{"_id":"6707fccfc0031cca6f0458ea","slug":"meerut-brother-and-two-sisters-died-when-the-funeral-processions-came-together-the-heart-shuddered-2024-10-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Meerut: भाई और दो बहनों की मौत... एक साथ उठे जनाजे तो कांप उठा कलेजा, पिता को ब्लड कैंसर, मां को गठिया बाय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut: भाई और दो बहनों की मौत... एक साथ उठे जनाजे तो कांप उठा कलेजा, पिता को ब्लड कैंसर, मां को गठिया बाय
Thu, 10 Oct 2024 09:42 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Thu, 10 Oct 2024 09:42 PM IST
सार
परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र में खंद्रावली-कुआंखेड़ा मार्ग पर बुधवार शाम भैंसा बुग्गी और बाइक की आमने-सामने की टक्कर में सैफ (19), उसकी बहन निदा परवीन (23) और नेहा परवीन (21) की मौत हो गई।
विज्ञापन
सैफ का फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चार बहनों का इकलौता भाई था सैफ
गांव निवासी नौमान और गुलिस्ता के पांच बच्चों में चार बेटियां और इकलौता बेटा सैफ थे। दो बेटियों सबा परवीन और निशा परवीन की तीन वर्ष पहले मवाना और बुलंदशहर के स्याना में शादी हो चुकी है। निदा, नेहा और सैफ तीनों अविवाहित थे। पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव घर पहुंचे तो परिजनों का रोकर बुरा हाल हो गया। एक साथ घर से तीन जनाजे उठे तो हर आंख नम हो गई। मौके पर मौजूद हर कोई यही कह रहा था कि हादसे ने नौमान और गुलिस्ता की जिंदगी ही उजाड़ दी, अब वे किसके सहारे जीएंगे।
विज्ञापन
गांव निवासी नौमान और गुलिस्ता के पांच बच्चों में चार बेटियां और इकलौता बेटा सैफ थे। दो बेटियों सबा परवीन और निशा परवीन की तीन वर्ष पहले मवाना और बुलंदशहर के स्याना में शादी हो चुकी है। निदा, नेहा और सैफ तीनों अविवाहित थे। पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव घर पहुंचे तो परिजनों का रोकर बुरा हाल हो गया। एक साथ घर से तीन जनाजे उठे तो हर आंख नम हो गई। मौके पर मौजूद हर कोई यही कह रहा था कि हादसे ने नौमान और गुलिस्ता की जिंदगी ही उजाड़ दी, अब वे किसके सहारे जीएंगे।
निदा का फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
तीनों मेहनत मजदूरी कर चलाते थे घर, मां-बाप का कराते थे इलाज
नौमान के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। सैफ, नेहा और निदा मेहनत-मजदूरी कर परिवार को संभाले हुए थे। तीनों की मौत के बाद अब ब्लड कैंसर से जूझ रहे पिता नौमान और गठिया बाय से पीड़ित मां गुलिस्ता के उपचार पर भी संकट आ गया है।
नौमान के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। सैफ, नेहा और निदा मेहनत-मजदूरी कर परिवार को संभाले हुए थे। तीनों की मौत के बाद अब ब्लड कैंसर से जूझ रहे पिता नौमान और गठिया बाय से पीड़ित मां गुलिस्ता के उपचार पर भी संकट आ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नेहा का फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
दान मिली जमीन पर बना है घर
परिवार ने दान में मिली भूमि पर करीब 11 साल पहले अपना घर बनाया था। ग्राम प्रधान आरिफ ने बताया कि वर्ष 2013 में उन्होंने अपनी पांच बीघा निजी जमीन कई बेघर परिवारों को दान में दी थी। इनमें यह परिवार भी शामिल था। करीब 51 गज भूमि में इस परिवार ने भी अपना घर बनाया था। तभी से इसमें रहते हुए मेहनत-मजदूरी कर रहे थे। नौमान और गुलिस्ता कोई काम नहीं कर पाते हैं और अधिकतर बिस्तर पर ही रहते हैं। सैफ किठौर के एक निजी स्कूल में बस चलाता था। नेहा और निदा भी परिवार का खर्च और माता-पिता के उपचार के लिए गांव में ही मजदूरी करती थीं।
परिवार ने दान में मिली भूमि पर करीब 11 साल पहले अपना घर बनाया था। ग्राम प्रधान आरिफ ने बताया कि वर्ष 2013 में उन्होंने अपनी पांच बीघा निजी जमीन कई बेघर परिवारों को दान में दी थी। इनमें यह परिवार भी शामिल था। करीब 51 गज भूमि में इस परिवार ने भी अपना घर बनाया था। तभी से इसमें रहते हुए मेहनत-मजदूरी कर रहे थे। नौमान और गुलिस्ता कोई काम नहीं कर पाते हैं और अधिकतर बिस्तर पर ही रहते हैं। सैफ किठौर के एक निजी स्कूल में बस चलाता था। नेहा और निदा भी परिवार का खर्च और माता-पिता के उपचार के लिए गांव में ही मजदूरी करती थीं।
बच्चों की मौत पर खबर सुनकर माता-पिता हो गए बेसुध
बड़ागांव में रिश्तेदारी के युवक के नौकरी के लिए सऊदी अरब जाने के लिए समारोह आयोजित किया गया था। इसमें शामिल होने तीनों भाई-बहन गए थे। अब इन तीनों की मौत से परिवार को बड़े आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। एक परिवार में तीन बच्चों की एक साथ मौत से हर किसी का कलेजा कांप उठा। यह मनहूस खबर मिलने पर माता-पिता रोते हुए बेसुध हो गए। परिचितों की समझ में नहीं आ रहा था कि गमगीन परिजनों को कैसे ढांढस बंधाएं। परिवार के साथ गांव में भी मातम पसर गया। बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे तीनों के शव कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किए गए।
बड़ागांव में रिश्तेदारी के युवक के नौकरी के लिए सऊदी अरब जाने के लिए समारोह आयोजित किया गया था। इसमें शामिल होने तीनों भाई-बहन गए थे। अब इन तीनों की मौत से परिवार को बड़े आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। एक परिवार में तीन बच्चों की एक साथ मौत से हर किसी का कलेजा कांप उठा। यह मनहूस खबर मिलने पर माता-पिता रोते हुए बेसुध हो गए। परिचितों की समझ में नहीं आ रहा था कि गमगीन परिजनों को कैसे ढांढस बंधाएं। परिवार के साथ गांव में भी मातम पसर गया। बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे तीनों के शव कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किए गए।
बुधवार शाम हुआ था हादसा
परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र में खंद्रावली-कुआंखेड़ा मार्ग पर बुधवार शाम भैंसा बुग्गी और बाइक की आमने-सामने की टक्कर में सैफ (19), उसकी बहन निदा परवीन (23) और नेहा परवीन (21) की मौत हो गई। हादसे में बुग्गी भी टूट गई। हादसे के बाद बुग्गी सवार भैंसा लेकर फरार हो गया।
किठौर थाना क्षेत्र के खंद्रावली गांव निवासी सैफ अपनी बहन निदा परवीन और नेहा परवीन के साथ बुधवार को परीक्षितगढ़ क्षेत्र के बड़ागांव में रिश्तेदारी में एक समारोह में शामिल होने गए थे। शाम करीब सात बजे तीनों घर लौट रहे थे।
परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र में खंद्रावली-कुआंखेड़ा मार्ग पर बुधवार शाम भैंसा बुग्गी और बाइक की आमने-सामने की टक्कर में सैफ (19), उसकी बहन निदा परवीन (23) और नेहा परवीन (21) की मौत हो गई। हादसे में बुग्गी भी टूट गई। हादसे के बाद बुग्गी सवार भैंसा लेकर फरार हो गया।
किठौर थाना क्षेत्र के खंद्रावली गांव निवासी सैफ अपनी बहन निदा परवीन और नेहा परवीन के साथ बुधवार को परीक्षितगढ़ क्षेत्र के बड़ागांव में रिश्तेदारी में एक समारोह में शामिल होने गए थे। शाम करीब सात बजे तीनों घर लौट रहे थे।
रास्ते में सामने से आ रही भैंसा बुग्गी और बाइक के बीच भिड़ंत हो गई। तीनों भाई-बहन बाइक से उछल कर करीब 10 मीटर दूर जा गिरे। बाद में पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान तीनों की मौत हो गई। एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा का कहना है कि बुग्गी सवार को तलाश किया जा रहा है। परिजनों की तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।