फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut 150 pilgrims stranded at Badrinath route

बद्रीनाथ मार्ग पर फंसे मेरठ के 150 श्रद्धालु 

Mon, 01 Aug 2016 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ Updated Mon, 01 Aug 2016 02:08 AM IST
विज्ञापन
Meerut 150 pilgrims stranded at Badrinath route
गुप्ता कॉलोनी में मौजूजद बंदरीनाथ में फंसे लोगों के परिजन। - फोटो : अमर उजाला
भगवान बद्रीनाथ के दर्शन करने गए मेरठ के श्रद्धालु फंस गए हैं। 150 से अधिक शहरवासी पंजाब सिंध धर्मशाला में कैद हैं। खाना तो दूर पानी तक के लाले पड़ गए हैं। खाने की चीजें तीन गुना अधिक कीमत पर मिल रही हैं। इस धर्मशाला में तीन हजार से अधिक लोग हैं। उत्तराखंड सरकारी की बेरुखी देखकर श्रद्धालु खुद ही सड़क बनाने में जुट गए हैं।
विज्ञापन


ट्रांसपोर्ट नगर की गुप्ता कॉलोनी निवासी अंकुर कुमार प्रजापति ने फोन पर बताया कि कि अपने साथी विजित शर्मा, विक्की शर्मा, राजकुमार शर्मा, कमल, अंकुश ढांका, योगेंद्र चाहर के साथ भगवान बद्रीनाथ के दर्शन करने आए थे। 27 जुलाई को बारिश के कारण लामबगड़ के निकट लगभग एक किमी सड़क पानी में बह गई। उसी दिन से लगभग तीन हजार श्रद्धालु फंसे हैं। मेरठ के 150 श्रद्धालु हैं। सरकार ने न तो उनके खाने की व्यवस्था की है और न सही प्रकार से रहने की। एक धर्मशाला खोली गई है, जिसमें भी लोग भूसे की तरह भरे हैं। लोगों ने विरोध किया तो उन्हें तीन दिन तक एक कमरे में बंद रखा।
विज्ञापन


पुलिस एक नहीं सुन रही है। अब दिन निकलते ही प्रतिदिन 250 से अधिक युवा पहाड़ी से पत्थर लाकर सड़क बनाने का काम कर रहे हैं। सरकार ने केवल सात लोगों को सड़क निर्माण में लगाया है। अब तो श्रद्धालुओं का जेब खर्च भी खत्म हो गया है। अंकुर कुमार ने बताया कि जेपी ग्रुप के कुछ लोगों ने बताया कि अगर सरकार अनुमति दे तो हनुमान चट्टी से एक सुरंग का रास्ता है, जिससे सभी को निकाला जा सकता है। उन्होंने बताया कि कई दिन में रविवार को परिवार के सदस्यों से बात हुई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आज डीएम से मिलेंगे परिवार
बद्रीनाथ
मार्ग पर फंसे गुप्ता कॉलोनी के श्रद्धालुओं के परिवार वाले सोमवार को डीएम जगतराज से मिलकर सहायता की मांग करेंगे। अंकुर की पत्नी हेमा, माता शीला, पिता नरेंद्र और योगेंद्र की माता नेमवती पिता रूप सिंह, विजित के पिता ओमपाल शर्मा और विक्की शर्मा के पिता चंद्र किरण और माता मंजू का कहना है कि काफी प्रयास के बाद रविवार को ही बच्चों से संपर्क हो पाया है। वे डीएम से बात कर मदद की गुहार लगाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed