Meerut: दमकल की 16 गाड़ियां, 65 हजार लीटर पानी, आग बुझाने के संसाधन नाकाफी, दूसरे जिलों से मांगनी पड़ती है मदद
मेरठ जिले में अग्निशमन के सीमित संसाधन जिले आग बुझाने के लिए नाकफी हैं। ऊंची इमारतों में आग पर नियंत्रण के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफार्म गाड़ी तक नहीं हैं। दूसरे जिलों से गाड़ियां मंगानी पड़ती हैं।
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मेरठ जिले में करीब 40 लाख वाली आबादी के बीच आग लगने की घटनाओं के दौरान बचाव के लिए दमकल की 16 गाड़ियां हैं। इनमें 65 हजार लीटर पानी की क्षमता है। ऐसे में यदि कहीं बड़ा हादसा हो जाए तो आग पर समय से नियंत्रण पाना आसान नहीं होगा। राहत के लिए संसाधनों की कमी के कारण ही अक्सर बड़ी घटनाओं के दौरान आग बुझाने के लिए दूसरे जिलों से गाड़ियां मंगवानी पड़ती हैं।
शहर में कई ऊंची इमारतें, शिक्षण संस्थान, होटल, कारखाने, सरकारी कार्यालय, कोर्ट सहित अन्य भवन हैं। तीन से पांच मंजिला इमारत में आग बुझाने के लिए ऊंची सीढ़ी वाली हाइड्रोलिक प्लेटफार्म गाड़ी की जरूरत होती है। यह भी दमकल विभाग के पास नहीं है।
नौचंदी इलाके में फर्नीचर शोरूम की तीसरी मंजिल पर लगी आग बुझाने के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफार्म गाड़ी होती तो काफी नुकसान होने से बचाया जा सकता है। पहले मिले को यह गाड़ी मिली थी, लेकिन कुछ महीनों बाद ही गाड़ी को गौतमबुद्ध नगर भेज दिया गया था।
चार फायर स्टेशनों पर गाड़ियों की स्थिति
पुलिस लाइन 08 गाड़ी
परतापुर 02 गाड़ी
मवाना 03 गाड़ी
घंटाघर 02 गाड़ी
सरधना 01 गाड़ी
जिले में दमकल गाड़ियों की कमी है। इसके लिए शासन को पत्र भेजा गया है। चार और बड़ी गाड़ियो की मांग की गई है। दिसंबर में कुछ गाड़ी मिलने की उम्मीद है। - संतोष राय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी