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मेरठ: नामांतरण मामले पर बोर्ड बैठक में जमकर हंगामा, उपाध्यक्ष ने किया वॉकआउट

Wed, 29 May 2019 09:58 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Wed, 29 May 2019 09:58 PM IST
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Meerut board meeting on the nomination case was a ruckus and the Vice President had a walkout
कैंट बोर्ड की बैठक - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में दो महीने बाद हुई बोर्ड बैठक में नामांतरण (म्यूटेशन) को लेकर खूब हंगामा हुआ। बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा और सदस्य विपिन सोढ़ी के बीच नामांतरण में नियम परिवर्तन को लेकर करीब एक घंटे बहस हुई। इस दौरान उपाध्यक्ष ने बैठक से वॉकआउट कर दिया। बोर्ड उपाध्यक्ष ने शासनादेश का हवाला देते हुए सिर्फ शपथ पत्र देकर नामांतरण का समर्थन किया, जबकि विपिन सोढ़ी इसके विपरीत रहे। बीना वाधवा ने सोढ़ी पर जनता विरोधी होने का आरोप भी लगाया। कहा कि यहां महिला सदस्यों को यहां दबाया जाता है। वहीं बैठक के अंत में अध्यक्ष ब्रिगेडियर अनमोल सूद ने दोबारा इस विषय पर विचार कर नई नीति बनाने के संकेत दिए। 

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नामांतरण के 14 मामलों को सिविल एरिया कमेटी से अलग धारा 26 के तहत सर्कुलर एजेंडा के तहत पास किए जाने से सदस्य विपिन सोढ़ी, अनिल जैन और धर्मेंद सोनकर नाराज थे। उन्होंने कहा कि हमें सर्कुलर एजेंडे की जानकारी नहीं दी जाती। इसके बाद बोर्ड अध्यक्ष ने सर्कुलर एजेंडे को सभी सदस्यों को दिए जाने के निर्देश दिए। हालांकि, बाद में 14 में से 12 नामांतरण के मामलों को बोर्ड ने पास कर दिया। दो मामलों पर रोक लगा दी। 
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बोर्ड ने पलट दिया फैसला
कैंट अस्पताल में दवा खरीद घोटाले की जांच कर रही सीबीआई को अभियोजन दायर करने की अनुमति देने से बोर्ड ने पहले मना कर दिया था। इसके बाद सीबीआई ने बोर्ड और कमान को इस फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए कहा था। जिस पर बोर्ड के चार पुरुष सदस्यों और अधिकारियों ने इस पर हां करते हुए सीबीआई को अभियोजन की अनुमति दे दी। वहीं महिला सदस्यों ने सुप्रीम कोर्ट में मामले के विचाराधीन होने के चलते कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। इस मामले में कैंट बोर्ड के प्रवक्ता रहे एमए जफर पर तलवार लटकी हुई है।

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अवैध निर्माण पर ध्वस्तीकरण के नोटिस
बोर्ड बैठक में एजेंडा नंबर 88 से 127 तक अवैध निर्माण मामलों पर चर्चा की गई। इन सभी को 320 (ध्वस्तीकरण) के नोटिस भेजे जाएंगे। बैठक में सदस्यों ने कहा कि अवैध निर्माण करने पर नोटिस समय से नहीं भेजे जाते। सदस्य अनिल जैन ने 20 जून 2018 को ऑफिस नोटिस जारी होने के बाद भी अवैध निर्माण पर कोई रिपोर्ट नहीं लगाई गईं। उस समय 242 अवैध निर्माण की सूची तैयार की गई थी। इस पर अध्यक्ष ने अगली बैठक में इन अवैध निर्माण की रिपोर्ट के साथ पेश होने के निर्देश अधिकारियों को दिए। 

बंगला नंबर 167 पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश मान्य
बैठक में विवादों में रहे बंगला नंबर 167 पर भी बोर्ड बैठक में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मान्य करार दिया। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने बंगले के नक्शे को पास किए जाने को उचित माना है। हालांकि, सदस्य मंजू गोयल ने इस मामले पर लिखित आपत्ति दी। सीईओ ने कहा कि यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट का है।  

ये मामले भी रहे चर्चा में
डोर-टू-डोर कूड़ा उठान के लिए दोबारा से विचार करने पर बोर्ड बैठक में फैसला किया गया। सदस्यों का कहना था कि स्थानीय निवासी कंपनी को पैसे नहीं दे रहे हैं। एक साल में दो करोड़ रुपया खर्च किया जा रहा है। कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को 9 से 12 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव पास हुआ। इसके अलावा बाउंड्री रोड स्थित पैंठ बाजार में तहबाजारी के लिए रेट तय किए गए। मानूसन से पहले नालों की सफाई पर भी बोर्ड बैठक में चर्चा हुई। सदस्य अनिल जैन ने कैंट बोर्ड कार्यालय में अग्निशमन यंत्र न होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कार्यालय में तुरंत इसकी व्यवस्था की जाए।

15 दिन में दें जवाब
डायरेक्टर शोभा गुप्ता की रिपोर्ट पर कैंट बोर्ड अधिकारी को पांच मामलों में दोषी पाया गया है। इस मामले पर बोर्ड बैठक में चर्चा की गई। इसमें विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में संबंधित अधिकारी को 15 दिन में जवाब देने के लिए कहा गया है।  

ये रहे मौजूद
एडम कमांडेंट कर्नल रोहित पंत, सदस्य रिनी जैन, बुशरा कमाल, नीरज राठौर, अनिल जैन, मंजू गोयल, धर्मेंद सोनकर, विपिन सोढ़ी, कार्यालय अधीक्षक बृजेश सिंघल, एकाउंटेंट सुधीर कश्यप आदि मौजूद रहे। 

वर्जन---
जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिए जाएंगे। कुछ भी गलत नहीं होने दिया जाएगा। नालों की सफाई और वाटर एटीएम का मुद्दा भी रखा गया।  -बीना वाधवा, कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष

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