फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut: Cows died due to hunger in Kanha Upvan Cowshed, demand raised for action against officers.

Meerut: कान्हा उपवन गोशाला में भूख से तड़पते हुए गोवंशों की मौत, कहां सो रहे थे जिम्मेदार

Fri, 18 Jul 2025 09:56 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Fri, 18 Jul 2025 09:56 AM IST
सार

गोशाला में तीन दिन पहले भूख से कई गोवंशों की मौत हो गई थी। इसे लेकर भाजपा पार्षदों ने नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी भी जिम्मेदारों पर भड़क उठे।

विज्ञापन
Meerut: Cows died due to hunger in Kanha Upvan Cowshed, demand raised for action against officers.
कान्हा उपवन गोशाला में पहुंचे सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और निगम अफसर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कान्हा उपवन गोशाला में गोवंशों की दुर्दशा पर बृहस्पतिवार को लोगों का गुस्सा फूट गया। भाजपा पार्षदों ने सोशल मीडिया पर निगम अफसरों के खिलाफ मुहिम चला दी है। जिम्मेदार अफसरों पर मुकदमा कराने की मांग उठाकर नगर आयुक्त से नाराजगी जताई गई। कैंट बोर्ड की बैठक में भी गोशाला में भूख से गोवंश की मौत होने के आरोप लगाकर मामला उठाया गया। राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक छोड़कर सीधे गोशाला पहुंच गए। डॉ. वाजपेयी गोवंशों की देखरेख करने वाले अफसरों पर जमकर भड़के और दोषी कर्मचारी-अधिकारियों को जेल भिजवाने तक की बात कही। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने भी गोशाला का निरीक्षण किया। अनियमितताएं मिलने पर नाराजगी जताई।
विज्ञापन

गोशाला में भूख से गोवंशों की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद नगर निगम के अधिकारियों की नींद टूटी। तीन दिन से गोशाला में गोवंशों के लिए चारा, खल-चूरी, चोकर और उनकी देखरेख पर निगम अफसरों का फोकस हुआ है। गोशाला में गोवंशों की दुर्दशा की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे हैं। गोवंशों की हालत देखकर लोगों में आक्रोश है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसको लेकर बृहस्पतिवार सुबह भाजपा पार्षद संदीप रेवड़ी, कुलदीप वाल्मीकि और दिग्विजय सिंह समेत अन्य लोगों ने नगर आयुक्त से मुलाकात कर अपनी नाराजगी जताई। नगर आयुक्त ने एडीएम सिटी और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की जांच रिपोर्ट भी तीनों पार्षदों को दिखाई है। इसके बाद भाजपा नेताओं और पार्षदों ने व्हाट्सएप, फेसबुक व इंस्ट्राग्राम पर गोवंशों के तड़पते दम तोड़ने की वीडियो एक-दूसरे को शेयर करनी शुरू कर दी। पार्षदों ने मांग उठाई कि जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराओ। नगर आयुक्त ने पार्षदों का आश्वासन दिया कि कांवड़ यात्रा संपन्न होने यानी 25 जुलाई के बाद गोशाला में लापरवाही करने वालों अफसरों पर बड़ी कार्रवाई करूंगा।
 
विज्ञापन

गोवंशों की मौत का जिम्मेदार नगर निगम
राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी बृहस्पतिवार को कैंट बोर्ड की बैठक में गए थे। वहां एक व्यापारी ने निगम की गोशाला में गोवंशों की मौत का मुद्दा उठाया। डॉ. वाजपेयी ने गोशाला में जाकर निरीक्षण करने का आश्वासन व्यापारी को दिया। शाम 4.15 बजे डॉ. वाजपेयी कार्यकर्ताओं संग परतापुर स्थित गोशाला में पहुंचे। वहां पर नगरायुक्त द्वारा गठित कमेटी जांच कर रही थी। डॉ. वाजपेयी ने गोशाला में गोवंशों के इलाज करने वाले भुगतान, रजिस्टर, कर्मचारियों की ड्यूटी की जानकारी ली हैं। वहां पर मौजूद प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी समेत अफसरों को फटकार लगाई। गोवंशों के प्रति लापरवाही मिली। डॉ. वाजपेयी ने कहा कि यहां की फोटो-वीडियो मुख्यमंत्री को भेजूंगा। गोवंशों की मौत का जिम्मेदार नगर निगम है।
 

गोशाला में तड़प रहे गोवंश
निगम अफसरों का दावा कि गोशाला में 2547 गोवंश हैं। राज्यसभा सदस्य ने पांच कार्यकर्ताओं को गोवंश की गिनती कराने में लगा दिया। टीनशेड में चार अलग-अलग जगह गोवंश थे, जहां पर उनके बैठने की जगह तक नहीं थी। उनकी गिनती तक नहीं हो सकी। डॉ. वाजपेयी ने फीता मंगाया और नापतोल शुरू कर दी। 9687 फीट जगह में कुल 150 पशु ही बांधे जा सकते हैं, लेकिन उसमें 340 गोवंश बंधे थे। उन तक कैसे चारा और पानी पहुंचता है, इसका जवाब निगम अफसर नहीं दे सके। गोशाला के बजट से लेकर अनुदान तक की जानकारी ली। इसी दौरान एक गोवंश ने बछड़े को जन्म दिया। गोवंशों की संख्या ज्यादा होने के चलते गाय और बछड़े की देखरेख न होने पर डॉ. वाजपेयी ने नाराजगी जताई।
 

अव्यवस्था मिलने पर महापौर भी नाराज
महापौर हरिकांत अहलूवालिया भी कान्हा गोशाला का निरीक्षण किया है। गोशाला में अव्यवस्था मिलने पर महापौर ने निगम अफसरों पर नाराजगी जताई हैं। बताया है कि कि वर्तमान में गोवंश हेतु अनुकूल स्थिति नहीं है। सफाई का भाव है। कहा कि व्यवस्था सुधार लें, दोबारा गोशाला में आकर निरीक्षण करूंगा। लापरवाही करने वाले कर्मचारी और अधिकारियों पर कार्रवाई करने के लिए कमेटी से जांच रिपोर्ट मांगी है। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, सहायक नगर आयुक्त शरदपाल, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी हरपाल सिंह आदि मौजूद रहे।

ये बोले...
गोशाला में गोवंशों को भूखा मारने वाले अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए। कमिश्नर के बाद लखनऊ में अधिकारियों से भी शिकायत करूंगा। कर्मचारी नहीं, गोशाला प्रभारी पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
अजय गुप्ता, अध्यक्ष संयुक्त व्यापार संघ

शर्मसार करने वाली वीडियो है। समाज में आक्रोश है। गोवंशों के हत्यारों पर कार्रवाई होनी चाहिए। गोशाला में गोवंशों को भूखा व प्यासा रखने वालों के खिलाफ मुकदमा कराने के लिए वरिष्ठ नेताओं से भी बात करेंगे।
मुनेश उपाध्याय, प्रदेश मंत्री ओबीसी मोर्चा भाजपा

गोशाला में गोवंशों की दुर्दशा हो रही है। उनको चारा तक नहीं दिया जाता है, मैंने दो बार निगम के अधिकारियों से शिकायत की। गोवंशों के नाम पर करोड़ों का भुगतान होता, जोकि बंदरबांट कराया जाता है।
हर्षपाल सिंह, भाजपा पार्षद

प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी की लापरवाही के चलते गोवंशों की दुर्दशा हो रही है। बृहस्पतिवार को अपने साथी पार्षदों के साथ नगर आयुक्त से शिकायत की है। कार्रवाई न होने पर भाजपा के पार्षद ही आंदोलन करेंगे।
कुलदीप वाल्मीकि, भाजपा पार्षद।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed