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मेडिकल में 16.70 करोड़ बदलेगा शिक्षा की सूरत
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Tue, 12 Jul 2016 02:10 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की अब सूरत बदलने जा रही है। मेडिकल कॉलेज बड़े चिकित्सा संस्थानों को टक्कर देने की तैयारी में है। खासकर शोध के क्षेत्र में विशेष तौर पर काम होगा। कॉलेज कैंपस में स्टूडेंट्स और फैकल्टी के लिए मेडिकल साइंस से जुड़ीं तमाम किताबें उपलब्ध होंगी।
जिनकी स्टूडेंट्स और चिकित्सक पढ़ाई एवं प्रैक्टिस में मदद ले सकेंगे। शोध से जुड़ी चीजों को बेहतर करने के लिए 16.70 करोड़ रुपया खर्च किया जा रहा है। जिसकी मदद से मेजर लेक्चर थियेटर एवं लाइब्रेरी बनाई जानी है। पहले राउंड में लाइब्रेरी का करीब 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है। दिसंबर तक कॉलेज को हैंडओवर कर दी जाएगी।
मेजर लेक्चर थियेटर व लाइब्रेरी के निर्माण का जिम्मा उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के पास है।
जिसे निर्धारित धनराशि में से 6.40 करोड़ रुपये रुपये दिए जा चुके हैं। इसकी मदद से लाइब्रेरी के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। जल्द ही प्रोजेक्ट के लिए निर्धारित रकम में से दूसरी किश्त भी कार्यदायी संस्था को मिलने जा रही है। लाइब्रेरी का काम पूरा होते ही मेजर लेक्चर थियेटर का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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दोनों बिल्डिंग एक साथ मिलकर बनेगी। इसके लिए ओपीडी के सामने स्थित कैंटीन को भी तोड़े जाने की तैयारी है। क्योंकि वहां तक लेक्चर थियेटर की बिल्डिंग बनाई जानी प्रस्तावित है। उनकी मुख्य एंट्री फार्मेसी विभाग की तरफ से होगी। लेक्चर थियेटर व लाइब्रेरी की सारी बिल्डिंग सेंट्रलाइज होगी। उसमें एसी की सुविधा होगी।
इंटरनेट कैफे, वाई-फाई की सुविधा
लाइब्रेरी में मेडिकल साइंस की किताबें के साथ ही साहित्य व लोगों के जीवन से जुड़ी किताबें भी होंगी। इसके साथ ही लाइब्रेरी के अंदर इंटरनेट कैफे संचालित करने की योजना है। जिसमें कोई भी स्टूडेंट या फैकल्टी आसानी से जाकर अपने जरूरत की चीजों को इंटरनेट पर खोज सकेंगे। लाइब्रेरी में वाई-फाई की सुविधा भी दी जाएगी। जिसकी मदद से लाइब्रेरी में स्टूडेंट अपने गैजेट्स पर भी इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकेंगे।
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जिनकी स्टूडेंट्स और चिकित्सक पढ़ाई एवं प्रैक्टिस में मदद ले सकेंगे। शोध से जुड़ी चीजों को बेहतर करने के लिए 16.70 करोड़ रुपया खर्च किया जा रहा है। जिसकी मदद से मेजर लेक्चर थियेटर एवं लाइब्रेरी बनाई जानी है। पहले राउंड में लाइब्रेरी का करीब 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है। दिसंबर तक कॉलेज को हैंडओवर कर दी जाएगी।
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मेजर लेक्चर थियेटर व लाइब्रेरी के निर्माण का जिम्मा उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के पास है।
जिसे निर्धारित धनराशि में से 6.40 करोड़ रुपये रुपये दिए जा चुके हैं। इसकी मदद से लाइब्रेरी के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। जल्द ही प्रोजेक्ट के लिए निर्धारित रकम में से दूसरी किश्त भी कार्यदायी संस्था को मिलने जा रही है। लाइब्रेरी का काम पूरा होते ही मेजर लेक्चर थियेटर का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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दोनों बिल्डिंग एक साथ मिलकर बनेगी। इसके लिए ओपीडी के सामने स्थित कैंटीन को भी तोड़े जाने की तैयारी है। क्योंकि वहां तक लेक्चर थियेटर की बिल्डिंग बनाई जानी प्रस्तावित है। उनकी मुख्य एंट्री फार्मेसी विभाग की तरफ से होगी। लेक्चर थियेटर व लाइब्रेरी की सारी बिल्डिंग सेंट्रलाइज होगी। उसमें एसी की सुविधा होगी।
इंटरनेट कैफे, वाई-फाई की सुविधा
लाइब्रेरी में मेडिकल साइंस की किताबें के साथ ही साहित्य व लोगों के जीवन से जुड़ी किताबें भी होंगी। इसके साथ ही लाइब्रेरी के अंदर इंटरनेट कैफे संचालित करने की योजना है। जिसमें कोई भी स्टूडेंट या फैकल्टी आसानी से जाकर अपने जरूरत की चीजों को इंटरनेट पर खोज सकेंगे। लाइब्रेरी में वाई-फाई की सुविधा भी दी जाएगी। जिसकी मदद से लाइब्रेरी में स्टूडेंट अपने गैजेट्स पर भी इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकेंगे।