Meerut: विवि कैंपस में भीड़, गोपनीय विभाग की विंडो बंद, छात्रों की समस्याएं और बढ़ीं
मेरठ विश्वविद्यालय में छात्र अपनी मार्कशीट अपडेट और निकालने के लिए भटक रहे हैं। गोपनीय विभाग की विंडो पिछले दो दिन से बंद है, जिससे छात्रों में आक्रोश है। कॉलेज भी मौके का फायदा उठाकर छात्रों से मनमानी रकम वसूल रहे हैं।
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मेरठ विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की समस्याओं के समाधान को सुगम बनाने की बजाय और जटिल कर दिया है। प्रतियोगी परीक्षाओं और प्रवेश प्रक्रिया में हिस्सा लेने की तैयारी कर रहे हजारों छात्र अपनी मार्कशीट अपडेट या प्राप्त करने के लिए महीनों से परेशान हैं।
छात्रों ने छात्र सहायता केंद्र में आवेदन तो कर दिया है, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल रहा। जब छात्र समाधान के लिए गोपनीय विभाग पहुंचे, तो पाया कि पिछले दो दिनों से उसकी विंडो ही बंद पड़ी है।
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खराब मौसम के बावजूद दूर-दराज से पहुंचे छात्र, कैंपस में गोपनीय विभाग के सामने घंटों खड़े रहे, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
छात्र नेता अंकित अधाना ने बताया कि विवि ने अब सीधे समाधान की जगह प्रक्रिया को कॉलेजों के हवाले कर दिया है। सबसे ज्यादा समस्या बीएड छात्रों को आ रही है, जिनकी मार्कशीट मांगी जा रही है, लेकिन विवि के रिकॉर्ड में 25 हजार से ज्यादा छात्र डिटेड श्रेणी में हैं।
छात्रों का आरोप है कि अधिकांश कॉलेज इस मौके का फायदा उठाकर तीन से पांच हजार रुपये लेकर मार्कशीट अपडेट कराने की बात कह रहे हैं। कई छात्र ऐसे भी हैं जो कैंपस में आठ महीने से लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी मार्कशीट अब तक नहीं भेजी गई।
छात्रों ने मांग की है कि विवि प्रशासन गोपनीय विभाग की विंडो तुरंत खोले, प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए और छात्रों से मनमाने पैसे वसूलने पर कॉलेजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
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