मेरठ: 50 लाख के जेवरात लेने बुलंदशहर गया सराफा कारीगर लापता, परिजनों ने दी तहरीर
- मंगलवार सुबह गया था बुलंदशहर, शाम को लौटने की सूचना साले को दी थी
- मेरठ नहीं पहुंचा तो सराफा व्यापारियों ने पुलिस को दी गुमशुदगी की तहरीर
विस्तार
मूलरूप से बंगाल के रहने वाले सराफा कारीगर हिसबुद्दीन मलिक उर्फ राजू (45) देहली गेट थाना क्षेत्र के पूर्वा महावीर में परिवार के साथ रहते हैं। सराफा कारीगर ने लॉकडाउन से पहले बुलंदशहर के सराफा व्यापारियों को 50 लाख रुपये कीमत के जेवरात (एक किलो सोना) दिया था। मंगलवार सुबह 11:30 बजे हिसबुद्दीन जेवरात लेने बुलंदशहर गए थे।
मंगलवार शाम वापस लौटते समय हिसबुद्दीन ने अपने साले मारूफ को फोन पर मेरठ वापस आने की बात कही थी, लेकिन मेरठ नहीं पहुंचे। दो दिन परिजनों ने हिसबुद्दीन को काफी तलाश किया, उसका कोई अता-पता नहीं लगा।
परिजनों ने सराफा व्यापारी नेता विजय आनंद अग्रवाल को जानकारी दी। व्यापारियों ने अनहोनी का अंदेशा जताते हुए देहली गेट थाने में सराफा कारीगर की गुमशुदगी दर्ज करा दी है। लॉकडाउन के चलते सराफा कारीगर की पत्नी और बच्चे बंगाल चले गए थे। वह बंगाल से वापस मेरठ आ रहे हैं।
तीन बिंदुओं पर जांच कराने की मांग
व्यापारियों ने सराफा कारीगर की तलाश करने में तीन बिंदुओं पर जांच करने की मांग देहली गेट थाना पुलिस से की है। व्यापारियों ने कहा कि बुलंदशहर के जिन व्यापारियों के पास हिसबुद्दीन ने जेवरात दिए हुए थे, उनसे पूछताछ और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी जाए।
हिसबुद्दीन किसी जहरखुरानी गिरोह के शिकार तो नहीं हो गए। वह किसी हॉस्पिटल में भर्ती ना हों। तीसरा हिसबुद्दीन के बुलंदशहर से वापसी के दौरान कोई उनके पीछे तो नहीं लगा। इसकी भी गंभीरता से जांच की जाए।
एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। जल्द ही सराफा कारीगर को सकुशल तलाश कर लिया जाएगा।