मेरठ: नालों में गोबर बहाना पड़ा महंगा, 45 डेयरी संचालकों पर 3.55 करोड़ जुर्माना
- बोर्ड बैठक में पास हुआ था जुर्माना
- नोटिस के बाद भी डेयरी शहर से बाहर नहीं करने पर होगी कार्रवाई
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माधवपुरम सहित दो इलाकों की 45 डेयरी संचालकों पर तीन करोड़ 55 लाख 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर रिकवरी नोटिस भेजे गए हैं। जारी कर दिए हैं। निगम प्रशासन ने चेतावनी दी है कि रिकवरी नोटिस के बाद भी डेयरियों को शहर से बाहर नहीं करने पर प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना राशि बढ़ती चली जाएगी।
शहर में 800 से ज्यादा डेयरियां है। इनमें 15000 से अधिक पशु हैं। डेयरियों से निकलने वाला गोबर शहर से बाहर नहीं भेजा जाता है। आरोप है कि गोबर को नालों में बहाया जा रहा है। कुछ इलाकों में डेयरी संचालक गोबर को सीधे नाले में डाल रहे हैं। इसके कारण नाले चोक हो रहे हैं।
शहर में गोबर के कारण फैल रही गंदगी को लेकर एनजीटी कई बार नगर निगम प्रशासन को फटकार लगा चुका है। हाईकोर्ट का आदेश है कि सभी डेयरियों को शहर से बाहर किया जाए। न्यायालय में फटकार के बाद नगर निगम बोर्ड और प्रशासन ने डेयरी संचालकों पर जुर्माने की कार्रवाई का प्रस्ताव पास किया था। नगर निगम प्रशासन ने नियमावली तैयार कर जुर्माना वसूली के लिए शासन से भी स्वीकृति प्राप्त कर ली है।
निगम प्रशासन ने पहले चरण में ओडियन नाला क्षेत्र के मकबरा घोसियान में 28 और माधवपुरम की 17 डेयरियों पर जुर्माना लगाकर नोटिस जारी किया है। निगम प्रशासन के अनुसार, 18 फरवरी को सभी डेयरी संचालकों को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन किसी भी डेयरी संचालक ने डेयरी को शहर से बाहर करने का प्रमाण पत्र नगर निगम में जमा नहीं किया। अब फरवरी से जून तक की जुर्माना राशि तय की गई है।
इस तरह लगाया जुर्माना
डेयरियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तैयार नगर निगम की उप नियमावली में स्पष्ट है कि डेयरी में पांच पशु तक प्रतिदिन दो हजार रुपये, 5 से 25 पशु वाली डेरी पर प्रतिदिन पांच हजार रुपये और 25 पशुओं से ज्यादा वाली डेयरी पर दस हजार रुपये प्रतिदिन जुर्माना लिया जाएगा।
सभी डेयरी संचालकों को लगातार नोटिस जारी कर चेतावनी दी जाती रही है, लेकिन वह डेयरियां शहर से बाहर नहीं ले जा रहे हैं। डेयरियों का गोबर नालों में बहाया जा रहा है। ऐसे में सफाई के बाद भी नाले चोक हो रहे हैं। पर्यावरण दूषित हो रहा है। अगर तीन दिन के भीतर डेयरी संचालक जुर्माना नहीं जमा करते हैं तो अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. अरविंद चौरसिया, नगर आयुक्त