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मेरठ: शाही जामा मस्जिद के नीचे बौद्ध मठ का दावा, जांच की मांग, अधिवक्ता ने कमिश्नर-डीएम को दिया प्रार्थना-पत्र

Wed, 09 Sep 2026 11:38 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 09 Sep 2026 11:38 AM IST
सार

मेरठ में अधिवक्ता राम कुमार शर्मा ने शाही जामा मस्जिद परिसर के नीचे प्राचीन बौद्ध मठ होने के दावे की वैज्ञानिक जांच की मांग की है। उन्होंने कमिश्नर और डीएम को प्रार्थना पत्र देकर विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग की।

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Meerut: Advocate Seeks Probe Into Claim of Ancient Buddhist Monastery Beneath Shahi Jama Masjid

विस्तार

मेरठ कोतवाली स्थित शाही जामा मस्जिद परिसर के नीचे प्राचीन बौद्ध मठ होने के दावे की जांच की मांग उठी है। अधिवक्ता राम कुमार शर्मा ने कमिश्नर और जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मामले की वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र की प्रतिलिपि मेरठ जनपद के प्रभारी मंत्री असीम अरुण को भी भेजी गई है।

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ऐतिहासिक दावों की वैज्ञानिक जांच की मांग
राम कुमार शर्मा ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा है कि मेरठ प्राचीन ऐतिहासिक महत्व वाला शहर है। यहां महाभारतकालीन परंपराओं के अलावा मौर्य, बौद्ध, कुषाण और मध्यकालीन इतिहास से जुड़े साक्ष्य और परंपराएं मिलती हैं।
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उन्होंने कहा कि शाही जामा मस्जिद परिसर से जुड़े पुरातात्विक दावों की पुष्टि या खंडन वैज्ञानिक तरीके से किया जाना जरूरी है।

ह्वेनसांग और 1904 के गजेटियर का हवाला
अधिवक्ता ने अपने प्रार्थना पत्र में चीनी बौद्ध यात्री ह्वेनसांग के यात्रा वृतांत और मेरठ जिला गजेटियर, 1904 समेत विभिन्न ऐतिहासिक स्रोतों का उल्लेख किया है। प्रार्थना पत्र में वरिष्ठ इतिहासकार और शोधकर्ता प्रोफेसर केडी शर्मा के दावे का भी जिक्र किया गया है।

प्राचीन स्थापत्य के दावे का उल्लेख
राम कुमार शर्मा के अनुसार प्रोफेसर केडी शर्मा ने शाही जामा मस्जिद की संरचना में ऐसे प्रस्तर स्तंभों का दावा किया है, जो प्राचीन मौर्य अथवा बौद्धकालीन स्थापत्य से मिलते-जुलते दिखाई देते हैं। अधिवक्ता ने कहा है कि इन दावों की वास्तविकता सामने लाने के लिए विशेषज्ञों की मदद से वैज्ञानिक जांच कराई जानी चाहिए।

उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति बनाने की मांग
प्रार्थना पत्र में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, राज्य पुरातत्व विभाग, इतिहासकारों, बौद्ध अध्ययन विशेषज्ञों, पुरातत्वविदों, भू-विज्ञानियों और जिला प्रशासन की संयुक्त उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग की गई है।

अधिवक्ता का कहना है कि विशेषज्ञ समिति वैज्ञानिक और पुरातात्विक जांच के जरिए यह स्पष्ट कर सकती है कि शाही जामा मस्जिद परिसर से जुड़े प्राचीन स्थापत्य और बौद्ध मठ संबंधी दावों में कितनी तथ्यात्मकता है।

प्रशासन से जांच कराने की मांग
राम कुमार शर्मा ने कमिश्नर और डीएम से मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए वैज्ञानिक तरीके से जांच कराने की मांग की है, ताकि ऐतिहासिक और पुरातात्विक दावों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

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