सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में छह भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। सभी भवनों पर शुरुआत में जेसीबी से कार्रवाई हुई, लेकिन जी प्लस-3 बिल्डिंग के एक हिस्से को तोड़ने के लिए जेसीबी छोटी पड़ गई। इसके बाद पोर्कलेन मशीन बुलाई गई। मशक्कत के बाद मशीन के पंजे से बिल्डिंग का हिस्सा तोड़ा गया। कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में रोष भी देखने को मिला।
मेरठ: जेसीबी छोटी पड़ी तो पोर्कलेन मशीन से तोड़ीं इमारतें, व्यापारी बोले-चुनाव में भुगतना पडे़गा खामियाजा
मेरठ के सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छह भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई। जी प्लस-3 भवन के हिस्से को पोर्कलेन मशीन से तोड़ा गया। व्यापारियों में रोष है।
रात में ही पहुंचा बुलडोजर
सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए जेसीबी और बुलडोजर रात में ही पहुंचा दिए गए थे। पुलिस प्रशासन ने भी रात में ही ड्यूटी लगा दी थी। आवास विकास परिषद के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
आला अधिकारियों ने बनाई कार्रवाई की रणनीति
मंगलवार देर रात पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारियों की बैठक हुई। सुप्रीम कोर्ट में 21 सितंबर को मामले की सुनवाई से पहले आदेश के अनुपालन की कार्रवाई को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस बल की तैनाती और बैरिकेडिंग की योजना इसी के तहत तैयार की गई।
मेरठ के सेंट्रल मार्केट में छह भवनों पर प्रशासन का बुलडोजर चला। कार्रवाई के दौरान पोर्कलेन मशीन से बिल्डिंग का हिस्सा तोड़े जाने को शिवम एकटक निहारता रहा। कार्रवाई के बीच उसकी खामोशी और चेहरे के भाव मौके की तस्वीर बयां करते नजर आए।
जेसीबी पड़ी छोटी तो पोर्कलेन मशीन से तोड़ा गया हिस्सा
सेंट्रल मार्केट में छह भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। सभी भवनों पर शुरुआत में जेसीबी से कार्रवाई की गई, लेकिन जी प्लस-3 भवन का एक हिस्सा तोड़ने के लिए जेसीबी छोटी पड़ गई। इसके बाद पोर्कलेन मशीन बुलाई गई। मशक्कत के बाद मशीन के पंजे से भवन का हिस्सा तोड़ा गया।
सेंट्रल मार्केट में छह भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुबह करीब सात बजे शुरू हुई, जो दोपहर करीब 1:45 बजे तक चली। इस दौरान छहों भवनों पर अलग-अलग बुलडोजर से कार्रवाई की गई।
आवास विकास परिषद 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान छह भवनों के ध्वस्तीकरण की रिपोर्ट सौंपेगा। आवास विकास परिषद के उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह के अनुसार, ये छह भवन पूरी तरह अवैध बने हुए थे और इनका नक्शा पास नहीं था, इसलिए इन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवनों में बनाए गए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों समेत 44 संपत्तियों को सील किया गया था। इनमें व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, स्कूल, अस्पताल, मिठाई की दुकान, ज्वैलरी शोरूम, डेयरी और सैलून आदि शामिल हैं।
14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने इन 44 संपत्तियों को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। आवास विकास परिषद ने संपत्ति स्वामियों को नोटिस जारी कर 15 दिन में स्वयं ध्वस्तीकरण करने के निर्देश दिए थे। अब परिषद की ओर से कार्रवाई की जा रही है।