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मेरठ बंद से सामने आया समाज का नया रूप, पहली बार पूरा मेरठ बंद

Sun, 27 Apr 2025 02:02 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 27 Apr 2025 02:02 AM IST
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Meerut Bandh brought forth a new face of society, for the first time entire Meerut was closed
इकरार अहमद....कश्मीर के पहलगाम में हुई घटना को लेकर मेरठ बंद के दौरान सूनी पड़ी शहर घंटाघर की
कुलदीप त्यागी
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मेरठ। पहलगाम में पर्यटकों की हत्या के विरोध में शनिवार को मेरठ में स्वत:स्फूर्त बंद का नया रूप देखने को मिला। बंद के लिए विशेष प्रचार-प्रसार भी नहीं हुआ इसके बाद भी पूरा मेरठ बंद रहा। संयुक्त व्यापार संघ के ताकतवर रहने के दौर में भी जोरदार प्रचार-प्रसार के बाद भी पूरा मेरठ बंद नहीं होता था। इस अभूतपूर्व बंद को देखकर व्यापारी नेता भी हैरान हैं।
समाज को झकझोरने वाले संवेदनशील मुद्दों पर लंबे समय से मेरठ बंद का आह्वान होता रहा है। मेरठ में कभी भाजपा ने तो कई बार संयुक्त व्यापार संघ ने बंद का आह्वान किया। जोरदार प्रचार-प्रसार के बाद भी पूरे मेरठ को बंद नहीं करा पाते थे। इन बंदों में मेरठ के तिहरे हत्याकांड के विरोध में हुआ बंद हो या सुमन त्यागी प्रकरण पर भाजपा द्वारा बुलाया गया मेरठ बंद रहा हो। भाजपा ने कई बार बंद का आह्वान किया था। शुभम रस्तोगी हत्याकांड को लेकर भी लोगों में बेहद गुस्सा दिखाई दिया था। मेरठ की व्यापारी राजनीति के ताकतवर पावर प्वाइंट संयुक्त व्यापार संघ ने भी अनेक बार मेरठ बंद का आह्वान किया, लेकिन शहर का मुस्लिम आबादी वाला विशेष हिस्सा हमेशा बंद से अछूता रहा।
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किसी एक संगठन के नाम पर नहीं हुआ बंद का आह्वान
इस बार मेरठ बंद का आह्वान किसी विशेष संगठन के नाम पर नहीं हुआ। इसका प्रचार-प्रसार भी किसी विशेष व्यापारी या राजनीतिक संगठन के नाम से नहीं किया गया। मेरठ में हुए प्रत्येक आंदोलन के पीछे अप्रत्यक्ष रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठन रहते हैं। हर बार वह नई संस्था के नाम पर आंदोलन या बंद का आह्वान करते हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में हुए आंदोलन को सनातन धर्म समिति के नाम पर किया गया था, जबकि इसमें पूरा संघ परिवार और भाजपा के कार्यकर्ता शामिल रहे। इससे पहले भी कभी सर्व सनातन समाज तो कभी अन्य नामों से से प्रचार होता था। सोशल मीडिया पर दो दिन से ही इस बंद का प्रचार किया गया था। शनिवार को ‘समस्त शोकाकुल हिंदू समाज मेरठ महानगर’ के नाम से ही राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। हालांकि इसमें तमाम व्यापारी नेता और राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए।
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मुस्लिम क्षेत्रों में भी रहा बंद
पहली बार बिना किसी खास प्रयास के मुस्लिम इलाकों में भी बाजार बंद रहे। इक्का-दुक्का स्थानों को छोड़कर फलों के ठेले भी नहीं लगे। जबकि इससे पहले के मेरठ बंद के आह्वान का मुस्लिम क्षेत्रों के बाजारों में कोई प्रभाव नहीं पड़ता था। मुस्लिम व्यापारी नेताओं के संयुक्त व्यापार संघ व अन्य व्यापारी संगठनों से जुड़े होने के बाद भी उन क्षेत्रों में बंद नहीं होता था। शनिवार को मेरठ बंद की प्रवृति में आया बदलाव देखकर व्यापारी नेता भी हैरान है।
लोग बोले, उन्माद की कोई जगह नहीं
मेरठ बंद पर संघ पदाधिकारियों का कहना है कि आरएसएस समाज में जागृति लाने का काम कर रहा है। पहलगाम मुद्दे पर हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाइयों ने भारतीय होने के जज्बे का प्रदर्शन किया है। पूरे समाज के लोगों ने अपने कार्यस्थलों व घरों पर रहकर इस मुद्दे पर कार्य किया। इससे साफ है कि उन्माद की मानसिकता की समाज में कोई जगह नहीं है। संघर्ष से दुनिया को नहीं बदला जा सकता, केवल विमर्श से ही बदलाव आ सकता है।

इस बदलाव पर बोले व्यापारी नेता
पहलगाम की संवेदनशील घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया। इस बात को दूसरे वर्ग के लोगों ने भी महसूस किया कि आतंकवाद केवल आतंकवाद है। बंद को लेकर संयुक्त व्यापार संघ ने खुलकर प्रचार किया था। व्यापार संघ की बात को सभी ने माना और उन्हें व्यापार संघ की आवश्यकता महसूस हुई।
अजय गुप्ता नटराज, अध्यक्ष संयुक्त व्यापार संघ।

पहलगाम में जिस तरह से धर्म के आधार पर छंटनी करते हुए आतंकवादियों ने लोगों को मारा। उससे भारत के सभी लोगों में गुस्सा है। दूसरे वर्ग के लोग भी इससे आहत है और स्वत: ही बंद में शामिल है। इस घटना ने लोगों के दिल को झकझोरा है।

नवीन गुप्ता, अध्यक्ष संयुक्त व्यापार संघ।

इकरार अहमद....कश्मीर के पहलगाम में हुई घटना को लेकर मेरठ बंद के दौरान  सूनी पड़ी शहर घंटाघर की

इकरार अहमद....कश्मीर के पहलगाम में हुई घटना को लेकर मेरठ बंद के दौरान सूनी पड़ी शहर घंटाघर की

इकरार अहमद....कश्मीर के पहलगाम में हुई घटना को लेकर मेरठ बंद के दौरान  सूनी पड़ी शहर घंटाघर की

इकरार अहमद....कश्मीर के पहलगाम में हुई घटना को लेकर मेरठ बंद के दौरान सूनी पड़ी शहर घंटाघर की

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