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Meerut: कंस्ट्रक्शन कंपनी से बैंक ने 45 लाख रुपये ठगे, मैनेजर समेत पांच अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज

Wed, 15 Oct 2025 11:48 AM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: डिंपल सिरोही Updated Wed, 15 Oct 2025 11:48 AM IST
सार

साइनवे कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर ने बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारियों पर 45 लाख रुपये ब्याज के नाम पर ठगने और प्रॉपर्टी दस्तावेज न लौटाने का आरोप लगाया। कोर्ट के आदेश पर पांच अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ।

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Meerut: Bank defrauds construction company of Rs 45 lakh, case filed against five officials including manager
जमीन बेचने के नाम पर धोखाधड़ी - फोटो : सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

सहारनपुर में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी ने बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारियों पर करोड़ों रुपये के वित्तीय अनियमितता और दस्तावेज न लौटाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। कंपनी के डायरेक्टर नितिन कुमार ने कोर्ट के आदेश पर थाना सदर बाजार में बैंक मैनेजर समेत पांच अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

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ब्रिजेश नगर निवासी नितिन कुमार साइनवे कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। उन्होंने तहरीर में बताया कि कंपनी सरकारी विभागों के निर्माण कार्य करती है। अप्रैल 2018 में कंपनी ने बैंक ऑफ बड़ौदा पेपर मिल शाखा में खाता खोला था। बाद में नवंबर 2019 में कंपनी का खाता यस बैंक में ट्रांसफर किया गया।

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आरोप है कि बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारियों ने बेहतर सेवा और कम ब्याज दरों का भरोसा देकर खाता फिर से अपने बैंक में ट्रांसफर कराया। लेकिन खाता ट्रांसफर होते ही कथित रूप से फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अवैध चार्ज वसूले जाने लगे।

नितिन कुमार ने आरोप लगाया कि बैंक अधिकारियों संदीप कुमार, विवेक कौशिक, अभिषेक जैन, रजत अरोड़ा और रीजनल मैनेजर राजेश खरे ने कई बार झूठे वादे कर ब्याज और चार्ज वापस करने का भरोसा दिलाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।

कंपनी से काउंटर बैंक गारंटी के नाम पर 11 लाख रुपये लिए गए, जिन्हें लौटाने से इनकार कर दिया गया। इतना ही नहीं, कंपनी ने जब दूसरे बैंक से लोन मंजूर कराया तो जानबूझकर अकाउंट ट्रांसफर में बाधा डाली गई। आरोप है कि कंपनी द्वारा दिए गए 3.50 करोड़ रुपये के डिमांड ड्राफ्ट को बैंक ने 10 दिन तक रिसीव नहीं किया और बाद में 2.78 करोड़ की रकम लौटाते हुए शेष रकम से अवैध चार्ज काट लिए।

पीड़ित ने इस मामले की शिकायत थाना सदर बाजार और एसएसपी से भी की, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने अब पांच अधिकारियों पूर्व मैनेजर संदीप कुमार, विवेक कौशिक, मौजूदा मैनेजर अभिषेक जैन, लोन अधिकारी रजत अरोड़ा और रीजनल मैनेजर राजेश खरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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