मेरठ: सीएम योगी 11 नवंबर को आठ राज्यों के 17 पैरालंपियन खिलाड़ियों को देंगे 32 करोड़ रुपये
समारोह में यूपी के प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को भी 25-25 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह ने सभी खिलाड़ी एक दिन पहले मेरठ पहुंच जाएंगे। समारोह काफी भव्य होगा।
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टोक्यो पैरालंपिक में शानदार प्रदर्शन करने वाले आठ राज्यों के 17 खिलाड़ियों के हौसले को मेरठ से नई उड़ान मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर 11 नवंबर को कृषि विवि मोदीपुरम में इन खिलाड़ियों को सम्मानित करेंगे। समारोह में खिलाड़ियों पर 32.50 करोड़ रुपये की धनवर्षा होगी।
उप्र के स्वर्ण पदक विजेता को 6 करोड़, रजत वाले को 4 करोड़ और कांस्य पदक पर दो करोड़ रुपये इनाम के रूप में मिलेंगे। अन्य प्रदेशों के खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक पर दो करोड़, रजत पर डेढ़ करोड़ और कांस्य के लिए एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
इस समारोह को लेकर पैरालंपियन खिलाड़ियों में काफी उत्साह है तो अन्य पैरा खिलाड़ी भी इस आयोजन का स्वागत कर रहे हैं। राष्ट्रीय पैरा खिलाड़ी रवि कुमार ने कहा अभी तक हरियाणा और पंजाब सरकार को सम्मानित राशि देने की तारीफ की जाती थी। लेकिन दूसरे राज्यों सहित प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देना एक बड़ा कदम है। समारोह में यूपी के प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को भी 25-25 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह ने सभी खिलाड़ी एक दिन पहले मेरठ पहुंच जाएंगे। समारोह काफी भव्य होगा। सभी विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारियां दी गई हैं।
राज्यवार खिलाड़ियों को यह मिलेगी पुरस्कार राशि
हरियाणा के 5 पदक विजेता खिलाड़ी - 8 करोड़ रुपये
राजस्थान के 4 पदक विजेता खिलाड़ी - 6.5 करोड़ रुपये
उत्तर प्रदेश के 2 पदक विजेता खिलाड़ी - 8 करोड़ रुपये
बिहार के 2 पदक विजेता खिलाड़ी - 3 करोड़ रुपये
तमिलनाड़ु के एक पदक विजेता खिलाड़ी - 1.5 करोड़ रुपये
उत्तराखंड के एक पदक विजेता खिलाड़ी - 1 करोड़ रुपये
हिमाचल प्रदेश के एक पदक विजेता खिलाड़ी - 1.5 करोड़ रुपये
गुजरात के एक पदक विजेता खिलाड़ी - 1.5 करोड़ रुपये
दिव्यांगों की लड़ाई लड़ने वाले पैरा खिलाड़ी सचिन को नहीं मिला न्योता
कृषि विवि मोदीपुरम में 11 नवंबर को होने वाले सम्मान समारोह के लिए पैरालंपियन और कामनवेल्थ पदक विजेता पावर लिफ्टर सचिन चौधरी को खेल विभाग से न्योता नहीं मिला है। इससे सचिन चौधरी और अन्य खिलाड़ी मायूस हैं। विशेष बात यह भी है कि सचिन दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए नई नीति की लड़ाई तक लड़ चुके हैं। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पैरालंपियन पदक विजेताओं को सम्मानित करेंगे।
कंकरखेड़ा ओमनगर निवासी 36 वर्षीय सचिन चौधरी 2018 आस्ट्रेलिया गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ में कांस्य पदक ले चुके हैं। वर्ष 2006 मेलबर्न कॉमनवेल्थ, 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ, 2016 स्कॉटलैंड कॉमनवेल्थ व 2012 लंदन पैरालंपिक में देश का प्रतिनिधित्व किया है। आठ सितंबर 2019 को सचिन कॉमनवेल्थ पदक सहित 11 अंतरराष्ट्रीय और 10 राष्ट्रीय पदक वापसी की घोषणा करते हुए धरने पर बैठ गए थे। उन्होंने पैरा खिलाड़ियों को नौकरी और सामान्य खिलाड़ियों की तरह प्रोत्साहन राशि दिलाने की मांग की थी। कैलाश प्रकाश स्टेडियम में डेढ़ सप्ताह तक यह धरना चला था।
इस मुद्दे को अमर उजाला ने भी प्रमुखता से उठाया था। बाद में सिवालखास विधायक जितेंद्र सतवई और तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह ने धरना समाप्त कराया और सचिन को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलवाया। मुख्यमंत्री ने पैरा खिलाड़ियों का ब्योरा मांगा। पैरा खिलाड़ियों को सामान्य वालाें की नीति में शामिल करने की मंजूरी मिली। इसी का परिणाम है कि अब इस समारोह में पैरा खिलाड़ियों पर 32.50 करोड़ राशि की जाएगी। सचिन के इस संघर्ष के बावजूद उन्हें समारोह में न्योता नहीं मिला है।
वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी कर रहे सचिन
सचिन चौधरी ने बताया कि जार्जिया में 23 नवंबर से वर्ल्ड चैंपियनशिप होने जा रही है। वह इसकी तैयारी कर रहे हैं। खेल विभाग और प्रशासन ने कार्यक्रम की कोई जानकारी नहीं दी है। मुझे इसका मलाल जरूर है, लेकिन पैरा खिलाड़ियों का भला हो रहा है। पहली बार उनके लिए भव्य कार्यक्रम हो रहा है। यह खुशी की बात है। अंतरराष्ट्रीय पैरा खिलाड़ी फातिमा खातून ने कहा कि सचिन को न्योता मिलना चाहिए।
सचिन को कार्यक्रम में शामिल करवाएंगे
पैरा खिलाड़ियों की एसोसिएशन से सूची मांगी थी। इसके आधार पर जिले के 26 खिलाड़ियों को न्योता भेजा गया। किसी खिलाड़ी को नाराज नहीं किया जाएगा। सचिन चौधरी को भी कार्यक्रम में शामिल करवाएंगे। - गदाधर बारीकी, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी।