यूपी: लोन घोटाले में फंसे सिंडिकेट बैंक के 9 अधिकारी, अब गिरफ्तारी की तैयारी
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यूपी में एक बैंक के नौ अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा फर्जी तरीके से नौ लाख रुपये का ऋण लेकर घोटाला करने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस जांच के बाद सभी आरोपियों पर चार माह पूर्व केस दर्ज कर चुका है। अब गिरफ्तारी की तैयारी है।
कार्यवाहक एसओ कंकरखेड़ा दिनेश चंद ने बताया कि मेरठ-करनाल हाईवे स्थित जंगेठी गांव में सिंडिकेट बैंक की शाखा है। जून 2018 में बैंक के प्रबंधक व अन्य कर्मचारियों सहित नौ लोगों पर उदयवीर सिंह निवासी गांव जिटौली थाना जानी की जमीन पर फर्जी तरीके से नौ लाख रुपये का ऋण लेने का आरोप लगा था। ऋण को सभी अधिकारियों ने आपस में बांट भी लिया। बाद में विभागीय टीम ने जब गांव में पहुंचकर उदयवीर सिंह से ऋण के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि उसने तो लोन के लिए कभी आवेदन ही नहीं किया। न ही उसे लोन की कभी जरूरत पड़ी।
टीम जांच में जुटी तो एक के बाद एक परतें खुलती चली गई। जिसमें बाद में सामने आया कि बैंक के अधिकारियों ने साठगांठ कर फर्जी तरीके से उदयवीर सिंह की जमीन के कागजातों की फाइल बनवाई व लोन के लिए बैंक की कागजी कार्यवाही के लिए सौंप दी। लोन मिलने के बाद सभी ने उस ऋण को आपस में बांट लिया। मामले की जांच कर रहे एसआई महेश चंद्र का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज तो उसी वक्त हो गया था। लेकिन सबकी गिरफ्तारी जांच में आरोप में सिद्ध होने के बाद ही हो सकती थी। अब जांच में आरोप भी सिद्ध हो चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए विभाग को पत्र भी लिख दिया है। अनुमति मिलने के बाद जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। आरोपियों में तत्कालीन बैंक प्रबंधक, हेड क्लर्क, कैशियर सहित कुल नौ कर्मचारी शामिल हैं।
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