गोशाला में भूख-प्यास से तड़प रहे गोवंश, अब तक 35 गायों की मौत, नहीं है पानी-चारे की व्यवस्था
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मेरठ में सरूरपुर थाना क्षेत्र के गांव उकसिया स्थित गोशाला में भूख, प्यास और तेज धूप के कारण छह गायों की मौत हो गई। लापरवाही का आलम ये है कि अभी तक पशु चिकित्सक जांच करने गोशाला नहीं पहुंचे, जबकि कई गोवंश अभी भी बीमार हैं। इससे ग्रामीणों में रोष है। पिछले दो माह से यहां 35 पशुओं की मौत हो चुकी है।
रोहटा ब्लॉक के गांव उकसिया के जंगल में प्रशासन ने साढ़े तीन माह पहले गोशाला का निर्माण कराया था। करीब 18 बीघा इस जमीन की तारबंदी कर 200 गोवंश छोड़ दिए थे, लेकिन आज तक गोवंशों के लिए धूप से बचने व चारे, पानी और छाया की व्यवस्था नहीं की गई। इस कारण दो माह में ही 35 से ज्यादा गोवशं मर चुके हैं।
इसके बाद भी प्रशासन इनकी सुध लेने के लिए तैयार नहीं है। सोमवार को भूख, प्यास और तेज धूप के कारण छह गायों की मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि गायों की मौत के बाद भी उन्हें उठाने की उचित व्यवस्था नहीं है। शिकायत के बाद भी अधिकारी नहीं सुन रहे हैं। अभी भी गोशाला में कई गोवंश बीमार हैं।
एक खोर और 200 गोवंश
गोशाला में गायों के चारा खाने के लिए एक खोर ही बनाई गई है। ऐसे में एक खोर में 200 पशु कैसे चारा खा पाएंगे। वहीं बिजली कनेक्शन न होने के कारण पानी की भी उचित व्यवस्था गोवंश के लिए नहीं हो रही है। इस कारण ज्यादा पशु प्यासे ही रहते हैं।
तारों को फांद रहे गोवंश
भूख से तड़प रहे गोवंश चारे के लिए तारबंदी फांदकर पड़ोस के खेतों में घुसकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसी कारण खेत मालिक भी नाराज हैं। गोशाला में तैनात चौकीदारों का कहना है कि गोवंशों के लिए बाहर से धान के पूलों का सूखा भूसा मंगाया जाता है, लेकिन भुगतान समय से नहीं होने पर वह आपूर्ति करने वाले सप्लाई बंद कर देते हैं। ऐसे में गोवंश भूखे ही रहने को मजबूर हैं।
नहीं पहुंचे चिकित्सक
गोशाला में पशु कई माह से बीमार हैं। आए दिन इनकी मौत हो रही है, लेकिन अभी तक कोई भी सरकारी चिकित्सक इनके उपचार के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद भी कोई सुनने के लिए तैयार नहीं है। ग्रामीणों का कहना है यदि प्रशासन इन गोवंशों के लिए चारा, पानी और छाया की व्यवस्था नहीं कर सकता तो इन्हें खुला छोड़ दें। कम से कम गोवंश भूखे तो नहीं मरेंगे।
जांच कराई जाएगी
मुझे गोशाला में छह गायों की मौत की जानकारी नहीं है। गोशाला में पर्याप्त सुविधाओं को लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है। फिलहाल गोशाला के लिए चारे का बजट मिल रहा है, बाकी सुविधाओं के लिए ग्रामीण सहयोग कर रहे हैं। यदि कोई असुविधा हो रही है तो मौके पर जाकर जांच कराई जाएगी। - सचिन चौधरी, प्रभारी बीडीओ विकास खंड रोहटा
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