गृहिणी है। 28 अक्तूबर को ममता अपनी 8 साल की बेटी कनक के साथ बाजार जा रही थी। घर से 200 मीटर की दूरी पर एक आवारा कुत्ते ने उनकी बेटी पर हमला कर दिया। बेटी के चेहरे को कुत्ते ने नोंचा था। ग्रामीणों ने किसी तरह डंडे मारकर कुत्ते से बच्ची को बचाया। बच्ची लहूलुहान हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने बेटी को एक चिकित्सक को दिखाया था। गांव के ही चिकित्सक ने बच्ची को इंजेक्शन लगा दिए थे।
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परिजनों के अनुसार 12 नवंबर को युवक अपनी बेटी को चौथा इंजेक्शन लगवाने के लिए चिकित्सक के पास ले गया था, लेकिन अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई थी। चिकित्सकों ने दिल्ली रेफर करने की बात कही थी। गंभीर हालत के चलते दिल्ली में भी अस्पताल ने बच्ची को लेने से मना कर दिया था। दिल्ली से वापस लाते वक्त बीच रास्ते में बच्ची ने दम तोड़ दिया।
खूंखार कुत्ते रोज 156 लोगों को बना रहे शिकार
शहर में कुत्ते खूंखार हो रहे हैं। इस साल 31 अक्तूबर तक 47424 लोगों को उन्होंने निशाना बनाया है, यानी हर रोज औसतन 156 लोग शिकार हो रहे हैं। ये तो वो हैं जो पीएल शर्मा जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए आए, इनके अलावा ऐसे भी लोग हैं, जिन्हें कुत्तों ने काटा और उनका रिकॉर्ड नहीं है। जिला अस्पताल में एंटी रेबीज़ वैक्सीन (वैक्सीन) लगवाने वालों की लंबी लंबी कतारें लग रही हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ विक्रम सिंह ने बताया कि हर रोज काफी संख्या में मरीज़ एआरवी आ रहे हैं।
शहर में कुत्ते खूंखार हो रहे हैं। इस साल 31 अक्तूबर तक 47424 लोगों को उन्होंने निशाना बनाया है, यानी हर रोज औसतन 156 लोग शिकार हो रहे हैं। ये तो वो हैं जो पीएल शर्मा जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए आए, इनके अलावा ऐसे भी लोग हैं, जिन्हें कुत्तों ने काटा और उनका रिकॉर्ड नहीं है। जिला अस्पताल में एंटी रेबीज़ वैक्सीन (वैक्सीन) लगवाने वालों की लंबी लंबी कतारें लग रही हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ विक्रम सिंह ने बताया कि हर रोज काफी संख्या में मरीज़ एआरवी आ रहे हैं।
यह है रेबीज
कुत्ता, बंदर, लंगूर आदि के काटने से जो लार व्यक्ति के खून में मिल जाती है, उससे रेबीज की बीमारी होने का खतरा रहता है। रेबीज रोग मानसिक संतुलन बिगाड़ता है। यह रोग 19 साल तक मरीज को अपनी गिरफ्त में ले सकता है।
कुत्ता, बंदर, लंगूर आदि के काटने से जो लार व्यक्ति के खून में मिल जाती है, उससे रेबीज की बीमारी होने का खतरा रहता है। रेबीज रोग मानसिक संतुलन बिगाड़ता है। यह रोग 19 साल तक मरीज को अपनी गिरफ्त में ले सकता है।
रेबीज के लक्षण और बचाव
रेबीज रोगी को सबसे ज्यादा पानी से डर लगता है। रोगी के मुंह से लार निकलती है। यहां तक की वह भौंकना भी शुरू कर देता है। रेबीज रोग की रोकथाम के लिए अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। इससे बचाव हो सकता है। नियमानुसार पहला इंजेक्शन 72 घंटे के अंदर, दूसरा तीन दिन बाद, तीसरा सात दिन बाद, चौथा 14 दिन बाद और पांचवां 28 दिन के बाद लगाया जाता है।
रेबीज रोगी को सबसे ज्यादा पानी से डर लगता है। रोगी के मुंह से लार निकलती है। यहां तक की वह भौंकना भी शुरू कर देता है। रेबीज रोग की रोकथाम के लिए अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। इससे बचाव हो सकता है। नियमानुसार पहला इंजेक्शन 72 घंटे के अंदर, दूसरा तीन दिन बाद, तीसरा सात दिन बाद, चौथा 14 दिन बाद और पांचवां 28 दिन के बाद लगाया जाता है।
पुराने टोटके अपनाने से बचें
सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि अगर कुत्ता काट ले तो पुराने टोटके अपनाने से परहेज करना चाहिए। कुत्ते के काटने पर पिसी मिर्च लगा लेने का प्रचलन अब भी है, लेकिन ऐसा करने से घाव में इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है। कुत्ते या किसी जानवर के काटने पर 72 घंटे में एंटी रेबीज वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।
सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि अगर कुत्ता काट ले तो पुराने टोटके अपनाने से परहेज करना चाहिए। कुत्ते के काटने पर पिसी मिर्च लगा लेने का प्रचलन अब भी है, लेकिन ऐसा करने से घाव में इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है। कुत्ते या किसी जानवर के काटने पर 72 घंटे में एंटी रेबीज वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।