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Meerut: टेलीग्राम पर क्रिप्टोकरेंसी खरीदने के नाम पर 54 लाख ठगे, वर्चुअल निवेश का झांसा देकर की जा रही ठगी
Mon, 21 Nov 2022 12:49 PM IST
Dimple Sirohi
उबैद सिद्दीकी,अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
उबैद सिद्दीकी,अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Mon, 21 Nov 2022 12:49 PM IST
सार
सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वर्चुअल निवेश का झांसा देकर ठगी की जा रही है। उत्तर प्रदेश के मेरठ में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है। टेलीग्राम के जरिये क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर कारोबारियों से 54 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। साइबर टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर ऐसी ठगी से बचने के लिए अलर्ट जारी कर दिया है।
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टेलीग्राम
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
मेरठ में टेलीग्राम के जरिये क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर सेना से सेवानिवृत्त एक अधिकारी और दो कारोबारियों से 54 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। जिले में वर्चुअल निवेश का झांसा देकर ऐसी ठगी पहली बार की गई है। इसके चलते साइबर टीम की ओर से टेलीग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर ऐसी ठगी से बचने के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है।
इस मामले में मेडिकल और लालकुर्ती थाने में दो केस दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा एक अन्य मामले की शिकायत पल्लवपुरम थाने में की गई है। इसकी जांच अभी जारी है। साइबर सेल के मुताबिक टेलीग्राम पर लोगों के ग्रुप में निवेश से जुड़े संदेश भेजकर उन्हें झांसा दिया गया। इसके बाद क्रिप्टोकरेंसी ग्रुप इनवेस्टमेंट के बहाने खाते से रुपये निकलवाए गए।
यह भी पढ़ें: Baghpat: भीड़ जुटाने पर गुरमीत राम रहीम को नोटिस, पैरोल नियमों का उल्लंघन होते देख सख्त हुआ पुलिस प्रशासन
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यह सामने आए ठगी के मामले
केस एक : लालकुर्ती थाना क्षेत्र के सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी कुछ महीनाें से टेलीग्राम ग्रुप में जुड़े थे। पहले वर्चुअल करेंसी की कम रेट बताकर खरीद कराई गई। इसके बाद मोटे मुनाफे का लाभ देकर खाते से अलग-अलग रकम ली गई। कुल 23 लाख रुपये की ठगी की गई।
केस नंबर दो : मेेडिकल थाना क्षेत्र में भवन सामग्री से जुड़े कारोबारी ने दो नवंबर को मेडिकल थाने में क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर 26 लाख की ठगी का केस दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि क्रिप्टोकरेंसी में ऑनलाइन निवेश करने वाली साइटों का हवाला देकर टेलीग्राम ग्रुप पर जोड़ा गया और फिर ठगी की गई।
केस नंबर तीन : पल्लपुरम थाने में एक अन्य कारोबारी ने बताया कि वह दो माह पहले ही वर्चुअल निवेश के झांसे में आ गए। उनसे पांच लाख रुपये की ठगी की गई। बाद में पता चला कि कुछ अन्य लोग भी उनकी तरह ठगी के शिकार हुए हैं, लेकिन इनकम टैक्स सहित अन्य कारणों से अभी सामने नहीं आ रहे हैं।
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इस मामले में मेडिकल और लालकुर्ती थाने में दो केस दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा एक अन्य मामले की शिकायत पल्लवपुरम थाने में की गई है। इसकी जांच अभी जारी है। साइबर सेल के मुताबिक टेलीग्राम पर लोगों के ग्रुप में निवेश से जुड़े संदेश भेजकर उन्हें झांसा दिया गया। इसके बाद क्रिप्टोकरेंसी ग्रुप इनवेस्टमेंट के बहाने खाते से रुपये निकलवाए गए।
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यह सामने आए ठगी के मामले
केस एक : लालकुर्ती थाना क्षेत्र के सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी कुछ महीनाें से टेलीग्राम ग्रुप में जुड़े थे। पहले वर्चुअल करेंसी की कम रेट बताकर खरीद कराई गई। इसके बाद मोटे मुनाफे का लाभ देकर खाते से अलग-अलग रकम ली गई। कुल 23 लाख रुपये की ठगी की गई।
केस नंबर दो : मेेडिकल थाना क्षेत्र में भवन सामग्री से जुड़े कारोबारी ने दो नवंबर को मेडिकल थाने में क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर 26 लाख की ठगी का केस दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि क्रिप्टोकरेंसी में ऑनलाइन निवेश करने वाली साइटों का हवाला देकर टेलीग्राम ग्रुप पर जोड़ा गया और फिर ठगी की गई।
केस नंबर तीन : पल्लपुरम थाने में एक अन्य कारोबारी ने बताया कि वह दो माह पहले ही वर्चुअल निवेश के झांसे में आ गए। उनसे पांच लाख रुपये की ठगी की गई। बाद में पता चला कि कुछ अन्य लोग भी उनकी तरह ठगी के शिकार हुए हैं, लेकिन इनकम टैक्स सहित अन्य कारणों से अभी सामने नहीं आ रहे हैं।
इन साइटों के नाम पर देते रहे झांसा
साइबर टीम के मुताबिक क्यू कोइंग, वजीरएक्स, कोइंग डेस्क, क्रॉसटावर जैसे नाम वाली ऑनलाइन साइटों का हवाला देकर निवेश का झांसा दिया गया। उनके दोस्तों के पास भी कुछ ऑनलाइन संदेश भेजकर निवेश करने को कहा गया।
रजिस्ट्रेशन के लिए पासवर्ड तक के मेसेज दिए गए। यह भी कहा गया कि डॉलर और अन्य विदेशी मुद्रा में निवेश के बाद भारतीय मुद्रा में अधिक राशि मिलेगी। जमा की गई राशि से दोगुना और इससे भी अधिक मुनाफा दिलाने के दावे किए गए।
वर्चुअल निवेश के नाम पर हो रहा यह धोखा
एसपी क्राइम अनित कुमार का कहना है कि वर्चुअल निवेश के नाम पर यह बड़ा धोखा हो रहा है। ऐसे साइबर जालसाजों से सावधान रहने की जरूरत है। खासकर टेलीग्राम, व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर दिए जाने वाले प्रलोभनों से बचने की जरूरत है।
यह भी पढ़ें: Meerut: सिक्योरिटी गार्ड को बंधक बनाकर व्यापारी के घर में बदमाशों ने डाली डकैती
ठगी हो या संदेह तो यहां करें संपर्क
- हेल्पलाइन नंबर 1930
- साइबर सेल सीओजी नंबर 7839855538
- नोडल अधिकारी 9454401100
- www.cybercrime.gov.in की साइट पर आकर कुछ जरूरी जानकारियों के साथ ई-मेल के माध्यम से शिकायत की जा सकती है।
साइबर टीम के मुताबिक क्यू कोइंग, वजीरएक्स, कोइंग डेस्क, क्रॉसटावर जैसे नाम वाली ऑनलाइन साइटों का हवाला देकर निवेश का झांसा दिया गया। उनके दोस्तों के पास भी कुछ ऑनलाइन संदेश भेजकर निवेश करने को कहा गया।
रजिस्ट्रेशन के लिए पासवर्ड तक के मेसेज दिए गए। यह भी कहा गया कि डॉलर और अन्य विदेशी मुद्रा में निवेश के बाद भारतीय मुद्रा में अधिक राशि मिलेगी। जमा की गई राशि से दोगुना और इससे भी अधिक मुनाफा दिलाने के दावे किए गए।
वर्चुअल निवेश के नाम पर हो रहा यह धोखा
एसपी क्राइम अनित कुमार का कहना है कि वर्चुअल निवेश के नाम पर यह बड़ा धोखा हो रहा है। ऐसे साइबर जालसाजों से सावधान रहने की जरूरत है। खासकर टेलीग्राम, व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर दिए जाने वाले प्रलोभनों से बचने की जरूरत है।
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ठगी हो या संदेह तो यहां करें संपर्क
- हेल्पलाइन नंबर 1930
- साइबर सेल सीओजी नंबर 7839855538
- नोडल अधिकारी 9454401100
- www.cybercrime.gov.in की साइट पर आकर कुछ जरूरी जानकारियों के साथ ई-मेल के माध्यम से शिकायत की जा सकती है।