{"_id":"928d29b67d47dc0cc61035173d776055","slug":"meerut-crime-hindi-news-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"रस्सी को सांप बनाकर पेश कर रहे कुछ लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रस्सी को सांप बनाकर पेश कर रहे कुछ लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 22 Jan 2016 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महंत नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा है कि प्राचीन सिद्धपीठ प्रचंड चंडी देवी और महादेव मंदिर के खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है। यह मंदिर से जुड़े लोगों को जेल भेजने की साजिश से जुड़ा है।
बृहस्पतिवार को मंदिर में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि इस मंदिर से जुड़े लोगों के खिलाफ उच्च स्तर की साजिश रची जा रही है, क्योंकि कुछ लोग ही हैं, जो इस्लामिक जेहाद और आईएसआई जैसे खतरों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जैसे साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित जैसे निर्दोष लोगों को फंसाकर भगवा आतंकवाद का शब्द गढ़ा जा रहा है। कुछ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वाले रस्सी को जहरीला सांप सिद्ध करने पर उतारू हैं।
विज्ञापन
अफवाह फैला कर पारंपरिक पटेबाजी की तलवार और एयरगन को हथियार के रूप में दिखा रहे हैं। प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से अपील की कि इस षड्यंत्र की जांच कराई जाए।
उन्होंने डासना मंदिर पर लगे बोर्ड के बारे में सफाई दी कि मंदिर परिसर में बोर्ड पर लिखा गया है कि यह तीर्थ हिंदुओं का पवित्र स्थल है। इसमें मुसलमानों का प्रवेश वर्जित है।
यह इसलिए लिखा गया है कि मंदिर में आने वाली माताओं-बहनों को यहां के लोग परेशान करते थे, उनकी रक्षा के लिए यह बोर्ड लगाया गया है।
उधर, डीआईजी मेरठ रेंज आशुतोष कुमार ने बताया कि इस मामले में गाजियाबाद पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसमें यह मामला पूरी तरह से फर्जी पाया गया। कुछ अखाडे़ खुले हैं, इससे ज्यादा कुछ भी नहीं है।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को मंदिर में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि इस मंदिर से जुड़े लोगों के खिलाफ उच्च स्तर की साजिश रची जा रही है, क्योंकि कुछ लोग ही हैं, जो इस्लामिक जेहाद और आईएसआई जैसे खतरों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जैसे साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित जैसे निर्दोष लोगों को फंसाकर भगवा आतंकवाद का शब्द गढ़ा जा रहा है। कुछ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वाले रस्सी को जहरीला सांप सिद्ध करने पर उतारू हैं।
विज्ञापन
अफवाह फैला कर पारंपरिक पटेबाजी की तलवार और एयरगन को हथियार के रूप में दिखा रहे हैं। प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से अपील की कि इस षड्यंत्र की जांच कराई जाए।
उन्होंने डासना मंदिर पर लगे बोर्ड के बारे में सफाई दी कि मंदिर परिसर में बोर्ड पर लिखा गया है कि यह तीर्थ हिंदुओं का पवित्र स्थल है। इसमें मुसलमानों का प्रवेश वर्जित है।
यह इसलिए लिखा गया है कि मंदिर में आने वाली माताओं-बहनों को यहां के लोग परेशान करते थे, उनकी रक्षा के लिए यह बोर्ड लगाया गया है।
उधर, डीआईजी मेरठ रेंज आशुतोष कुमार ने बताया कि इस मामले में गाजियाबाद पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसमें यह मामला पूरी तरह से फर्जी पाया गया। कुछ अखाडे़ खुले हैं, इससे ज्यादा कुछ भी नहीं है।