{"_id":"688125c7ffef5c96f80b67a4","slug":"meerut-6-3-lakh-devotees-performed-jalabhishek-of-bhole-in-aughadnath-temple-2025-07-23","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Meerut: झमाझम बरसे मेघ, जानें औघड़नाथ मंदिर में कितने लाख भक्तों ने किया भोले का जलाभिषेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut: झमाझम बरसे मेघ, जानें औघड़नाथ मंदिर में कितने लाख भक्तों ने किया भोले का जलाभिषेक
Thu, 24 Jul 2025 12:06 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Thu, 24 Jul 2025 12:06 AM IST
सार
शिवरात्रि पर बुधवार को सुबह से ही झमाझम बारिश होने लगी। बारिश में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। रात आठ बजे तक औघड़नाथ मंदिर में 6 लाख 32 हजार श्रद्धालुओं ने जल चढ़ा दिया था।
विज्ञापन
औघड़नाथ मंदिर में जल चढ़ाने के लिए उमड़े श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बाबा औघड़नाथ मंदिर में शिवरात्रि पर हजारों कांवड़ियों और शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। चौदस के जल का समय सुबह 4:21 के बाद का था लेकिन कांवड़िये रात तीन बजे से ही मंदिर परिसर के बाहर लाइनों में लग गए। सुबह चार बजे पंडित श्रीधर त्रिपाठी ने विधि विधान से पूजन किया। तिथिनुसार चौदस आरंभ होते ही जलाभिषेक आरंभ हो गया।
विज्ञापन
लाइन में लगे श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर के बाहर रात्रि तीन बजे एक तरफ नैंसी चौराहा और दूसरी तरफ मिलिट्री हॉस्पिटल से पहले पार्क तक शिवभक्तों की कतार लग गई। गरुण द्वार से दो लाइनों में शिव भक्तों का गर्भ ग्रह में आगमन हुआ। नंदी द्वार से परिक्रमा के बाद कांवड़ियों ने अपने शिवालयों की ओर प्रस्थान किया। मंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया था। पूरा मंदिर प्रांगण गुलाब की खुशबू से महक रहा था। शिव भक्त बोल बम के जयकारे लगा रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बारिश में भीगते हुए किया जलाभिषेक।
- फोटो : अमर उजाला
सुबह 7:30 के बाद रिमझिम फुहार के बीच कांवड़िये और श्रद्धालु जलाभिषेक करते रहे। 8:30 के बाद दोपहर एक बजे तक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई लेकिन कांवड़ियों का उत्साह कम नहीं हुआ। अपनी बारी आने तक शिव भक्त और कांवड़िये लाइनों में खड़े रहे। बारिश ने कांवड़ियों के जोश को भी दोगुना कर दिया।
मंदिर में बारिश में नहाते भोले।
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर के अंदर बच्चों ने लिया बारिश का आनंद
कांवड़ियों से मिलने उनके बच्चे और अन्य भक्तों के साथ आए बच्चों ने शिव मंदिर और राधा गोविंद मंदिर के बीच संगमरमर के फर्श पर बारिश का आनंद लिया। बारिश में बच्चों ने शिव भक्ति के साथ वाटर पार्क का भी आनंद लिया। मंदिर में लगाए गए चिकित्सा शिविर में भी कांवड़ियों को आवश्यक दवाएं, गरम पट्टी आदि उपलब्ध कराई गई।
कांवड़ियों से मिलने उनके बच्चे और अन्य भक्तों के साथ आए बच्चों ने शिव मंदिर और राधा गोविंद मंदिर के बीच संगमरमर के फर्श पर बारिश का आनंद लिया। बारिश में बच्चों ने शिव भक्ति के साथ वाटर पार्क का भी आनंद लिया। मंदिर में लगाए गए चिकित्सा शिविर में भी कांवड़ियों को आवश्यक दवाएं, गरम पट्टी आदि उपलब्ध कराई गई।
नंगे पांव शिवालयों में पहुंचे शिवभक्त
शहर के विभिन्न इलाकों से लोग बाबा औघड़नाथ मंदिर में नंगे पांव मूसलाधार बारिश में भीगते हुए शिवभक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचे। कंकरखेड़ा, रजबन, लालकुर्ती सहित सदर से महिलाएं, कन्याएं, बच्चे और बुजुर्ग मंदिर में जलाभिषेक के लिए पहुंचे। सुबह 4:21 से देर शाम तक निर्बाध जलाभिषेक जारी रहा। मंदिर समिति अध्यक्ष सतीश सिंघल और पूर्व अध्यक्ष महेश बंसल ने बताया कि कांवड़ियों के साथ शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बनता है। उनके उत्साह ने मंदिर समिति के वालंटियर्स के जोश को भी दोगुना कर दिया।
शहर के विभिन्न इलाकों से लोग बाबा औघड़नाथ मंदिर में नंगे पांव मूसलाधार बारिश में भीगते हुए शिवभक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचे। कंकरखेड़ा, रजबन, लालकुर्ती सहित सदर से महिलाएं, कन्याएं, बच्चे और बुजुर्ग मंदिर में जलाभिषेक के लिए पहुंचे। सुबह 4:21 से देर शाम तक निर्बाध जलाभिषेक जारी रहा। मंदिर समिति अध्यक्ष सतीश सिंघल और पूर्व अध्यक्ष महेश बंसल ने बताया कि कांवड़ियों के साथ शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बनता है। उनके उत्साह ने मंदिर समिति के वालंटियर्स के जोश को भी दोगुना कर दिया।
बारिश के चलते कांवड़ियों का मीनू बदला
मंदिर के बाहर लगे कांवड़ शिविरों में भी मौसम को देखते हुए भोजन का मीनू चेंज कर दिया गया। भक्तों के लिए लाल क्वार्टर, शनि देव मंदिर मार्ग से पार्किंग स्थल के सामने तक सदर, कासमपुर, रजबन, लालकुर्ती के समाजसेवी संगठन और धार्मिक संगठनों के द्वारा सेवा शिविर लगाए गए। भक्तों को ब्रेड पकोड़े, पकौड़ी, चाय, कॉफी और गरम खीर प्रसाद स्वरूप बांटी गई। कुछ जगहों पर कचौरी और सब्जी भी दी गई।
मंदिर के बाहर लगे कांवड़ शिविरों में भी मौसम को देखते हुए भोजन का मीनू चेंज कर दिया गया। भक्तों के लिए लाल क्वार्टर, शनि देव मंदिर मार्ग से पार्किंग स्थल के सामने तक सदर, कासमपुर, रजबन, लालकुर्ती के समाजसेवी संगठन और धार्मिक संगठनों के द्वारा सेवा शिविर लगाए गए। भक्तों को ब्रेड पकोड़े, पकौड़ी, चाय, कॉफी और गरम खीर प्रसाद स्वरूप बांटी गई। कुछ जगहों पर कचौरी और सब्जी भी दी गई।
दोपहर 3 बजे तक आती रहीं दंडवत कांवड़
बाबा औघड़नाथ मंदिर में दोपहर दो बजे तक जलाभिषेक करने वाले कांवड़ियों की संख्या कुछ कम हो गई। इस बीच दंडवत कांवड़ की संख्या काफी बढ़ गई। कुछ कांवड़ियों ने 2 किमी तो कुछ कांवड़िया 5 किमी तक की दंडवत कांवड़ लाए और जलाभिषेक किया। चार बजे तक दंडवत कांवड़ आती रहीं।
बाबा औघड़नाथ मंदिर में दोपहर दो बजे तक जलाभिषेक करने वाले कांवड़ियों की संख्या कुछ कम हो गई। इस बीच दंडवत कांवड़ की संख्या काफी बढ़ गई। कुछ कांवड़ियों ने 2 किमी तो कुछ कांवड़िया 5 किमी तक की दंडवत कांवड़ लाए और जलाभिषेक किया। चार बजे तक दंडवत कांवड़ आती रहीं।
बाबा औघड़नाथ मंदिर में हुई चार प्रहर की पूजा
शिवरात्रि पर सुबह से शाम तक जलाभिषेक के बाद शाम सात बजे गर्भ गृह में सफाई कार्य किया गया। पंडित श्रीधर त्रिपाठी के द्वारा पूजन किया गया। मंदिर पूरी रात खुला रहा। प्रथम प्रहर की पूजा शाम 7:31 पर हुई। आरती पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने दोबारा जलाभिषेक आरंभ किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु शाम को भी मंदिर प्रांगण में जलाभिषेक के लिए पहुंचे। दूसरे प्रहर की पूजा रात्रि 9:54 बजे, तृतीय प्रहर की पूजा मध्यरात्रि 12:47 बजे और चतुर्थ प्रहर की पूजा अपर रात्रि 3:39 बजे हुई।
शिवरात्रि पर सुबह से शाम तक जलाभिषेक के बाद शाम सात बजे गर्भ गृह में सफाई कार्य किया गया। पंडित श्रीधर त्रिपाठी के द्वारा पूजन किया गया। मंदिर पूरी रात खुला रहा। प्रथम प्रहर की पूजा शाम 7:31 पर हुई। आरती पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने दोबारा जलाभिषेक आरंभ किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु शाम को भी मंदिर प्रांगण में जलाभिषेक के लिए पहुंचे। दूसरे प्रहर की पूजा रात्रि 9:54 बजे, तृतीय प्रहर की पूजा मध्यरात्रि 12:47 बजे और चतुर्थ प्रहर की पूजा अपर रात्रि 3:39 बजे हुई।