Meerut: थाने में भाकियू का धरना, गद्दे डालकर बैठे, खड़े किए ट्रैक्टर, पुलिस स्टेशन पर भारी फोर्स तैनात, सीओ भी
भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत के भाई सुरेन्द्र टिकैत के बेटे की बाइक न छोड़ने को लेकर बुधवार शाम भाकियू कार्यकर्ताओं ने थाने पर धरना-प्रदर्शन किया। मामले में गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सहित 40 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ में गंगानगर थाना पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सहित 40 कार्यकर्ताओं के खिलाफ थाना प्रभारी के द्वारा मुकदमा दर्ज कराया है। भाकियू कार्यकर्ता सीज बाइक न छोड़ने पर बुधवार शाम गंगानगर थाना परिसर में धरने पर बैठ गए थे।
बताया गया कि गंगानगर थाने पर कई थानों की पुलिस फोर्स और रिजर्व पुलिस मौजूद है। थाने पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी देने का एलान किया है। जिससे बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओ के आने की उम्मीद जताई जा रही है। थाने का मुख्य गेट बंद कर दिया गया है। सीओ सदर देहात भी मौके पर मौजूद हैं।
गंगानगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें कहा गया है कि भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी, हर्ष चहल, अमित कुंडू सहित आधा दर्जन कार्यकर्ता बुधवार शाम सीज बाइक को छुड़वाने के लिए थाने आए।
इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह द्वारा भाकियू मेरठ जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी, हर्ष चहल, अमित, नरेश मवाना सहित 35 अज्ञात भाकियू कार्यकर्ताओ के खिलाफ धारा 147/ 332/341 में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
ये था पूरा मामला
बीती 20 जनवरी की रात 9:30 बजे डिवाइडर रोड आईआईएमटी चौराहे पर पुलिस ने चेकिंग के दौरान छात्र विपुल की स्प्लेंडर बाइक को रोक लिया। किसी तरह के कागज न होने पर पुलिस ने बाइक का 27000 रुपए का चालान किया और सीज कर दी थी। इसे लेकर बुधवार को भाकियू पदाधिकारी व कार्यकर्ता गंगानगर थाने पहुंचे और बाइक छोड़ने की बात कही थी लेकिन पुलिस ने बाइक सीज होना बताया।
इसके बाद भारतीय किसान यूनियन के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने गंगानगर थाना परिसर में धरना दे दिया था। वह इंस्पेक्टर के कार्यालय में गद्दे बिछाकर लेट गए और हुक्का पीने लगे। वहीं, मुख्य गेट पर ट्रैक्टर खड़े कर रागिनी बजानी शुरू कर दी थीं। सीओ सदर देहात के काफी समझाने के बाद कार्यकर्ता माने और बिना किसी रकम दिए बाइक को थाने से ले गए।