UP: मेरठ रेंज में 44 फर्जी जमानतदारों की पहचान, 21 मामलों में दर्ज हुआ मुकदमा
मेरठ रेंज में ऑपरेशन जमानतदार सत्यापन के तहत पुलिस ने 44 फर्जी जमानतदारों को चिह्नित किया है। 21 मामलों में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की गई है। अभियान में 155 पेशेवर और बाहरी जमानतदार भी सामने आए।
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मेरठ में आपराधिक मामलों में अभियुक्तों को जमानत दिलाने वाले पेशेवर और फर्जी जमानतदारों के खिलाफ चलाए गए एक माह के विशेष अभियान ऑपरेशन जमानतदार सत्यापन के तहत मेरठ रेंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। अभियान के दौरान कुल 2283 जमानतदारों का सत्यापन किया गया।
155 जमानतदार पाए गए संदिग्ध
सत्यापन में 155 जमानतदार पेशेवर, फर्जी या बाहरी पाए गए। इनमें से 44 फर्जी जमानतदारों के खिलाफ 21 आपराधिक मामलों में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई है।
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गंभीर अपराधों के मामलों में हुआ सत्यापन
डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने बताया कि यह अभियान रेंज के चारों जनपदों-मेरठ, बागपत, हापुड़ और बुलंदशहर-में चलाया गया। पिछले तीन वर्षों में दर्ज संपत्ति से जुड़े गंभीर अपराधों जैसे डकैती, चोरी, लूट, छिनैती, फिरौती के लिए अपहरण, हत्या और धोखाधड़ी के मामलों में अभियुक्तों के जमानतदारों का गहन सत्यापन किया गया।
मेरठ जनपद में 28 फर्जी जमानतदार जेल भेजे गए
डीआईजी ने बताया कि अकेले मेरठ जनपद में 720 जमानतदारों का सत्यापन हुआ। इनमें 26 पेशेवर और 28 फर्जी जमानतदार पाए गए। इन मामलों में 12 मुकदमे दर्ज कर 28 आरोपियों को जेल भेजा गया है।
गलत दस्तावेजों पर लगेगा अंकुश
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जमानत के नाम पर गलत तथ्यों और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर रोक लगाना है। आगे भी इस तरह के सत्यापन अभियान जारी रहेंगे ताकि अपराधियों को संरक्षण देने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।