फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut: Admission banned in more than 50 B.Ed colleges of CCSU, know why such strict action was taken

Meerut: सीसीएसयू के 50 से अधिक बीएड कॉलेजों में एडमिशन पर रोक, जानें क्यों की गई इतनी सख्त कार्रवाई

Sat, 28 Jun 2025 12:17 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Sat, 28 Jun 2025 12:17 AM IST
सार

CCS Universiti : एनसीटीई ने देशभर के करीब तीन हजार कॉलेजों में अधूरे मानक पाए थे। इनमें सीसीएसयू के भी 50 से अधिक कॉलेज शामिल रहे। इन कॉलेजों की ओर से कोई जवाब नहीं देने के कारण ये फैसला लिया गया। 

विज्ञापन
Meerut: Admission banned in more than 50 B.Ed colleges of CCSU, know why such strict action was taken
CCSU, सीसीएसयू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध 50 से अधिक बीएड कॉलेजों में प्रवेश पर रोक लगा दी है। इन कॉलेजों को सत्र 2025-26 की काउंसलिंग प्रक्रिया से बाहर करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसका असर विश्वविद्यालय की बीएड सीटों पर पड़ेगा। ये कॉलेज विश्वविद्यालय से संबंधित छह जिलों मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़, गौतमबुधनगर, बागपत आदि के हैं।

विज्ञापन


हाल ही में एनसीटीई ने देशभर के मान्यता प्राप्त कॉलेजों की गुणवत्ता जांच शुरू की थी। इस दौरान लगभग 3,000 कॉलेजों के मानक अधूरे पाए गए। एनसीटीई ने सत्र 2021-22 और 2022-23 की परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट मांगी, लेकिन कई कॉलेजों ने समय सीमा के बावजूद जवाब नहीं दिया। इसके बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। फिर भी जवाब न मिलने पर 2200 से अधिक संस्थानों की मान्यता रद्द कर दी गई। इसमें बीएड, एमएड और बीपीएड कॉलेज शामिल हैं।
विज्ञापन

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed