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Meerut: 'मम्मी-पापा मुझे पढ़ना नहीं आता...', लिखकर दसवीं की छात्रा ने दी जान, सीआईएसएफ में दरोगा हैं पिता
Tue, 13 Jan 2026 09:42 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Tue, 13 Jan 2026 09:42 AM IST
सार
रोहटा रोड निवासी छात्रा के प्री बोर्ड का एक पेपर अच्छा नहीं गया था। उसे कम अंक आने की आशंका थी। पुलिस का कहना है कि इसी तनाव में छात्र ने जान दी है। परिजनों ने कानूनी कार्रवाई से इंकार कर दिया।
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सांकेतिक तस्वीर।
विस्तार
सॉरी मम्मी-पापा मुझे पढ़ना नहीं आता है। मुझे कोई काम नहीं आता है। मैं जा रही हूं बाय। सुसाइड नोट में यह बात लिखकर कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के रोहटा रोड निवासी दसवीं की छात्रा ने फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस का कहना है कि छात्रा ने प्री बोर्ड की परीक्षा में कम अंक आने की आशंका पर खुदकुशी की है। परिजन ने कानूनी कार्रवाई से इन्कार किया है। छात्रा का शव परिजन को सौंप दिया गया है।
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सीओ दौराला प्रकाश चंद अग्रवाल ने बताया कि संगम कॉलोनी निवासी सीआईएसएफ के दरोगा दिल्ली एयरपोर्ट पर तैनात हैं। वह मूलरूप से परीक्षितगढ़ क्षेत्र के रहने वाले हैं और फिलहाल उनका परिवार संगम कॉलोनी में रह रहा है। उनकी दो बेटियां हैं। दरोगा सोमवार को दिल्ली में ड्यूटी पर थे। उनकी पत्नी पड़ोसी के घर गईं थीं।
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दोपहर के समय बड़ी बेटी दूसरी मंजिल पर बने कमरे में चली गई थी। जब काफी देर तक वह घर में नहीं दिखाई दी तो छोटी बहन ने ऊपर कमरे पर जाकर देखा तो बड़ी बहन का शव फंदे पर लटका हुआ था। छोटी बेटी के रोने की आवाज सुनकर पड़ोसी व उनकी मां भी घर आ गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रा के शव को उतारा। पिता भी शाम को दिल्ली से घर पहुंचे। उन्होंने कानूनी कार्रवाई से इन्कार कर दिया।
सीओ का कहना है कि परिजन से पूछताछ में पता चला है कि छात्रा की प्री बोर्ड की परीक्षा चल रही है। उसका एक पेपर सही नहीं गया था। उसे आशंका था कि उसके अंक कम आएंगे। इससे परेशान होकर छात्रा ने जान दी है।