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Meerut: सूटकेस में मिला बालक का शव, सुबह परिजन बोले ये तो हमारा जुनैद है, शाम को मुकर गए; जानें पूरा मामला...

Tue, 24 Dec 2024 01:00 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Tue, 24 Dec 2024 01:00 PM IST
सार

लिसाड़ीगेट से करीब ढाई साल पहले आठ साल का जुनैद अचानक लापता हो गया था। अब गाजियाबाद पुलिस को एक सूटकेस में शव मिला तो आशंका थी कि वह जुनैद है। 

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"Meerut: Dead body of a child found in a suitcase, in the morning family members said that this is our Junaid
जुनैद की ढाई साल पहले की फोटो। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गाजियाबाद के निवाड़ी थाना क्षेत्र में सूटकेस में मिला बालक का शव लिसाड़ी गेट के जुनेद का नहीं था। परिजनों का आरोप है कि दबाव देकर उनसे पहचान कराई गई। गाजियाबाद पुलिस ने रविवार को दावा किया था कि परिजनों ने फोटो देखकर जुनेद की पहचान की है।
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"Meerut: Dead body of a child found in a suitcase, in the morning family members said that this is our Junaid
जुनैद की नानी शन्नो। - फोटो : अमर उजाला
लिसाड़ी गेट के तारापुरी निवासी रियाजुद्दीन मजूदरी करते हैं। वह ससुराल के पास ही किराए के मकान में पत्नी हिना और बेटे जुनेद के साथ रह रहे थे। जुलाई 2022 में जुनेद घर के पास खेलते समय अगवा कर लिया गया था। तब जुनेद की उम्र 8 वर्ष थी। परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। काफी तलाश के बाद भी जुनेद का कोई सुराग नहीं मिला था। पुलिस ने मामले में एफआर लगा दी थी।
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इसके बाद केस एएचटीयू को ट्रांसफर हो गया था। परिजनों की बेटे के वापस आने की उम्मीद टूटने लगी थी। रविवार को गाजियाबाद पुलिस लिसाड़ी गेट पहुंची और परिजनों से बातचीत करने और फोटो दिखाने के बाद सूटकेस में मिला शव जुनेद का होने का दावा किया। जुनेद की नानी शन्नो ने बताया कि गाजियाबाद पुलिस की दिखाई फोटो उन्हें जुनेद जैसी लग रही थी। सोमवार को परिजनों और रिश्तेदारों से बात की गई और पुराने फोटो देखे गए तो उन्हें पता चला कि शव जुनेद का नहीं है। गाजियाबाद पुलिस जबरन इसे जुनेद का शव साबित न करे।
सीओ कोतवाली आशुतोष कुमार का कहना है कि गाजियाबाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहां के पुलिस अधिकारी ही इस बारे में ज्यादा जानकारी दे पाएंगे।
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17 दिसंबर को मिला था शव
निवाड़ी थाना क्षेत्र में गंगनहर पटरी के पास 17 दिसंबर को लाल रंग के सूटकेस को कुत्ते खींच रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सूटकेस खोला तो उसमें बालक का शव मिला। बच्चे ने लाल रंग की ऊनी जर्सी और काली पैंट पहन रखी थी। पैरों में जूते नहीं थे। बाएं हाथ पर प्लास्टर चढ़ा था। गले पर निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने गांव अबूपुर के चौकीदार तौसिफ की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। 72 घंटे बाद भी शिनाख्त नहीं हुई तो पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव दफना दिया था। 

रविवार को गाजियाबाद पुलिस जांच करते हुए मेरठ आई थी। जुनेद के परिजनों को थाने बुलाकर शव के फोटो दिखाए गए। इसके बाद गाजियाबाद पुलिस ने दावा किया था कि परिजनों ने उसकी पहचान जुनेद के रूप में की, लेकिन सोमवार को परिजन मुकर गए।

 
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