Kanwar Yatra 2023: तैयारियां पूरी, DGP व प्रमुख सचिव गृह बोले- सकुशल संपन्न कराई जाएगी कांवड़ यात्रा
प्रदेश के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद और डीजीपी विजय कुमार ने चार प्रदेशों के पुलिस व सुरक्षा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित संपन्न कराने को लेकर इस बार कड़े निर्णय लिए गए हैं। कांवड़ यात्रा में पहचान पत्र अनिवार्य होगा। डीजे प्रतिबंधित नहीं रहेगा, बल्कि पुलिस इसे नियंत्रित करेगी।
विस्तार
कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर प्रदेश के प्रमुख सचिव (गृह, मुख्यमंत्री, सूचना) संजय प्रसाद और डीजीपी विजय कुमार ने आज दोपहर चार प्रदेशों के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मेरठ में बैठक की।
इसमें यूपी के अलावा उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली के अधिकारी शामिल हुए। वहीं, आसपास के जिलों के एसपी और डीएम भी मौजूद रहे। ये दोनों अधिकारी सुबह 11 बजे परतापुर हवाई पट्टी पर उतरे। इसके बाद कार से बिजलीबंबा से होते हुए पुलिस लाइन और फिर कमिश्नर सभागार में पहुंचे। इसके बाद सर्किट हाउस पहुंचकर समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
प्रमुख सचिव गृह ने कहा कि कांवड़ यात्रा की पूरी तैयारी हो चुकी हैं। सकुशल यात्रा संपन्न कराने के लिए अधिकारी जुट गए हैं। मैं खुद कांवड़ मार्ग का निरीक्षण करने के बाद यहां आया हूं। उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली सहित छह राज्यों के अधिकारियों की समन्वय बैठक हुई है। उन्होंने बताया कि कांवड़ शिविर और रूट डायवर्जन की व्यवस्था पहले से कर दी जाएगी। बैठक में उत्तराखंड के अधिकारियों ने भी अपने सुझाव दिए। बैठक में एडीजी मेरठ जोन राजीव सभरवाल, आईजी बरेली, आईजी अलीगढ़ सहित कई राज्यों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की गई। साथ ही कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण बनाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। दोनों अधिकारी बैठक के बाद कैंट स्थित औघड़नाथ मंदिर का भी भ्रमण करेंगे। यहां मंदिर पर आने वाले शिवभक्तों के लिए होने वाली व्यवस्थाओं के बारे में दिशा-निर्देश देंगे।
बैठक और मंदिर भ्रमण के बाद दोनों अधिकारी दिल्ली-देहरादून हाईवे का भी मौका मुआयना करेंगे। कांवड़ यात्रा के दौरान यह रूट सबसे अधिक भीड़भाड़ वाला होता है। चार जुलाई से इस रूट पर बड़े वाहनों को भी बंद करने की तैयारी की जा रही है।
यह भी देखा जाएगा कि किस तरीके से रूट डायवर्ट होगा और इससे किसी को कोई परेशानी तो नहीं होगी। दोनों अधिकारी गंगनहर पटरी का भी निरीक्षण कर सकते हैं। यहां से भी बड़ी संख्या में शिवभक्त गुजरते हैं। इसके अलावा मेरठ से सटे जिलों की सीमाओं पर मौका मुआयना कर सकते हैं।
इससे पहले शुक्रवार को देहरादून के पुलिस मुख्यालय में हुई अंतरराज्यीय समन्वय बैठक में कांवड़ यात्रा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सात राज्यों उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और पंजाब के पुलिस अधिकारियों और आईबी व अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। वहीं मेरठ में भी कांवड़ की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। चार जुलाई से दिल्ली-देहरादून हाईवे पर रूट डायवर्ट कर दिया जाएगा। 15 जुलाई को शिवरात्रि है।
रूट डायवर्जन के लिए अभी तक जो प्लान तैयार किया जा रहा है उसके अनुसार दिल्ली-गाजियाबाद की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को हापुड़ बाईपास से किठौर के रास्ते मुजफ्फरनगर भेजने की तैयारी है। इसी तरह हरिद्वार और देहरादून जाने वाले वाहनों को मीरापुर से गंगा बैराज और बिजनौर के रास्ते भेजा जाएगा। हालांकि यह प्लान अभी फाइनल नहीं है। स्थिति को देखते हुए इसमें बदलाव किया जा सकता है।
एसएसपी हरिद्वार अजय सिंह ने भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन को लेकर बताया कि बीते 15-20 वर्षों से कांवड़ यात्रा में यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हो रही है।
इस साल भी लगभग चार करोड़ से अधिक यात्रियों के आने की संभावना है। कांवड़ मेला क्षेत्र को 12 सुपर जोन, 32 जोन और 130 सेक्टरों में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। डीजे पर रोक नहीं होगी, पुलिस नियंत्रण करेगी। कांवड़ 12 फीट से ऊंची नहीं होगी।
जगह-जगह लगेंगे पुलिस के नाके, सीसीटीवी कैमरे
कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए जगह-जगह पुलिस के नाके भी लगाए जाएंगे। जिन पर 10 से 15 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। कुछ स्थान ऐसे भी चिन्हित किए गए हैं जहां पर सीसीटीवी कैमरे लगाएं जाएंगे। जिससे असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके।
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