Meerut Crime Report: फलावदा में गोकशी, हंगामा, ब्लॉक मिशन प्रबंधक पर 2.20 लाख के गबन का आरोप
फालावदा थाना क्षेत्र के गांव नागोरी के जंगल में गो काशी होने की सूचना पर ग्रामीणों ने हंगामा किया। मेरठ से अपराध समाचारों पर आइए डालते हैं एक नजर।
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फालावदा थाना क्षेत्र के गांव नागोरी के जंगल में गो काशी होने की सूचना पर ग्रामीणों ने हंगामा किया। घटना स्थल दो जिलों की सीमा के बीच होने के चलते दो थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई ग्रामीणों ने कार्यवाही की मांग करते हुए हंगामा गया।
जानकारी के मुताबिक क्षेत्र के गांव नागोरी के भारी छोर पर स्थित किसान के खेत में पशु के अवशेष व खून आदि पडा मिलने से किसान आगबबूला हो गया बताया गया है किसान सुबहा के वक्त जब अपने खेत पर गया वहां पशु का खून व अवशेष पड़े मिले जिसे देखकर किस ने गांव में सूचना दी मोके पर काफी संख्या में लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए सूचना हंड्रेड डायल पर दी गई।
सूचना मिलने पर हंड्रेड डायल में थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई बताया गया है कि घटनास्थल जानसठ थाने का होने के चलते जानसठ पुलिस की मौके पर पहुंची ग्रामीणों ने कार्यवाही की मांग करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया किसान कार्रवाई की मांग करते हुए थाने में तेरी भी है जानसठ थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया पशु कटान की सूचना मिली थी किसान की सूचना पर कार्यवाही की जा रही है।
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ब्लॉक मिशन प्रबंधक पर 2.20 लाख के गबन का आरोप
स्वयं सहायता समूह के जरिए सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। दौराला ब्लॉक में कार्यरत ब्लॉक मिशन प्रबंधक पर महिलाओं के दो समूह का 2.20 लाख रुपये गबन करने का आरोप है। समूह की इस धनराशि को दो महिलाओं के व्यक्तिगत खाते में डालकर हड़पने के आरोप की शिकायत सीएम ऑफिस तक की गई है।
संयुक्त मिशन निदेशक मिथलेश कुमार तिवारी ने मेरठ के उपायुक्त स्वत: रोजगार अंबरीश कुमार को जांच करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने इस संबंध में बीडीओ दौराला को स्वयं जांच कर आख्या देने के आदेश दिए हैं। स्वयं सहायता समूह में गबन करने का यह आरोप दौराला ब्लॉक के गांव जलालपुर बेहता में स्वयं सहायता समूह सखी की सदस्य सुनीता ने लखनऊ शिकायत भेज कर लगाया है। शिकायत कर्ता सुनीता ने सीडीओ नूपुर गोयल से मिलकर मामले की जांच कराने की मांग की है।
जांच रिपोर्ट बेनतीजा फॉरेसिंक लैब की रिपोर्ट का इंतजार
लोहियानगर विस्फोट की जांच के लिए बनी कमेटी की रिपोर्ट बेनतीजा रही है। अब सिर्फ फॉरेंसिंक लैब की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। विस्फोट कैसे हुआ और जिम्मेदार कौन है, यह जांच रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं हुआ है। आवासीय क्षेत्र में फैक्टरी कैसे चल रही थी, मानचित्र क्यों नहीं था और नौ किलो वोट का बिजली का कनेक्शन कैसे दिया गया। इसको लेकर संबंधित विभागीय अधिकारियों को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
एडीएम सिटी बृजेश सिंह की अध्यक्षता में लोहियानगर में हुए विस्फोट की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई थी। जिसमें एडिशनल डायरेक्टर विद्युत सुरक्षा, एडिशनल डायरेक्टर कारखाना, विकास प्राधिकरण, नगर निगम, एसपी सिटी सहित आठ विभाग के अधिकारी शामिल थे। विभागीय अधिकारियों ने अपनी-अपनी जांच रिपोर्ट एडीएम सिटी को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट में मौके पर पोटेशियम क्लोराइड सहित कई सामग्री मिलना बताया गया।
पोटेशियम क्लोराइड किसके लिए इस्तेमाल हो रहा है, यह स्पष्ट नहीं है। विस्फोट कैसे हुआ, इसका कोई जिक्र कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में नहीं किया। डीएम दीपक मीणा ने बताया कि एडिशनल डायरेक्टर विद्युत विभाग, एडिशनल डायरेक्टर कारखाने, विकास प्राधिकरण को नोटिस भेजा जा रहा है। बिल्डिंग का मानचित्र क्यों नहीं, विद्युत से जुड़े सुरक्षा के मानकों की जांच क्यों नहीं हुई और नौ किलो वाट का बिजली का कनेक्शन कैसे दिया गया। इसका जवाब संबंधित विभागीय अधिकारियों से मांगा जाएगा।