फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   medical

Meerut News: एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज का स्थापना दिवस 28 को

Thu, 25 Jan 2024 07:16 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jan 2024 07:16 PM IST
विज्ञापन
medical
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज का स्थापना दिवस 28 को
विज्ञापन


मेडिकल ने दिए सात हजार से ज़्यादा चिकित्सक, देश-विदेश में नाम कर रहे रोशन

माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। मेडिकल कॉलेज का 58वां स्थापना दिवस रविवार को मनाया जाएगा। यहां से अब तक 7345 विद्यार्थी एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त कर चुके हैं। इनमें से 3277 ने स्नातकोत्तर और 28 ने डीएम एंडोक्राइनोलॉजी की डिग्रियां भी प्राप्त की हैं। कई डॉक्टर विदेशों में भी यहां का नाम रोशन कर रहे हैं। यह प्रदेश का एकमात्र राजकीय मेडिकल कॉलेज है, जहां डीएम एंडोक्राइनोलॉजी पाठ्यक्रम उपलब्ध है।
1963 को यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रभानु गुप्ता ने मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया था। बाद में कॉलेज का नाम लाला लाजपत रॉय के नाम पर रखा गया। 1966 में पहले बैच में यूजी में 58 छात्रों के प्रवेश हुए। इसी वर्ष के बाद से यह स्थापना दिवस मनाया जाता है। 28 जनवरी 1969 को कॉलेज बिल्डिंग का लोकार्पण डॉ.बी गोपाला रेड्डी ने किया।
विज्ञापन

एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने वाले चिकित्सक विदेशों में भी सफल प्रैक्टिस कर रहे हैं। डॉ. रिम्मी 1988 बैच की हैं। लंदन में प्रैक्टिस करती हैं। लंदन में ही 1988 बैच के डॉ. मनोज श्रीवास्तव चिकित्सा करते हैं। 1989 बैच के चिकित्सक डॉ. मोहित सिंह नेगी अमेरिका में चिकित्सा करते हैं। 1990 बैच की चिकित्सक डॉ. दीप्ति मलिक अमेरिका के टाउन पेंसिल्वेनिया में हैं। वह इंफेक्शन डिसीज एक्सपर्ट हैं। इसी बैच की दुबई में गायनी की चिकित्सक हैं डॉ. अंशु जैन। 1991 बैच की डॉ. नीतू मोहन अमेरिका में मेडिसिन इंफार्मेटिक हैं। इनका काम मरीज और बीमारी से जुड़ी जानकारी पोर्टल पर लाना है। वह टेली मेडिसिन को बढ़ावा दे रही हैं। 1990 बैच के ही डॉ. वी विवेक अमेरिका में प्राइमरी केयर चिकित्सक हैं। 1992 बैच के सिंगापुर में डॉ. राशि अग्रवाल हैं। कोलंबिया में डॉ. मेधा गर्ग रेडियोलॉजी की एसोसिएट प्रोफेसर हैं। यूएसए में डॉ. रुचि श्रेष्ठा यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट पीटर्स बर्ग में रेडियोलॉजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। डॉ. रेसु बिक्रम इसी यूनिवर्सिटी में चीफ इनोवेशन ऑफिसर हैं। इनके अलावा अमेरिका में डॉ. शक्ति श्रीवास्तव, डॉ. सोनिया और डॉ. श्वेता आदि हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



एमबीबीएस की 50 सीटें वापस पाने का प्रयास: प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पहले 100 सीटें थीं। इन्हें बढ़ाकर साल 2013 में 150 कर दिया गया था। 2019 में बेड के हिसाब से मरीज़ों की संख्या कम होने के कारण यहां की 50 एमबीबीएस की सीटें कम कर दी गईं थीं। अब 100 सीटें हैं। प्राचार्य डॉ आरसी गुप्ता का कहना है कि अपनी गवाईं 50 सीटों को फिर से पाने का प्रयास है, साथ ही 50 और सीटें बढ़ाने की कोशिश है ताकि 200 एमबीबीएस की सीटें यहां हो जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed