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मेरठ: सीसीएसयू ने 163 एलएलबी छात्रों को तीन साल तक परीक्षा से रोका, अपील करने के लिए दिया 10 दिन का समय
Fri, 30 Oct 2026 09:54 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Fri, 30 Oct 2026 09:54 PM IST
सार
चौधरी चरण सिंह विवि ने एलएलबी की परीक्षा में नकल के मामलों में कार्रवाई की है। विद्यार्थियों को छह अलग-अलग श्रेणियों में दंडित किया गया है। सजा में चेतावनी से लेकर संबंधित परीक्षा निरस्त करने तक शामिल है।
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CCSU, सीसीएसयू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) ने जून-2026 की एलएलबी परीक्षाओं में नकल के मामलों में कार्रवाई की है। विश्वविद्यालय ने बीए एलएलबी, एलएलबी और बीकॉम एलएलबी के कुल 163 विद्यार्थियों को दोषी पाया है। इन विद्यार्थियों पर अनुचित साधनों का प्रयोग (यूएफएम) करने का आरोप है।
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विश्वविद्यालय की समिति की संस्तुति और कुलपति की मंजूरी के बाद यह निर्णय लिया गया। दोषी विद्यार्थियों की सूची दंड के साथ वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। इनमें बीए एलएलबी के 63, एलएलबी के 95 और बीकॉम एलएलबी के पांच विद्यार्थी शामिल हैं। विद्यार्थियों को छह अलग-अलग श्रेणियों में दंडित किया गया है।
सजा में चेतावनी से लेकर संबंधित परीक्षा निरस्त करने तक शामिल है। कुछ विद्यार्थियों को तीन साल तक परीक्षा में शामिल होने से रोका गया है। यह प्रतिबंध दिसंबर-2026 से दिसंबर-2027 तक की परीक्षाओं पर लागू होगा। सबसे लंबी अवधि का प्रतिबंध श्रेणी छह के विद्यार्थियों पर लगाया गया है।
सजा में चेतावनी से लेकर संबंधित परीक्षा निरस्त करने तक शामिल है। कुछ विद्यार्थियों को तीन साल तक परीक्षा में शामिल होने से रोका गया है। यह प्रतिबंध दिसंबर-2026 से दिसंबर-2027 तक की परीक्षाओं पर लागू होगा। सबसे लंबी अवधि का प्रतिबंध श्रेणी छह के विद्यार्थियों पर लगाया गया है।
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दंड की श्रेणियां
श्रेणी एक के विद्यार्थियों को भविष्य में सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है। श्रेणी दो में संबंधित विषय कोड की परीक्षा निरस्त की गई है। श्रेणी तीन में संबंधित वर्ष या सेमेस्टर की पूरी परीक्षा रद कर दी गई है। श्रेणी चार में पूरी परीक्षा निरस्त कर अगले वर्ष 2027 या दिसंबर-2026 के सेमेस्टर की परीक्षा में रोक लगाई गई है। श्रेणी पांच में जून-2026 की पूरी परीक्षा निरस्त कर अगले दो वर्ष की परीक्षाओं से वंचित किया गया है।
श्रेणी एक के विद्यार्थियों को भविष्य में सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है। श्रेणी दो में संबंधित विषय कोड की परीक्षा निरस्त की गई है। श्रेणी तीन में संबंधित वर्ष या सेमेस्टर की पूरी परीक्षा रद कर दी गई है। श्रेणी चार में पूरी परीक्षा निरस्त कर अगले वर्ष 2027 या दिसंबर-2026 के सेमेस्टर की परीक्षा में रोक लगाई गई है। श्रेणी पांच में जून-2026 की पूरी परीक्षा निरस्त कर अगले दो वर्ष की परीक्षाओं से वंचित किया गया है।
अपील और कॉलेज निर्देश
विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को अपील का मौका दिया है। यदि किसी विद्यार्थी को दी गई सजा पर आपत्ति है, तो वह परिणाम घोषित होने के 10 दिन के भीतर कुलपति को अपीलीय प्रार्थना पत्र जमा कर सकता है। निर्धारित समय के बाद कोई अपील स्वीकार नहीं की जाएगी। कॉलेजों को निर्देश है कि दंड अवधि में विद्यार्थियों के परीक्षा फार्म सत्यापित न करें। श्रेणी तीन और उससे ऊपर की सजा पाने वालों के फार्म दंड अवधि पूरी होने के बाद ही सत्यापित होंगे।
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विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को अपील का मौका दिया है। यदि किसी विद्यार्थी को दी गई सजा पर आपत्ति है, तो वह परिणाम घोषित होने के 10 दिन के भीतर कुलपति को अपीलीय प्रार्थना पत्र जमा कर सकता है। निर्धारित समय के बाद कोई अपील स्वीकार नहीं की जाएगी। कॉलेजों को निर्देश है कि दंड अवधि में विद्यार्थियों के परीक्षा फार्म सत्यापित न करें। श्रेणी तीन और उससे ऊपर की सजा पाने वालों के फार्म दंड अवधि पूरी होने के बाद ही सत्यापित होंगे।
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